जर्मनी ने स्पेन को हराकर चौथी बार जीता हॉकी वर्ल्ड कप (तस्वीर क्रेडिट@Javier_Panzardo)

मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 : जर्मनी ने स्पेन को हराकर चौथी बार जीता हॉकी वर्ल्ड कप,फाइनल में 1-0 से दर्ज की रोमांचक जीत

नई दिल्ली,31 अगस्त (युआईटीवी)- बेल्जियम के वावरे में रविवार को खेले गए एफआईएच मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में जर्मनी ने स्पेन को 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ जर्मनी ने पुरुष हॉकी विश्व कप की ट्रॉफी चौथी बार अपने नाम की। बेल्फियस हॉकी एरीना में खेला गया फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक और कड़ा रहा, जिसमें दोनों टीमों के बीच लंबे समय तक कांटे की टक्कर देखने को मिली। शुरुआती दो क्वार्टर गोलरहित रहने के बाद तीसरे क्वार्टर में जर्मनी ने एकमात्र गोल किया,जो अंत में निर्णायक साबित हुआ।

जर्मनी की इस ऐतिहासिक जीत में स्ट्रुथॉफ मिशेल ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने मुकाबले के 44वें मिनट में शानदार गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद जर्मनी ने अपनी मजबूत रक्षापंक्ति के दम पर स्पेन के तमाम प्रयासों को विफल कर दिया और मैच के अंत तक अपनी बढ़त कायम रखी। जर्मनी की रक्षा ने आखिरी सीटी तक स्पेन को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया और टीम ने चौथी बार विश्व कप ट्रॉफी उठाई।

जर्मनी ने पहली बार वर्ष 2002 में पुरुष हॉकी विश्व कप का खिताब जीता था। इसके बाद 2006 में भी टीम चैंपियन बनी। वर्ष 2023 में जर्मनी ने बेल्जियम को हराकर तीसरी बार विश्व कप अपने नाम किया था। अब स्पेन के खिलाफ जीत के साथ जर्मनी ने अपनी ट्रॉफियों की संख्या चार कर ली है। इस खिताबी जीत ने जर्मन हॉकी की समृद्ध परंपरा को एक बार फिर दुनिया के सामने मजबूत किया है।

फाइनल में स्पेन ने भी बेहतरीन हॉकी का प्रदर्शन किया। स्पेन की टीम वर्ष 1998 के बाद पहली बार हॉकी विश्व कप के फाइनल में पहुँचीं थी। टीम ने मुकाबले के दौरान लंबे समय तक गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और जर्मनी के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश की। स्पेन को गोल करने के कई मौके भी मिले,लेकिन जर्मनी के डिफेंडरों ने शानदार तालमेल दिखाते हुए हर हमले को रोक दिया।

पहले दो क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। स्पेन ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखने की कोशिश की,जबकि जर्मनी ने व्यवस्थित रक्षात्मक रणनीति के साथ स्पेन के हमलों को रोकते हुए जवाबी हमलों के जरिए मौके बनाने का प्रयास किया। दोनों टीमों की मजबूत रक्षापंक्ति के कारण पहले और दूसरे क्वार्टर में एक भी गोल नहीं हो सका। हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 रहा और मुकाबला पूरी तरह बराबरी पर बना रहा।

तीसरे क्वार्टर में जर्मनी ने मैच का रुख बदल दिया। 44वें मिनट में स्ट्रुथॉफ मिशेल ने जर्मनी के लिए महत्वपूर्ण गोल किया। इस गोल के बाद स्पेन ने बराबरी हासिल करने के लिए अपने हमलों की रफ्तार बढ़ा दी। स्पेन की टीम ने लगातार जर्मन सर्किल में प्रवेश करने की कोशिश की,लेकिन जर्मनी के खिलाड़ियों ने शानदार डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए स्पेन को गोल करने से रोक दिया।

चौथे क्वार्टर में स्पेन ने अपना पूरा जोर लगा दिया। ‘रेड स्टिक्स’ के नाम से मशहूर स्पेनिश टीम ने जर्मनी पर लगातार दबाव बनाए रखा। मैच जैसे-जैसे समाप्ति की ओर बढ़ रहा था, स्पेन की कोशिशें और तेज होती गईं। बराबरी का गोल हासिल करने के लिए स्पेन ने जोखिम उठाने का फैसला किया और मैच खत्म होने से चार मिनट से भी कम समय पहले अपने गोलकीपर को मैदान से हटा दिया।

गोलकीपर को हटाकर स्पेन ने अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी के साथ जर्मनी के गोल पर हमला करने की कोशिश की,लेकिन जर्मन खिलाड़ियों ने दबाव के बावजूद अपना संयम नहीं खोया। जर्मनी की रक्षापंक्ति ने स्पेन को गोल करने का कोई स्पष्ट मौका नहीं दिया। आखिरी सीटी बजते ही जर्मन टीम ने 1-0 की बढ़त के साथ मुकाबला जीत लिया और खिलाड़ी तथा समर्थक जश्न में डूब गए।

इससे पहले रविवार को तीसरे स्थान के मुकाबले में अर्जेंटीना ने नीदरलैंड को 2-1 से हराकर कांस्य पदक हासिल किया। इस मुकाबले के शुरुआती दो क्वार्टर भी गोलरहित रहे। दोनों टीमों ने आक्रामक हॉकी खेली,लेकिन पहले 30 मिनट में किसी भी टीम को सफलता नहीं मिली। तीसरे क्वार्टर में अर्जेंटीना ने मैच का पहला गोल किया।

डोमेने टॉमस ने 41वें मिनट में गोल दागकर अर्जेंटीना को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद नीदरलैंड ने वापसी के लिए दबाव बढ़ाया और चौथे क्वार्टर में उसे सफलता भी मिली। 49वें मिनट में मिडेंडोर्प फ्लोरिस ने गोल करते हुए नीदरलैंड को 1-1 की बराबरी पर पहुँचा दिया। मुकाबला फिर से रोमांचक हो गया और दोनों टीमों ने जीत के लिए जोर लगाया।

मैच के अंतिम मिनटों में अर्जेंटीना ने निर्णायक हमला किया। 59वें मिनट में रे मटियास ने गोल दागकर अर्जेंटीना को 2-1 से आगे कर दिया। इसके बाद नीदरलैंड के पास वापसी के लिए पर्याप्त समय नहीं था और अर्जेंटीना ने मुकाबला जीतकर तीसरा स्थान हासिल कर लिया।

अर्जेंटीना के लिए यह विश्व कप अभियान इसलिए भी खास रहा क्योंकि उसकी महिला टीम ने भी इस प्रतियोगिता में शानदार सफलता हासिल की थी। शनिवार को अर्जेंटीना की महिला टीम ने नीदरलैंड को रोमांचक शूटआउट में हराकर महिला विश्व कप का खिताब जीता था। निर्धारित समय के बाद मुकाबला 1-1 से बराबरी पर रहा था,जिसके बाद शूटआउट में अर्जेंटीना ने नीदरलैंड को 3-1 से शिकस्त दी। इस तरह अर्जेंटीना ने महिला और पुरुष दोनों वर्गों में शानदार प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट का यादगार समापन किया।

जर्मनी के लिए पुरुष विश्व कप का चौथा खिताब लंबे समय तक याद रखा जाएगा। स्पेन ने मजबूत चुनौती पेश की,लेकिन एक गोल और मजबूत रक्षापंक्ति के दम पर जर्मनी ने ट्रॉफी अपने नाम कर ली। 44वें मिनट में किया गया स्ट्रुथॉफ मिशेल का गोल फाइनल का निर्णायक क्षण साबित हुआ और जर्मनी ने एक बार फिर विश्व हॉकी के शीर्ष पर अपनी जगह पक्की कर ली।