अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (तस्वीर क्रेडिट@globalmarketss)

ट्रंप ने पीट हेगसेथ को रक्षा मंत्री पद से हटाने से किया इनकार,रिपब्लिकन सांसद ने फिर दी महाभियोग की चेतावनी

वाशिंगटन,6 नवंबर (युआईटीवी)- अमेरिका में ईरान के साथ जारी युद्ध और सैन्य अभियानों को लेकर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने उनके खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई शुरू करने की माँग एक बार फिर उठाई है। वहीं,राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल हेगसेथ को रक्षा मंत्री के पद पर बनाए रखना चाहते हैं। इस मुद्दे पर राष्ट्रपति और उनकी ही पार्टी के एक सांसद के बीच मतभेद सामने आने से अमेरिकी राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। मैसी का आरोप है कि हेगसेथ ने ईरान समेत कई देशों में सैन्य अभियानों के दौरान कानूनी सीमाओं और कांग्रेस के अधिकारों की अनदेखी की है।

ट्रंप ने गुरुवार को एबीसी न्यूज के पत्रकार जोनाथन कार्ल से बातचीत के दौरान हेगसेथ को पद पर बनाए रखने के अपने इरादे की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “मेरा उन्हें पद पर बनाए रखने का पूरा इरादा है।” पत्रकार कार्ल ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की। उनके मुताबिक, ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें ऐसे लोगों के फोन आए हैं,जो हेगसेथ के कामकाज से खुश नहीं हैं। इसके बावजूद राष्ट्रपति ने रक्षा मंत्री को पद से हटाने का कोई संकेत नहीं दिया।

ट्रंप के इस बयान के बाद केंटकी से रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रपति प्रशासन में हेगसेथ जैसे अधिकारियों को बदलना चाहते हैं, तो उन्हें यह फैसला जल्द लेना चाहिए,ताकि नए अधिकारियों की नियुक्ति की पुष्टि सीनेट से कराई जा सके। मैसी ने चेतावनी दी कि जब डेमोक्रेटिक पार्टी कांग्रेस का नियंत्रण संभालेगी, तब वह सुनवाई और मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि हेगसेथ को लेकर विवाद केवल विपक्ष तक सीमित नहीं है,बल्कि रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी इस पर असहमति मौजूद है।

दरअसल,मैसी ने बुधवार शाम ही हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव दोबारा लाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि रक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वह उनके खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव फिर से पेश करेंगे। मैसी ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि केवल हेगसेथ का इस्तीफा ही ऐसी स्थिति होगी,जिसमें वह महाभियोग का प्रस्ताव दोबारा पेश नहीं करेंगे।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक,मैसी अगले सप्ताह कांग्रेस का सत्र दोबारा शुरू होने पर प्रतिनिधि सभा में इस प्रस्ताव पर मतदान कराने की कोशिश करेंगे। यह सत्र मौजूदा कांग्रेस के कार्यकाल के अंतिम चरण में होगा। यह वह अवधि है,जो चुनाव के बाद और जनवरी में नई कांग्रेस के कार्यभार सँभालने से पहले आती है। ऐसे में मैसी की ओर से प्रस्ताव लाने की कोशिश को मौजूदा कार्यकाल में हेगसेथ के खिलाफ जवाबदेही तय करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।

मैसी इससे पहले 15 सितंबर को प्रतिनिधि सभा में हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग के आठ अनुच्छेद पेश कर चुके हैं। इन अनुच्छेदों में रक्षा मंत्री पर अलग-अलग मामलों में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें तीन आरोप विशेष रूप से 1973 के वॉर पावर्स रेजोल्यूशन से जुड़े हैं। यह कानून राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों पर नियंत्रण और युद्ध जैसे अभियानों में कांग्रेस की भूमिका निर्धारित करता है।

पहले महाभियोग अनुच्छेद में आरोप लगाया गया है कि हेगसेथ ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना को सैन्य कार्रवाई में शामिल होने का निर्देश दिया था। मैसी का दावा है कि यह कदम बिना युद्ध की औपचारिक घोषणा और कांग्रेस से विशेष कानूनी मंजूरी लिए उठाया गया। उनके मुताबिक,उस समय अमेरिका,उसके क्षेत्रों या अमेरिकी सशस्त्र बलों पर हुए किसी हमले के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल भी घोषित नहीं किया गया था। इसी वजह से उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई को कानून और कांग्रेस के अधिकारों के खिलाफ बताया है।

दूसरे अनुच्छेद में आरोप है कि जून में कांग्रेस की ओर से एक प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद भी ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखा गया। इस प्रस्ताव में राष्ट्रपति को निर्देश देने की बात थी कि बिना आवश्यक अनुमति चल रही सैन्य कार्रवाई से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाया जाए। मैसी का कहना है कि कांग्रेस के इस रुख के बावजूद अभियान जारी रखना उचित नहीं था।

तीसरे अनुच्छेद में सैन्य अभियान को निर्धारित कानूनी समय-सीमा के बाद भी जारी रखने का आरोप लगाया गया है। मैसी ने सितंबर में अपने कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा था कि कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान में 90 दिनों से अधिक समय तक सैन्य कार्रवाई जारी रखकर रक्षा मंत्री कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने इस आधार पर हेगसेथ को जवाबदेह ठहराने की माँग की थी।

महाभियोग के बाकी पाँच अनुच्छेदों में भी हेगसेथ के खिलाफ अलग-अलग आरोप शामिल हैं। इनमें नागरिकों की मौत कम करने से जुड़े कानूनों की अनदेखी करने और समुद्र में मादक पदार्थों की तस्करी के संदिग्ध लोगों पर कथित गैरकानूनी घातक हमलों की निगरानी करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा सीनेटर मार्क केली के भाषण को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने और प्रतिशोध लेने का आरोप भी शामिल है।

मैसी के प्रस्ताव में वेनेजुएला से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि हेगसेथ ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को बिना कानूनी अधिकार के हिरासत में लेने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही यमन में बिना आवश्यक अनुमति सैन्य अभियान शुरू करने का आरोप भी महाभियोग के अनुच्छेदों में शामिल है। हालाँकि,ये सभी आरोप मैसी की ओर से पेश किए गए हैं और इन पर अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही हो सकता है।

ट्रंप और मैसी के बीच मतभेद का एक बड़ा कारण ईरान युद्ध को लेकर रक्षा विभाग की भूमिका है। राष्ट्रपति जहाँ हेगसेथ के प्रति अपना समर्थन जता रहे हैं, वहीं मैसी का मानना है कि रक्षा मंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जाँच और जवाबदेही जरूरी है। मैसी ने यह भी कहा है कि उनके द्वारा सितंबर में पेश किए गए महाभियोग के आठ अनुच्छेद उन कदमों की तुलना में कम गंभीर हैं,जिन्हें उनके अनुमान के मुताबिक आने वाली कांग्रेस में डेमोक्रेट्स उठा सकते हैं।

अमेरिकी संविधान में महाभियोग की प्रक्रिया के लिए प्रतिनिधि सभा और सीनेट को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ दी गई हैं। किसी संघीय अधिकारी के खिलाफ महाभियोग चलाने का अधिकार प्रतिनिधि सभा के पास है। सदन साधारण बहुमत से महाभियोग के अनुच्छेदों को मंजूरी दे सकता है। प्रत्येक अनुच्छेद में अधिकारी के खिलाफ एक आरोप दर्ज होता है। प्रतिनिधि सभा से मंजूरी मिलने के बाद मामला सीनेट में सुनवाई के लिए जाता है।

सीनेट में महाभियोग के मामले की सुनवाई होती है और वहीं अधिकारी को दोषी ठहराने या पद से हटाने पर फैसला लिया जाता है। किसी अधिकारी को दोषी घोषित करने के लिए मौजूद सीनेटरों के दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन जरूरी होता है। यदि सभी 100 सीनेटर मतदान के समय मौजूद रहते हैं,तो दोषसिद्धि के लिए कम-से-कम 67 वोटों की आवश्यकता होगी। इस तरह प्रतिनिधि सभा में महाभियोग के अनुच्छेदों को मंजूरी मिलना अपने आप में अधिकारी को पद से हटाने के बराबर नहीं है।

फिलहाल ट्रंप ने हेगसेथ के प्रति अपना समर्थन दोहराया है,जबकि मैसी ने महाभियोग की माँग वापस लेने से इनकार किया है। अगले सप्ताह कांग्रेस का सत्र शुरू होने पर इस मुद्दे पर क्या कदम उठाया जाता है,इस पर नजर रहेगी। यदि मैसी प्रस्ताव पर मतदान कराने में सफल होते हैं, तो यह रक्षा मंत्री के खिलाफ राजनीतिक और संवैधानिक प्रक्रिया में एक अहम घटनाक्रम होगा। हालाँकि,प्रस्ताव के भविष्य का फैसला प्रतिनिधि सभा और जरूरत पड़ने पर सीनेट में होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगा।