कीर्ति कुल्हड़ी (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

मुंबई में साइबर ठगी का शिकार बनीं अभिनेत्री कीर्ति कुल्हड़ी,कुछ ही मिनटों में क्रेडिट कार्ड से उड़ाए 2.43 लाख रुपये

मुंबई, 30 जुलाई (युआईटीवी)- देशभर में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच अब फिल्मी हस्तियाँ भी डिजिटल ठगी करने वाले अपराधियों के निशाने पर आ गई हैं। मुंबई के वर्सोवा इलाके में रहने वाली प्रसिद्ध अभिनेत्री और फिल्म निर्माता कीर्ति कुल्हड़ी के साथ साइबर धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। अज्ञात साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर उनके मोबाइल फोन और क्रेडिट कार्ड तक अनधिकृत पहुँच हासिल कर कुछ ही मिनटों में 2 लाख 43 हजार 852 रुपये की ठगी कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही अभिनेत्री ने तत्काल बैंक से संपर्क किया और बाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर अंबोली पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। पुलिस के साथ-साथ साइबर सेल की टीम भी पूरे मामले की तकनीकी जाँच में जुट गई है।

प्राथमिकी के अनुसार,43 वर्षीय कीर्ति कुल्हड़ी मुंबई के वर्सोवा स्थित यारी रोड के संगीता अपार्टमेंट में किराए के मकान में रहती हैं। वह लंबे समय से हिंदी फिल्म उद्योग में सक्रिय हैं और अभिनय के साथ-साथ फिल्म निर्माण से भी जुड़ी हुई हैं। पुलिस को दिए गए बयान में उन्होंने बताया कि घटना 24 जुलाई 2026 की रात लगभग 9 बजकर 31 मिनट पर हुई। उस समय वह अँधेरी पश्चिम स्थित फन रिपब्लिक मॉल के पास एक मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखने गई थीं। फिल्म के दौरान अचानक उनके मोबाइल फोन पर बैंक की ओर से एक संदेश प्राप्त हुआ,जिसमें बताया गया कि उनके क्रेडिट कार्ड से एयरोमेक्सिको एयरलाइन के नाम पर 2,525 अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया गया है।

विदेशी मुद्रा में इतनी बड़ी राशि का भुगतान होने का संदेश देखकर अभिनेत्री चौंक गईं, क्योंकि उन्होंने ऐसा कोई लेनदेन नहीं किया था। उन्हें तुरंत संदेह हुआ कि उनके बैंक खाते या क्रेडिट कार्ड के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी हुई है। बिना समय गंवाए उन्होंने अपने बैंक की टोल-फ्री हेल्पलाइन पर संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी। बैंक अधिकारियों ने तत्काल उनके खाते और कार्ड की जाँच की। प्रारंभिक जाँच में यह सामने आया कि उनके क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके चार अलग-अलग बड़े ऑनलाइन लेनदेन किए गए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बैंक ने तुरंत उनका क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कर दिया,ताकि आगे किसी प्रकार का अनधिकृत लेनदेन न हो सके।

बैंक से जानकारी मिलने के बाद अभिनेत्री ने तुरंत पुलिस का रुख किया। अंबोली पुलिस थाने में दर्ज शिकायत में उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी अपने क्रेडिट कार्ड का पासवर्ड या अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा नहीं की। उनका कहना है कि उनके कार्ड से किए गए सभी लेनदेन पूरी तरह अनधिकृत थे और उनकी अनुमति के बिना किए गए। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि साइबर अपराधियों ने किसी तकनीकी माध्यम से उनके मोबाइल फोन या बैंकिंग जानकारी तक पहुँच बनाई होगी।

जाँच एजेंसियाँ इस संभावना पर भी काम कर रही हैं कि किसी डिजिटल मालवेयर, स्पाईवेयर या अन्य साइबर तकनीक के जरिए उनके मोबाइल फोन या ऑनलाइन बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी संवेदनशील जानकारी चोरी की गई हो। साइबर अपराधी अक्सर ऐसे दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं,जो मोबाइल फोन या कंप्यूटर में प्रवेश कर उपयोगकर्ता की निजी जानकारी,पासवर्ड और बैंकिंग विवरण चुरा लेते हैं। हालाँकि,इस मामले में अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि अपराधियों ने किस तरीके से जानकारी हासिल की,लेकिन साइबर विशेषज्ञ विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जाँच कर रहे हैं।

अंबोली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि साइबर सेल की विशेष टीम बैंक से प्राप्त ट्रांजैक्शन विवरण,रेफरेंस नंबर,भुगतान के डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जाँच कर रही है। इसके अलावा संबंधित विदेशी भुगतान मंच और बैंकिंग नेटवर्क से भी आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है,ताकि यह पता लगाया जा सके कि लेनदेन किस स्थान से और किन डिजिटल माध्यमों के जरिए किए गए।

जाँच अधिकारियों के अनुसार,ऐसे मामलों में डिजिटल फुटप्रिंट्स यानी इंटरनेट गतिविधियों के तकनीकी रिकॉर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भुगतान के दौरान इस्तेमाल किए गए आईपी एड्रेस,डिवाइस की जानकारी,भुगतान गेटवे और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों तक पहुँचने की कोशिश की जा रही है। यदि लेनदेन किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के माध्यम से किया गया है,तो जाँच एजेंसियाँ आवश्यक होने पर विदेशी संस्थाओं से भी सहयोग माँग सकती हैं।

मुंबई सहित देश के कई बड़े शहरों में हाल के वर्षों में साइबर अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि देखी गई है। पहले जहाँ ऐसे मामलों में आम नागरिक अधिक प्रभावित होते थे,वहीं अब व्यवसायी,उद्योगपति,सरकारी अधिकारी और मनोरंजन जगत से जुड़े लोग भी साइबर अपराधियों के निशाने पर आ रहे हैं। साइबर ठग अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर बैंकिंग प्रणाली,मोबाइल फोन और ऑनलाइन भुगतान माध्यमों का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। यही कारण है कि पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियाँ लगातार लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की सलाह देती रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करना,संदिग्ध मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करना या असुरक्षित इंटरनेट नेटवर्क का उपयोग करना साइबर अपराधियों के लिए अवसर पैदा कर सकता है। इसके अलावा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी,ओटीपी,पासवर्ड और कार्ड विवरण किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। यदि किसी भी प्रकार का संदिग्ध बैंकिंग संदेश प्राप्त हो,तो तुरंत बैंक से संपर्क करना सबसे सुरक्षित कदम माना जाता है।

इस मामले में भी अभिनेत्री कीर्ति कुल्हड़ी की सतर्कता के कारण समय रहते उनका क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कर दिया गया,जिससे आगे और अधिक आर्थिक नुकसान होने से बचाव हो सका। हालाँकि,उनके खाते से पहले ही बड़ी राशि निकल चुकी थी,लेकिन तत्काल कार्रवाई के कारण अतिरिक्त लेनदेन रुक गए। पुलिस अब यह भी जाँच कर रही है कि क्या अपराधियों ने केवल एक बार कार्ड का उपयोग किया था या भविष्य में भी उसका इस्तेमाल करने की योजना थी।

कीर्ति कुल्हड़ी हिंदी फिल्म उद्योग का जाना-पहचाना चेहरा हैं। उन्होंने कई चर्चित फिल्मों और वेब श्रृंखलाओं में अपने अभिनय से अलग पहचान बनाई है। सामाजिक और गंभीर विषयों पर आधारित फिल्मों में उनके अभिनय की काफी सराहना की गई है। ऐसे में उनके साथ हुई इस साइबर ठगी की घटना ने यह भी दिखाया है कि डिजिटल अपराधी किसी भी व्यक्ति को निशाना बना सकते हैं,चाहे वह आम नागरिक हो या कोई प्रसिद्ध हस्ती।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल फोन और बैंकिंग खातों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतें। मोबाइल में केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करें,समय-समय पर सुरक्षा अपडेट करते रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत बैंक तथा पुलिस को दें। जाँच एजेंसियों को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग रिकॉर्ड की मदद से आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें कानून के दायरे में लाया जा सकेगा। यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं,बल्कि हर नागरिक की दैनिक आवश्यकता बन चुकी है।