ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम ठप, 300 उड़ानें रद्द (तस्वीर क्रेडिट@pukmedia)

ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम ठप, 300 उड़ानें रद्द; हीथ्रो-गैटविक समेत कई एयरपोर्ट प्रभावित

लंदन,9 सितंबर (युआईटीवी)- ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई तकनीकी खराबी के कारण मंगलवार को हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। तकनीकी समस्या के चलते लंदन के हीथ्रो और गैटविक समेत देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन बाधित हो गया। बड़ी संख्या में उड़ानों में देरी हुई,जबकि करीब 300 उड़ानों के रद्द होने की जानकारी सामने आई है। मंगलवार शाम तक भी यात्रियों को इस तकनीकी खराबी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। उड़ानों के रद्द होने और देरी का असर ब्रिटेन के अलावा यूरोप के कई हिस्सों तक पहुँच गया।

फ्लाइट मॉनिटरिंग वेबसाइट फ्लाइटरडार24 के मुताबिक,तकनीकी खराबी के बाद अब तक करीब 300 उड़ानें रद्द हो चुकी थीं। सबसे ज्यादा असर लंदन के हवाई अड्डों से संचालित होने वाली उड़ानों पर पड़ा। मंगलवार दोपहर एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में खराबी की जानकारी सामने आने के बाद कुछ समय तक बहुत कम उड़ानें ही टेक-ऑफ कर सकीं। यात्रियों को हवाई अड्डों पर लंबा इंतजार करना पड़ा और कई उड़ानों के समय में बदलाव किया गया।

ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेवा उपलब्ध कराने वाली संस्था एनएटीएस ने दोपहर 1 बजकर 46 मिनट पर तकनीकी समस्या की पुष्टि की थी। संस्था ने बताया था कि वह ऐसी तकनीकी समस्या की जाँच कर रही है,जिससे उड़ानों के प्रस्थान में बाधा आ रही है। शुरुआती जानकारी में माना गया था कि समस्या का असर मुख्य रूप से उड़ानों के प्रस्थान पर है। हालाँकि,बाद में स्थिति और व्यापक होने की पुष्टि हुई और आने वाली तथा जाने वाली दोनों तरह की उड़ानें प्रभावित होने लगीं।

एनएटीएस ने बाद में अपनी फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में आई समस्या की पहचान की। इसके चलते देश के कई हवाई अड्डों पर उड़ानों की आवाजाही प्रभावित हुई। शाम करीब 4 बजकर 40 मिनट पर एनएटीएस ने घोषणा की कि तकनीकी खराबी को ठीक कर लिया गया है। हालाँकि,सिस्टम बहाल होने के बाद भी उड़ानों का संचालन तत्काल सामान्य नहीं हो सका। पहले से जमा हुई उड़ानों और यात्रियों की संख्या के कारण हवाई यातायात को सामान्य स्थिति में लौटने में समय लगने की संभावना बनी रही।

एनएटीएस ने यात्रियों को हुई परेशानी के लिए माफी माँगते हुए कहा कि वह स्थिति को सामान्य करने के लिए एयरलाइंस और हवाई अड्डों के साथ मिलकर काम कर रही है। संस्था ने यात्रियों से अपनी संबंधित एयरलाइन के संपर्क में बने रहने की अपील की। एनएटीएस के मुताबिक,तकनीकी खराबी के कारण मंगलवार को लोगों की यात्रा में जो बाधा उत्पन्न हुई, उसके लिए उसे खेद है। सिस्टम की तकनीकी समस्या दूर होने के बाद प्राथमिकता उड़ानों के संचालन को धीरे-धीरे सामान्य करने की रही।

लंदन के हीथ्रो और गैटविक हवाई अड्डों पर तकनीकी खराबी का व्यापक असर देखने को मिला। इसके अलावा मैनचेस्टर, स्टैनस्टेड और लंदन सिटी हवाई अड्डे से संचालित होने वाली ज्यादातर उड़ानों में दोपहर दो बजे के बाद देरी हुई या वे निर्धारित समय पर उड़ान नहीं भर सकीं। एनालिटिक्स कंपनी सिरियम के आँकडों के अनुसार, शाम 4 बजकर 15 मिनट तक हीथ्रो और गैटविक से आने-जाने वाली करीब 90 उड़ानें रद्द हो चुकी थीं।

तकनीकी खराबी का असर केवल लंदन तक सीमित नहीं रहा। ब्रिटेन के कई अन्य प्रमुख हवाई अड्डों से भी उड़ान संचालन प्रभावित हुआ। एडिनबर्ग, बर्मिंघम, ब्रिस्टल और बेलफास्ट जैसे हवाई अड्डों पर भी यात्रियों को देरी और उड़ानों के रद्द होने का सामना करना पड़ा। इससे हवाई अड्डों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई और एयरलाइंस को अपने उड़ान कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा।

कम लागत वाली एयरलाइन रायनएयर ने बताया कि उसकी 50 उड़ानें रद्द हुई हैं, जिससे 65 हजार से अधिक यात्री प्रभावित हुए। कंपनी के मुताबिक,तकनीकी समस्या के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करना पड़ा। वहीं, ईजीजेट ने कहा कि एनएटीएस की तकनीकी खराबी का प्रभाव पूरे यूरोप में संचालित होने वाली उड़ानों पर पड़ा है। इसका मतलब यह है कि ब्रिटेन से आने-जाने वाली उड़ानों के साथ-साथ यूरोपीय हवाई यातायात पर भी इस व्यवधान का असर महसूस किया गया।

यूरोपीय हवाई यातायात प्रबंधन संगठन यूरोकंट्रोल ने भी स्थिति को लेकर जानकारी साझा की। संगठन ने कहा कि कुछ आने वाली उड़ानों को विदेशी हवाई अड्डों पर ही रोक दिया गया है। इसका उद्देश्य हवाई यातायात पर अतिरिक्त दबाव को कम करना और विमान संचालन को सुरक्षित बनाए रखना था। यूरोकंट्रोल ने संकेत दिया कि शाम तक हवाई यातायात में व्यवधान जारी रहने की संभावना थी। इससे यह स्पष्ट हुआ कि तकनीकी समस्या ठीक होने के बाद भी उसके प्रभाव को पूरी तरह खत्म होने में समय लग सकता है।

हीथ्रो हवाई अड्डे ने शुरुआत में कहा था कि एनएटीएस की तकनीकी समस्या के कारण केवल प्रस्थान करने वाली उड़ानें प्रभावित हो रही हैं,लेकिन बाद में हवाई अड्डे की ओर से जारी बयान में पुष्टि की गई कि समस्या का असर ब्रिटेन के हवाई अड्डों पर आने और वहाँ से जाने वाली दोनों तरह की उड़ानों पर पड़ा है। इस बदलाव के बाद कई यात्रियों की यात्रा योजनाएँ प्रभावित हुईं और एयरलाइंस को उड़ानों के संचालन में बदलाव करना पड़ा।

यह घटना ब्रिटेन के हवाई यातायात नियंत्रण तंत्र को लेकर भी सवाल खड़े करती है। पिछले तीन वर्षों में यह तीसरी बड़ी घटना बताई जा रही है,जिसके बाद एयरलाइंस की ओर से एनएटीएस में बड़े सुधार की माँग फिर से उठाई गई है। बार-बार तकनीकी समस्याओं के कारण उड़ानों पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए विमानन क्षेत्र से जुड़े पक्ष एयर ट्रैफिक कंट्रोल प्रणाली को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।

मंगलवार की तकनीकी खराबी ने एक बार फिर यह दिखाया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में थोड़े समय के लिए आने वाली समस्या भी बड़े स्तर पर हवाई यातायात को प्रभावित कर सकती है। सैकड़ों उड़ानों के रद्द होने और हजारों यात्रियों की यात्रा प्रभावित होने के बाद अब प्राथमिकता व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य करने की है। एनएटीएस ने तकनीकी समस्या को ठीक करने की पुष्टि कर दी है,लेकिन पहले से प्रभावित उड़ानों को सामान्य समय-सारिणी पर लाने में कुछ समय लग सकता है। ऐसे में यात्रियों को अपनी एयरलाइन से लगातार संपर्क में रहने और उड़ान की स्थिति की जानकारी लेते रहने की सलाह दी गई है।