नई दिल्ली,22 सितंबर (युआईटीवी)- चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र में विधान परिषद की स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 28 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इन चारों राज्यों में विधान परिषद के जिन सदस्यों का कार्यकाल नवंबर-दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा है, उनकी जगह नए सदस्यों के निर्वाचन के लिए यह प्रक्रिया शुरू की गई है। आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक सभी संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
कुल 28 सीटों में सबसे अधिक 11 सीटें उत्तर प्रदेश की हैं। इनमें पाँच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। बिहार में आठ सीटों पर चुनाव होगा, जिनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। महाराष्ट्र में पाँच सीटों के लिए मतदान होगा,जिसमें तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। वहीं कर्नाटक की चार सीटों पर चुनाव कराया जाएगा,जिनमें दो स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। इस तरह चारों राज्यों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर एक साथ चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
बिहार में जिन आठ सीटों पर चुनाव होना है, उनमें पटना स्नातक, दरभंगा स्नातक, तिरहुत स्नातक और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों पर वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है। पटना स्नातक से नीरज कुमार, दरभंगा स्नातक से सर्वेश कुमार, तिरहुत स्नातक से बंसीधर ब्रजवासी और कोसी स्नातक से डॉ. एनके यादव का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। इसी तारीख को पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नवल किशोर यादव, दरभंगा शिक्षक से डॉ. मदन मोहन झा, तिरहुत शिक्षक से संजय कुमार सिंह और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के सदस्य का कार्यकाल भी पूरा होगा।
कर्नाटक में दक्षिण-पूर्व स्नातक, पश्चिम स्नातक, उत्तर-पूर्व शिक्षक और बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव होगा। इन चारों सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 11 नवंबर को समाप्त हो रहा है। दक्षिण-पूर्व स्नातक से चिदानंद एम. गौड़ा, पश्चिम स्नातक से एस.वी. संकानुर, उत्तर-पूर्व शिक्षक से शशिल जी. नमोशी और बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पुट्टन्ना वर्तमान सदस्य हैं। इन सीटों के लिए भी नए प्रतिनिधियों का निर्वाचन इसी चुनाव प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
महाराष्ट्र में औरंगाबाद मंडल स्नातक, पुणे मंडल स्नातक, नागपुर मंडल स्नातक, अमरावती मंडल शिक्षक और पुणे मंडल शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होना है। इन पांचों सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को समाप्त होगा। औरंगाबाद मंडल स्नातक से चव्हाण सतीश भानुदासराव, पुणे मंडल स्नातक से अरुण गणपति लाड और नागपुर मंडल स्नातक से अभिजीत गोविंदराव वंजारी वर्तमान सदस्य हैं। वहीं अमरावती मंडल शिक्षक से सरनाईक किरण रामराव और पुणे मंडल शिक्षक से जयंत दिनकर आसगावकर का कार्यकाल भी इसी तारीख को समाप्त होगा।
उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर चुनाव होना है। इनमें लखनऊ मंडल स्नातक, वाराणसी मंडल स्नातक, आगरा मंडल स्नातक, मेरठ मंडल स्नातक और इलाहाबाद-झांसी मंडल स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों के वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा। लखनऊ मंडल स्नातक से इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, वाराणसी मंडल स्नातक से आशुतोष सिन्हा, आगरा मंडल स्नातक से डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह, मेरठ मंडल स्नातक से दिनेश कुमार गोयल और इलाहाबाद-झांसी मंडल स्नातक से डॉ. मान सिंह यादव वर्तमान सदस्य हैं।
उत्तर प्रदेश की छह शिक्षक सीटों में लखनऊ शिक्षक, वाराणसी शिक्षक, आगरा शिक्षक, मेरठ शिक्षक, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों पर क्रमशः उमेश द्विवेदी, लाल बिहारी यादव, डॉ. आकाश अग्रवाल, श्रीचंद शर्मा, हरि सिंह ढिल्लो और ध्रुव कुमार त्रिपाठी का कार्यकाल 6 दिसंबर को पूरा हो रहा है।
चुनाव आयोग के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 29 सितंबर को चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। मतदान का समय सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी और पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक समाप्त कर दी जाएगी।
स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र विधान परिषद की विशेष निर्वाचन व्यवस्थाओं का हिस्सा हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता बनने के लिए संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना और निर्धारित योग्यता पूरी करना जरूरी है। चुनाव आयोग के अनुसार, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में नाम दर्ज कराने के लिए व्यक्ति के पास कम से कम तीन वर्ष पहले से विश्वविद्यालय की स्नातक डिग्री या उसके समकक्ष मान्यता प्राप्त योग्यता होनी चाहिए। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए संबंधित क्षेत्र में निवास के साथ निर्धारित अवधि में मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान में शिक्षक के रूप में आवश्यक अनुभव होना चाहिए।
इन निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में आम विधानसभा चुनावों की तरह सभी मतदाता मतदान नहीं करते। पात्र स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के लिए अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्र निर्धारित हैं। ऐसे में 28 सीटों के लिए होने वाला यह चुनाव विधान परिषद में इन विशेष मतदाता समूहों के प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया होगी। चुनाव आयोग ने स्पष्ट कार्यक्रम जारी कर नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक सभी प्रमुख तिथियां तय कर दी हैं। अब संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवारों और पात्र मतदाताओं के लिए चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।
