नई दिल्ली,9 सितंबर (युआईटीवी)- महिला एशिया कप 2026 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने भले ही सेमीफाइनल में जगह बना ली हो,लेकिन टूर्नामेंट में टीम का प्रदर्शन और खिलाड़ियों का अनुशासन लगातार चर्चा में बना हुआ है। इसी बीच पाकिस्तान की शीर्ष क्रम की बल्लेबाज गुल फिरोजा पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। हांगकांग के खिलाफ मुकाबले के दौरान मैदान पर अंपायर के फैसले पर असहमति जताने के लिए गुल फिरोजा पर उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया है।
यह घटना सोमवार को दुबई में पाकिस्तान और हांगकांग के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान हुई। पाकिस्तान की पारी के पाँचवें ओवर में गुल फिरोजा को एलबीडब्ल्यू आउट दिया गया था। हांगकांग की बाएँ हाथ की कलाई की स्पिनर कैरी चैन ने टॉस-अप गेंद डाली थी। गुल फिरोजा इस गेंद को स्वीप करने के प्रयास में नीचे आईं,लेकिन वह गेंद से संपर्क नहीं कर सकीं। गेंद सीधे उनके पैड से जा टकराई और ऑन-फील्ड अंपायर ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट करार दे दिया।
इस टूर्नामेंट में डीआरएस यानी निर्णय समीक्षा प्रणाली का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। ऐसे में अंपायर के फैसले को चुनौती देने का विकल्प गुल फिरोजा के पास नहीं था और उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा। हालाँकि,मैदान से बाहर जाते समय उन्होंने अंपायर के फैसले पर अपनी असहमति जाहिर की। यही व्यवहार उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की वजह बना।
आईसीसी के मुताबिक,गुल फिरोजा ने पवेलियन लौटते समय अपने बल्ले की ओर इशारा करते हुए यह जताया कि गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर गई थी। यानी उनका मानना था कि गेंद पहले बल्ले से लगी थी और उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट नहीं दिया जाना चाहिए था। आईसीसी ने उनके इस व्यवहार को खिलाड़ियों के लिए निर्धारित आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 का उल्लंघन माना है। यह अनुच्छेद अंपायर के फैसले पर असहमति जताने से संबंधित है।
गुल फिरोजा के लिए मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि पिछले 24 महीने की अवधि में यह उनकी दूसरी अनुशासनात्मक गलती है। इसी वजह से उनके रिकॉर्ड में एक और डिमेरिट अंक जुड़ने के बाद उनके कुल डिमेरिट अंक दो हो गए हैं। आईसीसी की आचार संहिता के तहत खिलाड़ियों के खिलाफ इस तरह के उल्लंघन दर्ज किए जाते हैं और एक निश्चित अवधि में डिमेरिट अंकों की संख्या बढ़ने पर आगे भी कार्रवाई हो सकती है।
गुल फिरोजा एशिया कप 2026 के दौरान आईसीसी की आचार संहिता का उल्लंघन करने वाली पाकिस्तान की दूसरी खिलाड़ी भी बन गई हैं। इससे पहले पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो चुकी है। फातिमा सना पर भारत के खिलाफ मैच के दौरान किए गए व्यवहार के लिए उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था। इसके अलावा उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में भी एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया था।
फातिमा सना के खिलाफ कार्रवाई उस समय हुई थी,जब उन्होंने भारत के खिलाफ मुकाबले में शेफाली वर्मा को आउट करने के बाद ऐसा व्यवहार किया था,जिसे आईसीसी ने आचार संहिता का उल्लंघन माना। पाकिस्तान और भारत के बीच मुकाबला भी काफी चर्चा में रहा था। उस मैच में पाकिस्तान को करारी हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद टीम को टूर्नामेंट में बने रहने के लिए अपने अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करना जरूरी था।
पाकिस्तान ने हांगकांग के खिलाफ मुकाबले में 72 रन से जीत दर्ज कर अपनी स्थिति मजबूत की। इस जीत के साथ पाकिस्तान ग्रुप ए से भारत के साथ सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बन गई। हालाँकि, मैदान के अंदर टीम के प्रदर्शन के साथ-साथ खिलाड़ियों से जुड़े अनुशासनात्मक मामले भी पाकिस्तान के अभियान का हिस्सा बन गए हैं।
महिला एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में अब भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश ने जगह बनाई है। टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में भारत का सामना बांग्लादेश से होगा,जबकि पाकिस्तान की भिड़ंत श्रीलंका से होगी। ऐसे में पाकिस्तान की टीम के लिए अब मुकाबले और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं। ग्रुप चरण में मिली हार के बाद टीम किसी भी तरह की गलती से बचना चाहेगी और सेमीफाइनल में मजबूत प्रदर्शन के साथ फाइनल में पहुँचने की कोशिश करेगी।
गुल फिरोजा पर हुई कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है,जब पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल की तैयारी कर रही है। एक ओर टीम की नजर मैदान पर प्रदर्शन सुधारने और खिताब की दौड़ में आगे बढ़ने पर होगी,वहीं खिलाड़ियों को अनुशासन के मामले में भी सतर्क रहना होगा। खासतौर पर अंपायर के फैसलों पर प्रतिक्रिया देने को लेकर आईसीसी की आचार संहिता स्पष्ट है। गुल फिरोजा के मामले में भी यही देखने को मिला कि फैसले से असहमति जताने का तरीका खिलाड़ी के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।
हालाँकि, गुल फिरोजा के मामले में जुर्माना मैच फीस का 10 प्रतिशत है और उनके रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया है। यह कार्रवाई उनके पिछले उल्लंघन के साथ मिलकर कुल दो डिमेरिट अंकों तक पहुँच गई है। ऐसे में आने वाले मुकाबलों में उनका व्यवहार भी निगरानी के दायरे में रहेगा। पाकिस्तान के लिए अब सबसे जरूरी यह होगा कि टीम मैदान पर अपना ध्यान केंद्रित रखे और सेमीफाइनल में श्रीलंका के खिलाफ बिना किसी अनुशासनात्मक विवाद के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करे।
इस पूरे घटनाक्रम ने महिला एशिया कप 2026 में पाकिस्तान टीम के अभियान के एक अलग पहलू को भी सामने ला दिया है। एक तरफ टीम ने हांगकांग के खिलाफ शानदार जीत दर्ज करके सेमीफाइनल में प्रवेश किया है,तो दूसरी तरफ उसके दो प्रमुख खिलाड़ियों पर आचार संहिता के उल्लंघन के लिए कार्रवाई हो चुकी है। अब पाकिस्तान की नजर सेमीफाइनल में श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले पर होगी,जहाँ टीम जीत हासिल कर फाइनल में जगह बनाने की कोशिश करेगी। वहीं,गुल फिरोजा के लिए यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि मैदान पर अंपायर के फैसले से असहमति होने के बावजूद खिलाड़ियों को अपनी प्रतिक्रिया और व्यवहार पर नियंत्रण रखना होगा।
