मुंबई,24 सितंबर (युआईटीवी)- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे ने छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में अपने पहले बयान को लेकर माफी माँगी है। संस्थान ने कहा है कि घटना से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर उसके पिछले संदेश में जो बातें कही गई थीं,उनके लिए वह खेद व्यक्त करता है। संस्थान ने स्पष्ट किया कि साहिल की मौत से पहले की घटनाओं और उससे जुड़े विभिन्न दावों की अभी संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है। ऐसे में जाँच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुँचना या घटना के कारणों को लेकर कोई राय बनाना उचित नहीं था।
आईआईटी बॉम्बे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपना स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि वह 21 सितंबर को जारी किए गए अपने पिछले संदेश को दोबारा साझा कर रहा है और उसमें कही गई बातों के लिए माफी माँगता है। संस्थान के मुताबिक,साहिल की मौत से जुड़े हालात अभी जाँच के दायरे में हैं और अधिकारियों की ओर से तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। इसलिए जाँच पूरी होने से पहले छात्र की मौत से पहले हुई घटनाओं के बारे में किसी तरह की जानकारी को अंतिम तथ्य के रूप में पेश करना सही नहीं था।
संस्थान ने अपने संदेश में यह भी कहा कि किसी भी घटना के संबंध में निष्कर्ष निकालने के लिए जाँच की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। साहिल की मौत से पहले क्या परिस्थितियां थीं,किन घटनाओं का उस पर प्रभाव पड़ा और उससे जुड़े अलग-अलग दावों में कितनी सच्चाई है,इन सभी पहलुओं की जाँच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं। आईआईटी बॉम्बे ने कहा कि ऐसी स्थिति में बिना सत्यापन के किसी दावे या घटना की व्याख्या करना उचित नहीं था।
बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे परिसर में लगातार विरोध प्रदर्शन हुए थे। छात्र संगठनों और अन्य छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच तथा घटना से जुड़े विभिन्न सवालों के जवाब की माँग की थी। प्रदर्शन के कारण संस्थान प्रशासन पर भी दबाव बढ़ा था और साहिल की मौत को लेकर कैंपस में काफी चर्चा रही। अब संस्थान की ओर से माफी माँगने और अपने पिछले बयान पर स्पष्टीकरण देने के बाद मामले ने एक और महत्वपूर्ण मोड़ लिया है।
इस बीच बुधवार को आईआईटी बॉम्बे परिसर में नियमित कक्षाएँ दोबारा शुरू होने की जानकारी सामने आई। संस्थान से जुड़े अधिकारियों के अनुसार,कैंपस में फिलहाल कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हो रहा है और सामान्य शैक्षणिक गतिविधियाँ जारी हैं। परिसर में पढ़ाई और अन्य नियमित गतिविधियों को सामान्य तरीके से संचालित किया जा रहा है। आईआईटी बॉम्बे के कैंपस में 12 हजार से अधिक छात्र और 700 से ज्यादा फैकल्टी सदस्य हैं। फिलहाल संस्थान प्रशासन के अनुसार परिसर की स्थिति सामान्य बनी हुई है।
हालाँकि,साहिल वाकोडे की मौत से जुड़े सवालों की जाँच अभी जारी है। इस मामले की जाँच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है। जांच एजेंसी घटना से पहले की परिस्थितियों,उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और साहिल से जुड़े विभिन्न दावों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों ने इस सिलसिले में साहिल के परिवार से भी जानकारी जुटाई है।
मंगलवार को मुंबई क्राइम ब्रांच ने साहिल के माता-पिता के बयान दर्ज किए। जाँच अधिकारियों ने बताया कि परिवार से बातचीत के दौरान घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करने की कोशिश की गई। अधिकारियों के अनुसार,कुछ और जानकारी की आवश्यकता होने पर साहिल के माता-पिता से दोबारा पूछताछ की जा सकती है। जाँच एजेंसी अलग-अलग स्रोतों से मिलने वाली जानकारी को आपस में मिलाकर घटना की परिस्थितियों को समझने की कोशिश कर रही है।
जाँच में साहिल के मोबाइल फोन को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार,साहिल के पास आईफोन था और वह फिलहाल लॉक है। फोन को तकनीकी तरीके से खोलने की प्रक्रिया में विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। जाँच अधिकारियों का कहना है कि फोन तक पहुँच मिलने के बाद उसमें मौजूद चैट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चैट सेवा की हिस्ट्री और अन्य डिजिटल जानकारी की जाँच की जा सकेगी।
जाँच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फोन में मौजूद डिजिटल सामग्री से साहिल की मानसिक स्थिति, उसके संपर्कों, बातचीत या घटना से पहले की परिस्थितियों के बारे में कोई तथ्यात्मक जानकारी मिलती है या नहीं। हालाँकि,पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन डिजिटल जानकारियों की जाँच के बाद ही किसी दावे की पुष्टि या खंडन किया जा सकेगा। फिलहाल फोन से जुड़ी जानकारी जाँच का हिस्सा है और उसके आधार पर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
पुलिस आईआईटी बॉम्बे के भीतर मौजूद संस्थागत सहायता तंत्र से भी जानकारी जुटाने की तैयारी कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, संस्थान में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से जुड़े मामलों के लिए एक सेल और छात्रों के लिए काउंसलिंग सेंटर मौजूद है। जाँच अधिकारी इन दोनों संस्थानों को पत्र देकर यह जानकारी मांगेंगे कि क्या साहिल ने कभी वहाँ किसी समस्या या शिकायत को लेकर संपर्क किया था। इसके अलावा यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या उसने संस्थान के काउंसलिंग सेंटर में कभी परामर्श लिया था।
जाँच का यह पहलू इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पुलिस घटना से पहले साहिल के संपर्क में रहे संस्थागत तंत्र और उसके सामने मौजूद संभावित समस्याओं के बारे में तथ्य जुटाना चाहती है। हालाँकि,अभी यह स्पष्ट नहीं है कि साहिल ने किसी सेल या काउंसलिंग सेंटर में शिकायत दर्ज कराई थी या नहीं। इसका पता संबंधित रिकॉर्ड और अधिकारियों से मिलने वाली जानकारी के बाद ही चलेगा।
आईआईटी बॉम्बे की ओर से माफी माँगने के बाद संस्थान ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि जाँच पूरी होने से पहले किसी भी घटना को लेकर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। संस्थान ने अपने पिछले बयान को लेकर खेद जताते हुए जाँच प्रक्रिया का सम्मान करने की बात कही है। वहीं,पुलिस जाँच में परिवार के बयान,मोबाइल फोन और संस्थान के रिकॉर्ड समेत कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल आईआईटी बॉम्बे में नियमित कक्षाएँ शुरू हो चुकी हैं और कैंपस में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। दूसरी ओर,साहिल वाकोडे की मौत से जुड़े मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जाँच जारी है। आने वाले दिनों में मोबाइल फोन से मिलने वाली डिजिटल जानकारी,परिवार से दोबारा पूछताछ और संस्थान के एससी-एसटी सेल तथा काउंसलिंग सेंटर से प्राप्त रिकॉर्ड जाँच की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल जाँच पूरी होने तक साहिल की मौत से पहले की परिस्थितियों को लेकर सामने आए दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
