प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@mukeshdeshka)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आंध्र प्रदेश और कर्नाटक दौरा आज, हवाई अड्डे से सेमीकंडक्टर और ऊर्जा परियोजनाओं तक विकास को मिलेगी नई रफ्तार

नई दिल्ली,1 अगस्त (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह दोनों राज्यों में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करना,औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना,आधुनिक अवसंरचना का विस्तार करना,नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ना और देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को नई गति देना है। प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब केंद्र सरकार देशभर में आधारभूत ढाँचे,प्रौद्योगिकी,ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र में बड़े निवेश के माध्यम से आर्थिक विकास को तेज करने पर जोर दे रही है।

अपने दौरे की शुरुआत प्रधानमंत्री आंध्र प्रदेश से करेंगे, जहाँ वह भोगपुरम में नवनिर्मित अल्लूरी सीताराम राजू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। यह ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत 5,640 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। आधुनिक तकनीक और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए इस हवाई अड्डे की वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 60 लाख निर्धारित की गई है। सरकार का मानना है कि यह हवाई अड्डा न केवल आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय क्षेत्र की हवाई संपर्क व्यवस्था को मजबूत करेगा,बल्कि पर्यटन,व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दौरे से पहले सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस परियोजना को लेकर संदेश भी साझा किया। उन्होंने कहा कि भोगपुरम में बनने वाला अल्लूरी सीताराम राजू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा आधुनिक और भविष्योन्मुखी सोच का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना संपर्क, व्यापार और पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ ऊर्जा दक्षता और पर्यावरणीय स्थिरता के सिद्धांतों का भी पालन करती है। सरकार का मानना है कि आधुनिक हवाई अड्डे के संचालन से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

आंध्र प्रदेश दौरे के दौरान प्रधानमंत्री विशाखापत्तनम में एएसआईपी सेमीकंडक्टर परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। यह परियोजना राज्य की पहली सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई होगी,जिसे इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत मंजूरी दी गई है। लगभग 460 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित होने वाली इस इकाई को देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अनुमान है कि यहाँ प्रतिवर्ष लगभग 96 मिलियन सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन किया जाएगा। इससे न केवल उच्च कौशल वाले रोजगार के अवसर पैदा होंगे,बल्कि आंध्र प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़ा एक मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र भी विकसित होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण क्षमता बढ़ाना वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में देश की भूमिका को मजबूत करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में विशाखापत्तनम में स्थापित होने वाली यह परियोजना घरेलू उत्पादन बढ़ाने,आयात पर निर्भरता कम करने और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

प्रधानमंत्री का कार्यक्रम केवल औद्योगिक परियोजनाओं तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत होगी। प्रधानमंत्री कुरनूल-चार नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के एकीकरण के लिए ट्रांसमिशन सिस्टम के प्रथम चरण की आधारशिला रखेंगे। 4.5 गीगावाट क्षमता वाले इस चरण को पावरग्रिड द्वारा विशेष प्रयोजन वाहन के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना में लगभग 5,550 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य बड़े पैमाने पर उत्पादित हरित ऊर्जा को राष्ट्रीय बिजली ग्रिड से जोड़ना और देश के विभिन्न हिस्सों तक स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री कुरनूल पवन ऊर्जा क्षेत्र और सौर ऊर्जा क्षेत्र के लिए विकसित ट्रांसमिशन सिस्टम के भाग-ए और भाग-बी का उद्घाटन भी करेंगे। लगभग 3,550 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन परियोजनाओं का उद्देश्य आंध्र प्रदेश में उत्पादित नवीकरणीय ऊर्जा के प्रभावी प्रसारण को सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त अनंतपुरम में 2,500 मेगावाट तथा कुरनूल में 1,000 मेगावाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा क्षेत्रों के लिए लगभग 820 करोड़ रुपये की लागत से विकसित ट्रांसमिशन योजना का भी उद्घाटन किया जाएगा।

सरकार के अनुसार इन सभी परियोजनाओं से आंध्र प्रदेश के प्रमुख सौर और पवन ऊर्जा केंद्रों में उत्पन्न बिजली को राष्ट्रीय ग्रिड तक पहुँचाने में आसानी होगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ेगी,जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी और देश के ऊर्जा संक्रमण कार्यक्रम को नई गति मिलेगी। साथ ही भविष्य में हरित ऊर्जा आधारित औद्योगिक विकास के लिए भी मजबूत आधार तैयार होगा।

प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान सड़क अवसंरचना क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। लगभग 1,880 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-365बीजी पर रेचेरला से गुरुवायगुडेम और गुरुवायगुडेम से देवरापल्ले के बीच चार लेन वाले ग्रीनफील्ड राजमार्ग का निर्माण प्रमुख है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-67 पर ताड़ीपत्री बाईपास का उद्घाटन भी किया जाएगा।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-565 के पेन्चालाकोना-एरपेदु खंड में लिंगसमुद्रम स्थित उच्च स्तरीय पुल की आधारशिला भी रखेंगे। इन परियोजनाओं से सड़क परिवहन व्यवस्था में व्यापक सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार का कहना है कि नई सड़क परियोजनाओं से विजयवाड़ा और आसपास के अन्य शहरी क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा,सड़क सुरक्षा बेहतर होगी और विशाखापत्तनम तथा हैदराबाद के बीच यात्रा का समय भी घटेगा। बेहतर संपर्क व्यवस्था से व्यापार,पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

सरकार का मानना है कि परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र में किए जा रहे ये निवेश केवल आधारभूत ढांचे तक सीमित नहीं हैं,बल्कि इनका सीधा प्रभाव स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। निर्माण कार्यों के दौरान हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा,जबकि परियोजनाओं के संचालन के बाद भी विभिन्न क्षेत्रों में स्थायी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा बेहतर संपर्क और आधुनिक सुविधाओं से निजी निवेश को आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी।

आंध्र प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक के मैसूरु पहुँचेंगे। यहाँ वह स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे। इस केंद्र का उद्देश्य युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों,राष्ट्र निर्माण की भावना,सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक सेवा की प्रेरणा से जोड़ना है। सरकार का मानना है कि यह केंद्र युवा पीढ़ी के व्यक्तित्व विकास,नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मैसूरु में प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि अपने संबोधन में वह केंद्र सरकार की विकास योजनाओं,आत्मनिर्भर भारत,डिजिटल अर्थव्यवस्था,हरित ऊर्जा,आधुनिक अवसंरचना और भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का उल्लेख करेंगे। इसके साथ ही वह दक्षिण भारत में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाल सकते हैं।

प्रधानमंत्री का यह एक दिवसीय दौरा केंद्र सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है,जिसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में आधुनिक हवाई अड्डों,राष्ट्रीय राजमार्गों,ऊर्जा परियोजनाओं,डिजिटल प्रौद्योगिकी और उच्च तकनीक विनिर्माण इकाइयों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य क्षेत्रीय असंतुलन को कम करना, निवेश को बढ़ावा देना,रोजगार के अवसर बढ़ाना और देश की आर्थिक वृद्धि को नई गति देना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भोगपुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा,विशाखापत्तनम की सेमीकंडक्टर परियोजना,कुरनूल और अनंतपुरम की ऊर्जा परियोजनाएँ तथा नई राष्ट्रीय राजमार्ग योजनाएँ आने वाले वर्षों में आंध्र प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक परिदृश्य को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। वहीं कर्नाटक में सांस्कृतिक और युवा विकास से जुड़ी पहल सामाजिक और वैचारिक स्तर पर युवाओं को नई दिशा देने का प्रयास मानी जा रही है। इस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा विकास,अवसंरचना, प्रौद्योगिकी,ऊर्जा और सांस्कृतिक सशक्तिकरण जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक साथ आगे बढ़ाने की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।