नई दिल्ली,31 जुलाई (युआईटीवी)- दुनिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल ने वित्तीय वर्ष की जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए वैश्विक स्तर पर नए राजस्व रिकॉर्ड बनाए हैं। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक ने कहा कि भारत सहित दुनिया के हर भौगोलिक क्षेत्र में जून तिमाही के दौरान अब तक का सर्वश्रेष्ठ राजस्व दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल हुई है,जब वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी चुनौतियां और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव जैसी परिस्थितियाँ बनी हुई थीं। इसके बावजूद कंपनी ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन करते हुए निवेशकों और बाजार की उम्मीदों से बेहतर परिणाम हासिल किए हैं।
एप्पल ने इस तिमाही में 109.4 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया,जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि कंपनी के उत्पादों की माँग दुनिया भर में लगातार मजबूत बनी हुई है। कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 50.1 प्रतिशत रहा,जिसमें टैरिफ रिफंड से लगभग दो प्रतिशत अंकों का अतिरिक्त लाभ शामिल है। वहीं प्रति शेयर डाइल्यूटेड आय 2.02 डॉलर रही,जो पिछले वर्ष की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक है। इस आँकड़े में टैरिफ रिफंड से प्रति शेयर 0.11 डॉलर का अतिरिक्त लाभ भी शामिल रहा।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक ने तिमाही नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एप्पल के लिए यह एक बेहद सफल तिमाही रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने अमेरिका,लैटिन अमेरिका,पश्चिमी यूरोप,भारत,चीन,जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया सहित हर प्रमुख बाजार में जून तिमाही के दौरान रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया है। उनके अनुसार यह प्रदर्शन दर्शाता है कि एप्पल के उत्पादों की वैश्विक माँग लगातार बनी हुई है और अलग-अलग क्षेत्रों में कंपनी की मजबूत उपस्थिति भविष्य की वृद्धि के लिए भी सकारात्मक संकेत देती है।
भारत का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए टिम कुक ने कहा कि भारतीय बाजार कंपनी के लिए लगातार मजबूत साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में एप्पल ने एक और रिकॉर्ड राजस्व वाली तिमाही दर्ज की है। उनके अनुसार भारत में मैक उत्पादों का प्रदर्शन सबसे अधिक प्रभावशाली रहा,जबकि आईफोन की माँग भी लगातार मजबूत बनी रही। उन्होंने कहा कि सीमित आपूर्ति के बावजूद भारतीय ग्राहकों ने एप्पल के उत्पादों के प्रति अपना भरोसा और उत्साह बनाए रखा।
मैक श्रेणी ने इस तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन को नई ऊँचाई दी। दुनिया भर में मैक से 10.4 अरब डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक है। यह जून तिमाही के इतिहास का सबसे बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है। कंपनी के अनुसार इस सफलता के पीछे मैकबुक नियो और मैकबुक प्रो मॉडल की मजबूत बिक्री रही। इन उत्पादों को व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं के साथ-साथ पेशेवर ग्राहकों और शिक्षा क्षेत्र से भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली।
एप्पल के मुख्य वित्तीय अधिकारी केवन पारेख ने भी कंपनी के मजबूत प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस बार मैक ने कंपनी के इतिहास की सबसे सफल तिमाही दर्ज की है। उनके अनुसार बड़ी संख्या में नए ग्राहकों ने पहली बार मैक खरीदा, जबकि पहले से एप्पल का उपयोग कर रहे कई ग्राहकों ने भी अपने पुराने उपकरणों को अपग्रेड किया। उन्होंने बताया कि अमेरिका,चीन और भारत जैसे बड़े बाजारों में मैक की मांग विशेष रूप से मजबूत रही।
भारत में मैक की रिकॉर्ड बिक्री के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एप्पल के नए उत्पादों में बेहतर प्रदर्शन,लंबी बैटरी लाइफ,उन्नत प्रोसेसर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुविधाओं ने ग्राहकों को आकर्षित किया है। इसके अलावा शिक्षा, स्टार्टअप और पेशेवर क्षेत्रों में मैक उपकरणों की बढ़ती स्वीकार्यता ने भी बिक्री को गति दी है।
आईफोन श्रेणी में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत बना रहा। भारत में आईफोन 17 सीरीज की लगातार ऊँची माँग देखने को मिली। हालाँकि,सीमित आपूर्ति के कारण सभी ग्राहकों को समय पर डिवाइस उपलब्ध नहीं हो सके,फिर भी माँग में कोई कमी नहीं आई। यह स्थिति इस बात का संकेत है कि भारतीय प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में एप्पल की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि एप्पल की सफलता का एक महत्वपूर्ण कारण उसकी मूल्य निर्धारण रणनीति भी है। वैश्विक स्तर पर मेमोरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की लागत बढ़ने के बावजूद कंपनी ने अधिकांश उत्पादों की कीमतों को अपेक्षाकृत स्थिर रखा है। इससे उपभोक्ताओं का भरोसा बना रहा और बिक्री पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि लागत बढ़ने के बावजूद एप्पल अपनी मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और परिचालन क्षमता के कारण कीमतों को नियंत्रित रखने में सफल रही है।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के निदेशक तरुण पाठक ने कहा कि भारत में एप्पल के लिए आने वाला समय भी सकारात्मक दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार वर्ष 2026 के दौरान भारत में कंपनी की बिक्री मात्रा में एकल अंक की वृद्धि हो सकती है,जबकि मूल्य के आधार पर दोहरे अंक की वृद्धि की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में आईफोन की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता,लेकिन इसके बावजूद एप्पल ब्रांड का आकर्षण नए ग्राहकों को लगातार अपने इकोसिस्टम की ओर खींचता रहेगा।
तरुण पाठक का मानना है कि एंड्रॉयड स्मार्टफोन निर्माताओं पर कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत का अधिक दबाव है,जिसके कारण उन्हें कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं। दूसरी ओर एप्पल अपनी मजबूत ब्रांड पहचान,उच्च लाभ मार्जिन और बेहतर आपूर्ति प्रबंधन के कारण इस चुनौती का अपेक्षाकृत बेहतर ढंग से सामना कर रहा है। यही कारण है कि आने वाले समय में भी कंपनी के मुख्य हार्डवेयर उत्पाद उद्योग के औसत प्रदर्शन से बेहतर परिणाम दे सकते हैं।
भारत एप्पल के लिए केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार ही नहीं,बल्कि एक महत्वपूर्ण विनिर्माण केंद्र के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने भारत में अपने उत्पादन का विस्तार किया है और कई प्रमुख आईफोन मॉडलों का निर्माण अब देश में ही किया जा रहा है। इससे एप्पल को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने के साथ-साथ भारतीय बाजार की माँग को बेहतर ढंग से पूरा करने में भी मदद मिली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार,बढ़ती आय, प्रीमियम स्मार्टफोन की माँग और तकनीक के प्रति युवाओं का बढ़ता आकर्षण एप्पल के लिए भविष्य में भी मजबूत अवसर प्रदान करेगा। कंपनी लगातार अपने उत्पादों और सेवाओं के दायरे का विस्तार कर रही है,जिससे उसका इकोसिस्टम पहले से अधिक व्यापक होता जा रहा है।
जून तिमाही के परिणाम यह स्पष्ट करते हैं कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और आपूर्ति संबंधी बाधाओं के बावजूद एप्पल ने मजबूत रणनीति,लोकप्रिय उत्पादों और प्रभावी बाजार प्रबंधन के दम पर शानदार प्रदर्शन किया है। भारत में रिकॉर्ड राजस्व और मैक तथा आईफोन की मजबूत माँग यह दर्शाती है कि कंपनी की पकड़ देश के प्रीमियम प्रौद्योगिकी बाजार में लगातार मजबूत हो रही है। आने वाले समय में यदि यही रफ्तार बनी रहती है तो भारत एप्पल के सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक बाजारों में और अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा सकता है।
