अहमदाबाद विमान हादसे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्थल दौरा (तस्वीर क्रेडिट@Brajeshk_jha)

अहमदाबाद विमान हादसे की पहली बरसी: अपनों की याद में नम हुई आँखें,एक साल बाद भी जवाबों की तलाश में परिवार

अहमदाबाद, 12 जून (युआईटीवी)- अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे को एक वर्ष पूरा हो गया है, लेकिन इस त्रासदी का दर्द आज भी उन परिवारों के दिलों में उतना ही ताजा है,जितना घटना वाले दिन था। हादसे की पहली बरसी पर पीड़ितों के परिजन,स्थानीय निवासी और हादसे से प्रभावित लोग दुर्घटनास्थल पर एकत्र हुए और अपने प्रियजनों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कई लोगों की आँखें नम दिखीं और एक बार फिर उस भयावह दिन की यादें सभी के सामने जीवंत हो उठीं। बरसी के अवसर पर उपस्थित परिवारों ने न केवल अपने खोए हुए प्रियजनों को याद किया,बल्कि जाँच प्रक्रिया की धीमी रफ्तार और अब तक अंतिम रिपोर्ट सामने नहीं आने पर भी चिंता जताई।

एक साल पहले 12 जून 2025 को एयर इंडिया की उड़ान एआई-171 अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए रवाना हुई थी। उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद विमान नियंत्रण खो बैठा और शहर के मेघानीनगर इलाके में स्थित एक मेडिकल हॉस्टल परिसर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा इतना भीषण था कि विमान में सवार अधिकांश यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ-साथ जमीन पर मौजूद कई लोगों की भी जान चली गई। कुल मिलाकर लगभग 260 लोगों की मौत हुई थी,जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

पहली बरसी पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुई काजल के लिए यह दिन बेहद भावुक रहा। उन्होंने अपने छोटे भाई आकाश को याद करते हुए बताया कि हादसे के समय उनका भाई उस इलाके में सो रहा था,जहाँ विमान गिरा था। काजल ने कहा कि वह घटनास्थल के पास ही रहती थीं और जैसे ही उन्हें विमान दुर्घटना की खबर मिली,वह तुरंत वहाँ पहुंच गईं। शुरुआत में उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनका भाई भी हादसे की चपेट में आ गया है। उन्होंने बताया कि जब उन्हें पता चला कि दुर्घटना उनकी माँ के होटल के सामने हुई है,तो उन्होंने तुरंत अपने परिवार के अन्य सदस्यों से संपर्क किया और माँ तथा भाई के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की।

काजल ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी माँ ने आकाश को बचाने की पूरी कोशिश की थी,लेकिन परिस्थितियाँ इतनी भयावह थीं कि वह समय रहते उसे बाहर नहीं निकाल सकीं। इस दुर्घटना में उनके भाई की मौत हो गई,जबकि उनकी माँ गंभीर रूप से झुलस गई थीं। उन्होंने कहा कि एक साल बीत जाने के बाद भी परिवार इस दुख से पूरी तरह उबर नहीं पाया है। हर दिन उन्हें अपने भाई की याद आती है और बरसी के अवसर पर वह दर्द फिर से सामने आ गया।

श्रद्धांजलि सभा में मौजूद अन्य परिवारों की कहानी भी कुछ ऐसी ही थी। कई लोगों ने बताया कि हादसे ने उनके जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया। कुछ ने अपने माता-पिता खोए,कुछ ने बच्चों को और कुछ ने अपने जीवनसाथी को। एक साल बाद भी उनके घरों में वह खालीपन महसूस होता है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता।

हादसे में अपने करीबी को खोने वाले गुरदीप सिंह ने जाँच प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि दुर्घटना को एक वर्ष बीत चुका है,लेकिन अब तक ऐसा कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है,जिससे परिवारों को यह समझ में आए कि आखिर हादसा क्यों हुआ। उन्होंने कहा कि जब इतनी बड़ी त्रासदी होती है,तो पीड़ित परिवारों को कम से कम यह जानने का अधिकार है कि इसके पीछे असली कारण क्या थे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

मुंबई निवासी सऊद मेमन भी बरसी के अवसर पर अपने परिजनों को याद करते हुए भावुक हो गए। इस हादसे में उन्होंने अपने परिवार के चार सदस्यों को खो दिया था। उनके बड़े भाई सैयद जावेद अली,भाभी सैयद मरियम अली,भतीजे सैयद जयन अली और भतीजी सैयद अमनी अली उस विमान में सवार थे। सऊद ने बताया कि उन्हें दुर्घटना की जानकारी उस समय मिली,जब वह कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे। शुरुआत में उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि जिस विमान में उनका परिवार सफर कर रहा था,वही दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।

उन्होंने बताया कि उनका भाई अपने परिवार के साथ ईद मनाने भारत आया था और छुट्टियाँ बिताने के बाद वापस लंदन लौट रहा था। सऊद ने कहा कि उन्होंने स्वयं एयरपोर्ट पर जाकर अपने भाई और उसके परिवार को विदा किया था। उस समय उन्होंने परिवार के साथ एक तस्वीर भी खिंचवाई थी,जो अब उनकी सबसे कीमती याद बन चुकी है। उन्होंने कहा कि जब भी वह उस तस्वीर को देखते हैं,तो उन्हें एहसास होता है कि यह उनके साथ बिताए गए आखिरी पल थे।

सऊद मेमन का कहना है कि एक साल बाद भी परिवारों को यह नहीं बताया गया है कि दुर्घटना की वास्तविक वजह क्या थी। उन्होंने कहा कि सरकार और जाँच एजेंसियों को जल्द-से-जल्द अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए,ताकि पीड़ित परिवारों को सच्चाई का पता चल सके। उन्होंने यह भी माँग की कि यदि जाँच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है,तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी बड़े विमान हादसे की जाँच में लंबा समय लग सकता है क्योंकि इसमें तकनीकी,मानवीय और परिचालन संबंधी कई पहलुओं की गहराई से जाँच की जाती है। अहमदाबाद विमान हादसे के मामले में भी जाँचकर्ता विभिन्न संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ तकनीकी और परिचालन संबंधी सवाल उठाए गए थे,लेकिन अंतिम निष्कर्ष अभी तक सामने नहीं आया है। जाँच एजेंसियाँ पायलट की संभावित कार्रवाई,विमान की तकनीकी स्थिति और ईंधन आपूर्ति प्रणाली से जुड़े पहलुओं की जाँच कर रही हैं।

इस बीच पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्हें केवल जाँच पूरी होने का इंतजार नहीं है,बल्कि वे यह भी चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ। उनका मानना है कि यदि दुर्घटना के कारणों को पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक किया जाएगा,तभी विमानन सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकेगा।

बरसी के मौके पर कई लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर और फूल अर्पित कर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान दो मिनट का मौन भी रखा गया। वातावरण बेहद भावुक था और कई परिजन अपने प्रियजनों को याद करते हुए रो पड़े। कुछ लोग अपने साथ उन लोगों की तस्वीरें लेकर पहुँचे थे,जिन्हें उन्होंने इस हादसे में खो दिया था। उनके चेहरों पर दर्द साफ दिखाई दे रहा था।

हादसे के बाद मुआवजे को लेकर भी विवाद सामने आया था। कुछ परिवारों ने आरोप लगाया था कि उन्हें कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव डाला जा रहा है। हालाँकि,एयर इंडिया ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। एयरलाइन का कहना है कि मुआवजे के अंतिम प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए किसी भी परिवार पर कोई समय सीमा या दबाव नहीं डाला गया है। कंपनी ने यह भी कहा है कि वह पीड़ित परिवारों के साथ संवेदनशीलता और सम्मान के साथ व्यवहार कर रही है।

यह विवाद तब और चर्चा में आया जब,गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की बेटी ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि मुआवजा प्रक्रिया के दौरान परिवारों पर दबाव बनाया जा रहा है। इसके बाद एयरलाइन को स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा। एयर इंडिया ने कहा कि उसका उद्देश्य पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करना है और सभी प्रक्रियाएँ नियमों के अनुरूप पूरी की जा रही हैं।

एक साल बाद भी अहमदाबाद विमान हादसा देश की सबसे दर्दनाक विमान दुर्घटनाओं में से एक माना जाता है। इस हादसे ने न केवल सैकड़ों परिवारों को गहरा दुख दिया,बल्कि विमानन सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल भी खड़े किए। आज जब पीड़ित परिवार अपने प्रियजनों को याद कर रहे हैं,तब उनकी सबसे बड़ी माँग यही है कि दुर्घटना की पूरी सच्चाई सामने आए और उन्हें न्याय मिले।

बरसी के अवसर पर उपस्थित लोगों की भावनाओं में एक समानता स्पष्ट दिखाई दी। सभी के मन में अपने खोए हुए प्रियजनों की याद थी,लेकिन साथ ही यह उम्मीद भी थी कि एक दिन उन्हें उन सवालों के जवाब मिलेंगे जो पिछले एक वर्ष से उनके मन में हैं। जब तक अंतिम जाँच रिपोर्ट सामने नहीं आती और जिम्मेदारियों का निर्धारण नहीं होता,तब तक इन परिवारों का इंतजार जारी रहेगा। उनके लिए यह केवल एक हादसा नहीं,बल्कि जीवन भर का ऐसा घाव है,जिसकी टीस शायद कभी पूरी तरह समाप्त नहीं होगी।