नई दिल्ली,9 सितंबर (युआईटीवी)- अदाणी समूह की एयरपोर्ट कारोबार से जुड़ी कंपनी अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड ने बुधवार को बड़ा ऐलान किया। कंपनी ने वैश्विक निवेशकों के एक कंसोर्टियम से प्राथमिक इक्विटी पूँजी के रूप में 9,825 करोड़ रुपये यानी करीब एक अरब डॉलर जुटाए हैं। इस निवेश के साथ कंपनी को अपने एयरपोर्ट कारोबार के विस्तार,आधुनिकीकरण और एयरपोर्ट से जुड़े गैर-विमानन कारोबार को बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। कंपनी ने बताया कि यह निवेश 18 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर किया गया है।
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड, अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की सहायक कंपनी है। कंपनी के अनुसार, उसे यह पूँजी अल्फा वेव ग्लोबल, प्रेमजी इन्वेस्ट, टेमासेक और ब्लैकरॉक द्वारा प्रबंधित किए जाने वाले फंड्स से प्राप्त हुई है। इन वैश्विक और घरेलू निवेशकों की भागीदारी को अदाणी एयरपोर्ट्स के कारोबार में संस्थागत निवेशकों के भरोसे के तौर पर देखा जा रहा है। कंपनी का कहना है कि इस पूँजी का इस्तेमाल भारत में एयरपोर्ट और उससे जुड़े बुनियादी ढाँचे के विस्तार की योजनाओं को गति देने के लिए किया जाएगा।
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के गैर-कार्यकारी निदेशक जीत अदाणी ने इस निवेश को कंपनी के एयरपोर्ट प्लेटफॉर्म के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े और लंबे समय के लिए निवेश करने वाले साझेदारों का कंपनी के साथ जुड़ना महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक,भारत का विमानन क्षेत्र देश की आर्थिक वृद्धि को तेज करने वाले सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है और आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
जीत अदाणी ने कहा कि हवाई संपर्क का विस्तार केवल एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों में व्यापार, पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि नए निवेशकों के सहयोग से कंपनी भारत में विमानन क्षेत्र की संभावित वृद्धि से पहले ही जरूरी निवेश करने पर ध्यान देगी।
कंपनी के मुताबिक, नई पूँजी का एक बड़ा हिस्सा उसके एयरपोर्ट पोर्टफोलियो में बुनियादी ढाँचे के विस्तार और आधुनिकीकरण पर खर्च किया जाएगा। इसके साथ ही एयरपोर्ट के आसपास एकीकृत अदाणी एयरपोर्ट सिटी इकोसिस्टम विकसित करने की योजना को भी तेजी दी जाएगी। कंपनी की योजना के पहले चरण में करीब 2.2 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र में मिश्रित उपयोग वाले विकास कार्य किए जाने हैं। इन परियोजनाओं में वाणिज्यिक,कारोबारी और यात्रियों की जरूरतों से जुड़े विभिन्न प्रकार के विकास को शामिल किया जा सकता है।
एयरपोर्ट सिटी के विकास के जरिए कंपनी एयरपोर्ट को केवल विमानों के आने-जाने की जगह के बजाय एक व्यापक आर्थिक और शहरी केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके तहत एयरपोर्ट के आसपास विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। कंपनी का मानना है कि इस तरह के एकीकृत विकास से एयरपोर्ट की कमाई के स्रोत बढ़ेंगे और यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी।
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने कहा कि निवेश का इस्तेमाल यात्रियों से जुड़े और अन्य गैर-विमानन कारोबार को बढ़ाने के लिए भी किया जाएगा। इनमें ग्राउंड हैंडलिंग जैसी सेवाएँ शामिल हैं। गैर-विमानन कारोबार एयरपोर्ट कंपनियों के लिए कमाई का महत्वपूर्ण स्रोत होता है। यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ खुदरा कारोबार, भोजन एवं पेय पदार्थ, पार्किंग, विज्ञापन, लॉजिस्टिक्स और अन्य सेवाओं से होने वाली आय में भी बढ़ोतरी की संभावना रहती है।
कंपनी ने उम्मीद जताई है कि इन निवेशों से उसके एयरपोर्ट नेटवर्क की सालाना यात्री सेवा क्षमता बढ़कर 20 करोड़ यानी 200 मिलियन यात्रियों तक पहुँच सकती है। इसके साथ ही वाणिज्यिक कमाई के अवसर बढ़ाने, यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने और कंपनी के एकीकृत एयरपोर्ट इकोसिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण बंसल ने कहा कि कंपनी अदाणी एयरपोर्ट्स को दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट प्लेटफॉर्म बनाने के लिए अपनी क्षमताओं का विस्तार जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को भारत में विमानन क्षेत्र में तेजी से बढ़ते अवसरों, भारतीय उपभोक्ताओं की बढ़ती खर्च करने की क्षमता और बड़े शहरी केंद्रों में कंपनी के शहर-स्तरीय विकास से मजबूती मिल रही है।
अरुण बंसल के मुताबिक,बड़े भारतीय शहरों में एयरपोर्ट के आसपास होने वाला विकास देश की आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एयरपोर्ट के साथ जुड़े शहर-स्तरीय विकास से यात्रियों और कारोबारियों के लिए सुविधाएँ बढ़ने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सकती है। कंपनी इसी मॉडल को अपने अन्य एयरपोर्ट परिसरों में भी विस्तार देने की दिशा में काम कर रही है।
यह निवेश ऐसे समय हुआ है,जब अदाणी समूह ने हाल ही में पूँजी बाजार के जरिए भी बड़ी रकम जुटाई है। जुलाई 2026 में अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने 15,000 करोड़ रुपये का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट यानी क्यूआईपी सफलतापूर्वक पूरा किया था। कंपनी के अनुसार,यह भारत में किसी गैर-वित्तीय कॉरपोरेट द्वारा किया गया सबसे बड़ा क्यूआईपी था। अब एयरपोर्ट कारोबार में 9,825 करोड़ रुपये के नए निवेश से समूह की पूँजी जुटाने की क्षमता को और मजबूती मिली है।
कंपनी ने कहा कि दोनों सौदे इस बात को दर्शाते हैं कि अदाणी समूह के कारोबारों को घरेलू और वैश्विक संस्थागत निवेशकों से लंबे समय के लिए पूँजी हासिल करने की क्षमता बनी हुई है। कंपनी के अनुसार,वैश्विक निवेशकों की भागीदारी से उसके एयरपोर्ट कारोबार की विस्तार योजनाओं को वित्तीय समर्थन मिलेगा और भविष्य की परियोजनाओं के लिए पूँजी आधार मजबूत होगा।
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स वर्तमान में पूरे भारत में आठ एयरपोर्ट का प्रबंधन करती है। कंपनी के अनुसार, उसका नेटवर्क देश के कुल यात्री यातायात में 23 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखता है। भारत में हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ने,मध्यम वर्ग की आय और खर्च करने की क्षमता में वृद्धि तथा देश के प्रमुख शहरों में एयर कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ एयरपोर्ट कारोबार में आगे भी बड़े अवसर बनने की उम्मीद है।
नई पूँजी के जरिए कंपनी इन अवसरों को भुनाने के लिए अपने मौजूदा एयरपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ यात्रियों के अनुभव और गैर-विमानन सेवाओं पर भी ध्यान केंद्रित करेगी। एयरपोर्ट सिटी विकास मॉडल के विस्तार से कंपनी को भविष्य में अतिरिक्त राजस्व स्रोत तैयार करने में मदद मिल सकती है। वहीं, बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण से बढ़ती यात्री संख्या को सँभालने की क्षमता भी बेहतर होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर,वैश्विक निवेशकों से 9,825 करोड़ रुपये जुटाना अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय और रणनीतिक कदम है। कंपनी इस पूँजी के जरिए भारत के तेजी से बढ़ते विमानन बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने,एयरपोर्ट बुनियादी ढाँचे का विस्तार करने और एयरपोर्ट को व्यापक आर्थिक केंद्रों में बदलने की योजना पर आगे बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में यात्री यातायात में वृद्धि और एयरपोर्ट से जुड़े गैर-विमानन कारोबार के विस्तार के साथ कंपनी के लिए इस निवेश से नए कारोबारी अवसर खुलने की उम्मीद है।
