वॉशिंगटन,29 जुलाई (युआईटीवी)- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान के साथ चल रहा विवाद समाप्त होने के बाद अमेरिकी अर्थव्यवस्था और अधिक तेज गति से आगे बढ़ेगी। उनका कहना है कि उनके प्रशासन की आर्थिक नीतियाँ पहले कार्यकाल की तुलना में अधिक प्रभावी साबित होंगी और टैक्स सुधार,टैरिफ नीति तथा ऊर्जा क्षेत्र में उठाए गए कदम अमेरिका को नई आर्थिक ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगे। ट्रंप ने यह भी विश्वास जताया कि शेयर बाजार,निवेश,रोजगार और औद्योगिक उत्पादन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आने वाले समय में और बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।
फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की मौजूदा आर्थिक स्थिति पहले से ही मजबूत है, लेकिन जैसे ही ईरान से जुड़ा मौजूदा विवाद समाप्त होगा,अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि हालात लगातार बेहतर हो रहे हैं और इसका सबसे बड़ा प्रमाण अमेरिकी शेयर बाजार है,जो लगातार नई ऊँचाइयों को छू रहा है। ट्रंप के अनुसार निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और बाजार का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि आर्थिक नीतियाँ सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका में रिटायरमेंट बचत योजनाओं,विशेष रूप से 401 (के) अकाउंट्स का मूल्य रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। उन्होंने दावा किया कि उनके मौजूदा कार्यकाल के शुरुआती डेढ़ वर्ष के दौरान शेयर बाजार लगभग 80 दिनों तक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा। ट्रंप ने इसे अपनी सरकार की आर्थिक नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम बताते हुए कहा कि आम अमेरिकी नागरिकों की बचत और निवेश में लगातार वृद्धि हो रही है। उनके अनुसार यह स्थिति दर्शाती है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत आधार पर खड़ी है और आने वाले समय में इसमें और सुधार होगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि वह अपने पहले कार्यकाल की तुलना में इस बार और बेहतर आर्थिक प्रदर्शन करने को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने कहा कि पहले कार्यकाल में भी अमेरिका ने आर्थिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की थीं,लेकिन इस बार लागू की गई नीतियाँ उससे भी अधिक प्रभावशाली साबित होंगी। उनके अनुसार मौजूदा प्रशासन ने टैक्स सुधार,उद्योगों को प्रोत्साहन,ऊर्जा उत्पादन और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई ऐसे कदम उठाए हैं,जिनका लाभ आने वाले वर्षों में और स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
ट्रंप ने टेनेसी में रिपब्लिकन सांसद एंडी ओगल्स के समर्थन में आयोजित एक वर्चुअल टेली-रैली के दौरान भी इसी विषय पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रहा तनाव समाप्त होने और तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने वाले किसी संभावित समझौते के बाद वैश्विक अनिश्चितता कम होगी,जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी। उनके अनुसार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता आने से ऊर्जा बाजारों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे और इसका लाभ अमेरिका को मिलेगा।
राष्ट्रपति ने ऊर्जा क्षेत्र को अपनी आर्थिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि अमेरिका को ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में उनकी सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने एंडी ओगल्स की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिकी ऊर्जा प्रभुत्व को मजबूत करने वाली नीतियों का समर्थन किया है। ट्रंप का मानना है कि ऊर्जा क्षेत्र में उत्पादन बढ़ने से उद्योगों की लागत कम होगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान के दौरान बार-बार जिस टैक्स कानून का उल्लेख किया है, उसका जिक्र भी इस इंटरव्यू में किया। उन्होंने इसे “बहुत बड़ा और शानदार बिल” बताते हुए दावा किया कि इस कानून के माध्यम से कई वर्गों को कर राहत प्रदान की गई है। उनके अनुसार टिप्स से होने वाली आय,ओवरटाइम से होने वाली अतिरिक्त कमाई और वरिष्ठ नागरिकों की सोशल सिक्योरिटी आय पर टैक्स समाप्त करने जैसे कदमों से करोड़ों अमेरिकी नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। ट्रंप का कहना है कि इन प्रावधानों से लोगों की क्रय क्षमता बढ़ेगी,जिससे अर्थव्यवस्था में माँग और निवेश दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इन आर्थिक फैसलों का राजनीतिक असर भी देखने को मिलेगा। ट्रंप के अनुसार यदि जनता को इन नीतियों का लाभ मिलता रहा,तो रिपब्लिकन पार्टी आगामी मध्यावधि चुनावों में कांग्रेस पर अपना नियंत्रण बनाए रखने में सफल होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कर राहत और आर्थिक विकास से जुड़े फैसले मतदाताओं के बीच सकारात्मक संदेश देंगे और पार्टी को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त होगा।
राष्ट्रपति ने अमेरिका में निर्मित वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई नीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने ऐसा नियम लागू किया है,जिसके तहत अमेरिका में बनी गाड़ियों के लिए लिए गए वाहन ऋण पर ब्याज के संबंध में टैक्स में छूट दी जाती है। उनके अनुसार यह नीति टैरिफ व्यवस्था के साथ मिलकर वाहन निर्माण कंपनियों को अमेरिका में उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। ट्रंप का दावा है कि इस कदम से घरेलू ऑटोमोबाइल उद्योग को नई ऊर्जा मिली है और देश में विनिर्माण गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं।
फॉक्स न्यूज से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि वर्तमान समय में अमेरिका में पहले की तुलना में अधिक कार फैक्ट्रियों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने इसे अपनी औद्योगिक नीति की सफलता बताया और कहा कि घरेलू उत्पादन बढ़ने से रोजगार के अवसर भी लगातार बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार यदि विनिर्माण क्षेत्र मजबूत होता है,तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
ट्रंप ने अपनी टैरिफ नीति का भी जोरदार बचाव किया। उन्होंने कहा कि आयातित वस्तुओं पर लगाए गए शुल्क से अमेरिका को सैकड़ों अरब डॉलर की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है। उनका दावा है कि इस नीति ने घरेलू उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से सुरक्षा प्रदान की है और अमेरिकी कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने का अवसर दिया है। उन्होंने विशेष रूप से जनरल मोटर्स का उल्लेख करते हुए कहा कि टैरिफ नीति से अमेरिकी वाहन उद्योग को मजबूती मिली है और विदेशी कंपनियों को भी अमेरिका में अपनी उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन मिला है।
राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य केवल आयात पर शुल्क लगाना नहीं है, बल्कि अमेरिका को विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाना है। उनके अनुसार जब विदेशी कंपनियाँ अमेरिका में कारखाने स्थापित करती हैं, तो इससे रोजगार बढ़ता है,स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और तकनीकी निवेश में भी वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि उनकी सरकार घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता देने वाली नीतियों पर लगातार काम कर रही है।
डोनाल्ड ट्रंप ने याद दिलाया कि अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने टैरिफ को आर्थिक नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया था। उस समय आयातित इस्पात,एल्युमीनियम और चीन से आने वाले कई उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था। ट्रंप का कहना है कि इन कदमों से अमेरिकी उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिली थी। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा कार्यकाल में इन नीतियों को और व्यापक रूप से लागू किया गया है, ताकि अमेरिकी उद्योगों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।
हालाँकि, ट्रंप के इन दावों पर पहले भी विभिन्न अर्थशास्त्रियों और राजनीतिक विश्लेषकों की ओर से अलग-अलग राय सामने आती रही है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ नीति घरेलू उद्योगों को संरक्षण देती है,जबकि अन्य का तर्क है कि इससे आयातित वस्तुएँ महँगी हो सकती हैं और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। इसी तरह टैक्स में कटौती को लेकर भी अलग-अलग आर्थिक दृष्टिकोण मौजूद हैं। समर्थकों का कहना है कि इससे निवेश और रोजगार बढ़ते हैं,जबकि आलोचकों का मानना है कि इससे सरकारी राजस्व पर दबाव पड़ सकता है।
फिलहाल डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उनकी सरकार आने वाले समय में भी टैक्स सुधार,ऊर्जा उत्पादन,घरेलू विनिर्माण और टैरिफ आधारित आर्थिक रणनीति को प्राथमिकता देती रहेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ईरान से जुड़े हालात सामान्य होने के बाद अमेरिकी अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त गति मिलेगी और देश वैश्विक स्तर पर पहले से अधिक मजबूत आर्थिक स्थिति में पहुँच जाएगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले महीनों में अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियाँ,ऊर्जा बाजार और अमेरिकी आर्थिक संकेतक किस दिशा में आगे बढ़ते हैं तथा ट्रंप के दावों का वास्तविक प्रभाव कितना दिखाई देता है।
