नई दिल्ली,9 सितंबर (युआईटीवी)- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संगरूर निवासी गुलजार सिंह की मौत को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने गुलजार सिंह की मौत से पहले सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब में सरकार की नाकामी पर सवाल उठाने वाले लोगों को कथित तौर पर धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस मामले में पंजाब सरकार से जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से पंजाब के वित्त मंत्री का तत्काल इस्तीफा लेने की मांग भी की है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार में एक खतरनाक पैटर्न दिखाई दे रहा है। उनका आरोप है कि यदि कोई व्यक्ति सरकार की नाकामी पर सवाल उठाता है,तो उसे जवाब देने के बजाय धमकी और कथित यातना का सामना करना पड़ता है। उन्होंने गुलजार सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि वह दलित समुदाय से आते थे और अपने बेटे को नशे की गिरफ्त में जाते हुए देखने के बाद उन्होंने सरकार से ड्रग्स के कारोबार को रोकने में नाकामी को लेकर सवाल किया था।
राहुल गांधी के मुताबिक,गुलजार सिंह ने वित्त मंत्री से केवल यह पूछा था कि सरकार ड्रग्स के कारोबार को रोकने में इतनी बुरी तरह नाकाम क्यों रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद गुलजार सिंह पर माफी माँगने के लिए कथित तौर पर इतना दबाव बनाया गया और उन्हें इतना प्रताड़ित एवं अपमानित किया गया कि उन्होंने जहर खा लिया। राहुल गांधी ने कहा कि इसके बाद गुलजार सिंह को इलाज के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाया गया,लेकिन कथित तौर पर उचित इलाज नहीं मिल पाने के कारण आखिरकार उन्होंने जिंदगी की जंग हार दी।
राहुल गांधी ने अपने बयान में पंजाब में नशे की समस्या और सरकार की जवाबदेही को भी मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक सरकार का काम जनता के सवालों का जवाब देना है,न कि सवाल पूछने वाले लोगों को दबाना या कुचलना। उन्होंने गुलजार सिंह के परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की माँग की और कहा कि पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से पंजाब के वित्त मंत्री का तत्काल इस्तीफा लेने की माँग की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित की जानी चाहिए और एफआईआर में वित्त मंत्री का नाम दर्ज किया जाना चाहिए। राहुल गांधी के इन आरोपों ने पंजाब की राजनीति में एक बार फिर सरकार की जवाबदेही,नशे की समस्या और विपक्ष की आवाज को लेकर बहस तेज कर दी है।
इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग यानी एनसीएससी ने भी संज्ञान लिया है। आयोग ने संगरूर निवासी गुलजार सिंह की मौत और उनकी मौत से पहले सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर पंजाब के संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट माँगी है। आयोग की ओर से यह कदम पूर्व विधायक और पंजाब भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शीतल अंगुराल की ओर से सौंपे गए अभ्यावेदन के बाद उठाया गया है।
शीतल अंगुराल ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से मामले में उचित कार्रवाई करने और गुलजार सिंह के वीडियो में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने का आग्रह किया था। अपने अभ्यावेदन में उन्होंने गुलजार सिंह की मौत की परिस्थितियों की गहन जाँच की माँग की। इसके साथ ही उन्होंने घटना से पहले सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लगाए गए आरोपों की भी विस्तृत जाँच कराने की अपील की थी।
आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पंजाब के संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट माँगी है। आयोग की ओर से रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद मामले ने राजनीतिक स्तर के साथ-साथ संस्थागत स्तर पर भी ध्यान खींचा है। अब पंजाब सरकार और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से आयोग को दी जाने वाली रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है,क्योंकि इसी के जरिए गुलजार सिंह की मौत से जुड़े घटनाक्रम और वीडियो में लगाए गए आरोपों पर सरकार का पक्ष सामने आ सकता है।
गुलजार सिंह की मौत का मामला सामने आने के बाद पंजाब कांग्रेस ने भी भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा है। पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राज कुमार वेरका ने मंगलवार को भगवंत मान सरकार को बर्खास्त करने की माँग की। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए और मामले में जवाबदेही तय करने की माँग की।
विपक्षी दलों की ओर से लगातार उठाए जा रहे सवालों के बीच यह मामला पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भी राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है। राज्य में ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच पहले से ही आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। अब गुलजार सिंह की मौत और उनके कथित अंतिम वीडियो को लेकर सामने आए आरोपों ने इस बहस को और तीखा कर दिया है।
मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने घटना का संज्ञान लिया है। इससे गुलजार सिंह की मौत से जुड़े आरोपों की जाँच की माँग को संस्थागत आधार मिला है। आयोग द्वारा पंजाब सरकार से रिपोर्ट माँगे जाने के बाद अब जाँच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी। हालाँकि,सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि जाँच के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल राहुल गांधी की माँग है कि गुलजार सिंह के परिवार को जल्द न्याय मिले और पूरे मामले की स्वतंत्र तथा निष्पक्ष जाँच कराई जाए। उन्होंने सरकार से सवाल पूछने वाले नागरिकों के साथ किसी भी तरह की कथित प्रताड़ना को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय बताया है। दूसरी ओर,राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग द्वारा रिपोर्ट माँगे जाने और पंजाब कांग्रेस की ओर से सरकार को बर्खास्त करने की माँग के बाद यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और ज्यादा गरमा गया है। अब इस मामले में पंजाब सरकार की प्रतिक्रिया और आयोग को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
