एलेना रायबाकिना (तस्वीर क्रेडिट@Kirolbet_es)

एलेना रिबाकिना बनीं दुनिया की नई नंबर एक खिलाड़ी,यूएस ओपन जीतकर रचा इतिहास

नई दिल्ली,15 सितंबर (युआईटीवी)- कजाकिस्तान की स्टार टेनिस खिलाड़ी एलेना रिबाकिना ने महिला टेनिस की दुनिया में नया इतिहास रच दिया है। सोमवार को जारी साप्ताहिक महिला टेनिस संघ की रैंकिंग में रिबाकिना ने बेलारूस की एरीना सबालेंका को पीछे छोड़ते हुए आधिकारिक तौर पर विश्व की नंबर एक महिला खिलाड़ी का स्थान हासिल कर लिया। हाल ही में समाप्त हुए यूएस ओपन में शानदार प्रदर्शन के बाद रिबाकिना के शीर्ष स्थान पर पहुँचने का रास्ता पहले ही साफ हो गया था,लेकिन नई रैंकिंग जारी होने के साथ ही उन्होंने आधिकारिक तौर पर यह उपलब्धि अपने नाम कर ली।

रिबाकिना के लिए यह उपलब्धि कई मायनों में खास है। वह कजाकिस्तान की पहली ऐसी खिलाड़ी बन गई हैं,जिन्होंने महिला या पुरुष वर्ग में एकल विश्व रैंकिंग में नंबर एक स्थान हासिल किया है। इससे पहले कजाकिस्तान के किसी खिलाड़ी ने टेनिस की एकल रैंकिंग में सर्वोच्च स्थान नहीं पाया था। ऐसे में रिबाकिना की यह उपलब्धि उनके व्यक्तिगत करियर के साथ-साथ कजाकिस्तान के टेनिस इतिहास के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

रिबाकिना ने यूएस ओपन में जिस अंदाज में प्रदर्शन किया,उसने उनके नंबर एक बनने की नींव रखी। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने चीन की किनवेन झेंग को हराकर ही रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करना सुनिश्चित कर लिया था। इसके बाद उन्होंने टूर्नामेंट के अगले चरणों में भी अपनी शानदार लय कायम रखी और फाइनल में एरीना सबालेंका को मात देकर यूएस ओपन का खिताब अपने नाम किया। इस तरह उन्होंने दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनने के साथ अपने करियर का पहला यूएस ओपन खिताब भी जीत लिया।

फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा,जिसमें रिबाकिना ने सबालेंका को 6-4, 5-7, 6-2 से हराया। मुकाबले के दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, लेकिन निर्णायक सेट में रिबाकिना ने अपनी ताकत और संयम का बेहतरीन प्रदर्शन किया। दूसरे सेट में सबालेंका की वापसी के बाद मुकाबला बराबरी पर पहुँच गया था,लेकिन तीसरे सेट में रिबाकिना ने आक्रामक खेल के साथ बढ़त बनाई और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।

खिताब जीतने के बाद रिबाकिना खुद भी इस सफलता को लेकर भावुक नजर आईं। उन्होंने अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि पर कहा कि यह उनके लिए अविश्वसनीय पल है और उन्हें अभी तक यकीन नहीं हो रहा कि उन्होंने यह मुकाम हासिल कर लिया है। उनके लिए नंबर एक बनना इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह पेशेवर टेनिस खिलाड़ी बनेंगी और इतने बड़े मंच पर दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ खेलेंगी।

रिबाकिना ने कहा कि कजाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है। उनके नंबर एक बनने के साथ ही कजाकिस्तान के टेनिस को भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। रिबाकिना लंबे समय से दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल रही हैं, लेकिन इस सीजन में उनके प्रदर्शन ने उन्हें रैंकिंग की सबसे ऊँची सीढ़ी तक पहुँचा दिया।

पूरे सत्र के दौरान रिबाकिना और सबालेंका के बीच शीर्ष स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। एक तरफ जहाँ सबालेंका ने लंबे समय तक नंबर एक स्थान पर अपना दबदबा बनाए रखा,वहीं रिबाकिना लगातार उनके करीब पहुँचती रहीं। सीजन के मध्य में सबालेंका की फॉर्म में कुछ गिरावट आई,जबकि रिबाकिना ने उत्तरी अमेरिकी हार्ड-कोर्ट चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी स्थिति मजबूत कर ली। इसके बाद न्यूयॉर्क में उनकी सफलता ने उन्हें सीधे दुनिया के शीर्ष स्थान तक पहुँचा दिया।

रिबाकिना की सफलता की खास बात यह भी है कि यूएस ओपन से पहले उनकी तैयारियां बिल्कुल आदर्श स्थिति में नहीं थीं। उन्होंने टूर्नामेंट से पहले केवल चार दिन अभ्यास किया था। इसके बावजूद उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान जिस स्तर की निरंतरता दिखाई, वह उनकी मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास को दर्शाता है। रिबाकिना ने बताया कि उन्होंने खुद पर पूरा भरोसा रखा और अपनी टीम के साथ लगातार रणनीति को लेकर चर्चा की। कनाडा और सिनसिनाटी में खेलने का अनुभव भी उनके लिए उपयोगी साबित हुआ।

उनके मुताबिक,कई परिस्थितियाँ उनके पक्ष में रहीं और उन्होंने टूर्नामेंट के दौरान एक-एक मुकाबले पर ध्यान केंद्रित किया। सिर्फ चार दिन की तैयारी के बावजूद ग्रैंड स्लैम खिताब जीतना उनके लिए खुद भी आश्चर्यजनक था। इससे पता चलता है कि रिबाकिना ने इस प्रतियोगिता में तकनीकी क्षमता के साथ मानसिक मजबूती का भी बेहतरीन परिचय दिया।

दूसरी ओर,लंबे समय तक विश्व की नंबर एक खिलाड़ी रही एरीना सबालेंका को यूएस ओपन फाइनल में हार के बाद अपना शीर्ष स्थान भी गंवाना पड़ा। हालाँकि,उन्होंने रिबाकिना की सफलता को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। जब सबालेंका से उनके 99 सप्ताह तक नंबर एक रहने के बारे में पूछा गया और यह सवाल किया गया कि क्या रिबाकिना उनके इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकती हैं,तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर एलेना इसी तरह खेलती रहीं तो उनके लिए मुश्किल हो सकती है।

सबालेंका की यह टिप्पणी इस बात का संकेत भी है कि वह रिबाकिना की मौजूदा फॉर्म और क्षमता को गंभीरता से देख रही हैं। दोनों खिलाड़ियों के बीच पिछले कुछ समय से कड़ी प्रतिस्पर्धा रही है और अब रिबाकिना के नंबर एक बनने के बाद महिला टेनिस में एक नई चुनौती देखने को मिल सकती है।

रिबाकिना के लिए यह सफलता सिर्फ एक रैंकिंग उपलब्धि नहीं है,बल्कि उनके करियर में एक नए दौर की शुरुआत भी है। विश्व नंबर एक बनने के साथ अब उन पर शीर्ष स्थान को बनाए रखने की चुनौती होगी। उनके पास इस समय आत्मविश्वास,अनुभव और बड़े मुकाबलों में दबाव झेलने की क्षमता है। यूएस ओपन की जीत ने भी यह साबित किया है कि वह कठिन परिस्थितियों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सक्षम हैं।

कजाकिस्तान की इस खिलाड़ी की यात्रा में कई उतार-चढ़ाव रहे हैं,लेकिन उन्होंने लगातार अपने खेल को बेहतर किया और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई। अब नंबर एक की कुर्सी पर पहुँचकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि उनकी सफलता किसी एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है। पूरे सत्र में लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।

यूएस ओपन खिताब और विश्व नंबर एक रैंकिंग का यह संयोजन रिबाकिना के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। जिस खिलाड़ी ने कभी पेशेवर टेनिस में इतने बड़े मुकाम तक पहुँचने की कल्पना नहीं की थी,वह अब दुनिया की सर्वश्रेष्ठ महिला एकल खिलाड़ी बन चुकी हैं। आने वाले समय में उनकी नजर इस शीर्ष स्थान को लंबे समय तक बनाए रखने और अपने ग्रैंड स्लैम खिताबों की संख्या बढ़ाने पर होगी। फिलहाल,रिबाकिना की ऐतिहासिक उपलब्धि ने महिला टेनिस के शीर्ष क्रम में नया अध्याय शुरू कर दिया है।