हार्दिक पांड्या (तस्वीर क्रेडिट@IPL2025Auction)

हार्दिक पांड्या का विकल्प तलाशना बंद करे टीम इंडिया,सुनील गावस्कर ने बताया गेंदबाजी का सही फॉर्मूला

नई दिल्ली,19 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया को अपनी गेंदबाजी रणनीति में बदलाव करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि भारतीय टीम को हार्दिक पांड्या जैसा खिलाड़ी तलाशने के बजाय अपनी जरूरतों के अनुसार अलग-अलग खूबियों वाले खिलाड़ियों को मौका देना चाहिए। गावस्कर ने स्पष्ट किया कि हार्दिक पांड्या की भूमिका बेहद खास है और उनकी जगह लेने के लिए किसी दूसरे खिलाड़ी से बिल्कुल वैसी ही उम्मीद करना सही नहीं होगा। टीम को ऐसे खिलाड़ियों पर भरोसा करना चाहिए,जो अपनी क्षमताओं के दम पर बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकें।

वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के बाद गावस्कर ने भारतीय टीम के संतुलन को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि टीम को कम से कम चार नियमित गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरना चाहिए। इसके अलावा पांचवें और छठे गेंदबाज की भूमिका ऐसे खिलाड़ियों को दी जा सकती है,जो बल्लेबाजी में भी उपयोगी साबित हों। उनके मुताबिक, इस रणनीति से टीम को गेंदबाजी में पर्याप्त विकल्प मिलेंगे और बल्लेबाजी की गहराई भी बनी रहेगी।

गावस्कर ने कहा कि भारतीय टीम कई बार हार्दिक पांड्या का विकल्प खोजने की कोशिश में अपनी रणनीति से भटक जाती है। उनका मानना है कि हर खिलाड़ी की अपनी अलग विशेषता होती है और किसी दूसरे क्रिकेटर से हार्दिक जैसा प्रदर्शन करने की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है। अगर टीम को उनकी तरह का खिलाड़ी नहीं मिल रहा है, तो उसे किसी ऐसे खिलाड़ी को चुनना चाहिए,जो अपनी अलग क्षमताओं के जरिए टीम के लिए उपयोगी साबित हो सके।

उन्होंने नमन धीर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह युवा खिलाड़ी अपनी भूमिका को अच्छी तरह निभाने की कोशिश कर रहा है। वह गेंदबाजी में टीम को विकल्प दे रहा है और जरूरत पड़ने पर बल्ले से भी प्रभावशाली प्रदर्शन कर सकता है। गावस्कर के अनुसार, भारतीय टीम को खिलाड़ियों की व्यक्तिगत खूबियों को पहचानकर उनका सही इस्तेमाल करना चाहिए,न कि किसी एक खिलाड़ी की हूबहू नकल करने वाला विकल्प तलाशते रहना चाहिए।

पूर्व कप्तान ने यह भी संकेत दिया कि टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों की भूमिका तय करते समय उनके वास्तविक प्रदर्शन और उपलब्ध क्षमताओं पर ध्यान देना होगा। किसी खिलाड़ी को केवल इसलिए टीम में शामिल करना कि वह हार्दिक पांड्या की जगह ले सकता है, सही रणनीति नहीं है। इसके बजाय ऐसे क्रिकेटरों को अवसर मिलना चाहिए,जो टीम की जरूरतों के मुताबिक योगदान दे सकें।

गावस्कर ने भारतीय टीम की गेंदबाजी व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी को मजबूत बनाने के प्रयास में गेंदबाजी से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। टीम के पास कम से कम चार ऐसे गेंदबाज होने चाहिए,जो नियमित रूप से अपने कोटे के ओवर पूरे कर सकें। इसके बाद दो ऐसे खिलाड़ियों को शामिल किया जा सकता है,जो जरूरत के मुताबिक गेंदबाजी करने के साथ बल्लेबाजी में भी अहम योगदान दें।

उन्होंने अक्षर पटेल और नमन धीर जैसे खिलाड़ियों को इस रणनीति के लिए उपयोगी बताया। ऐसे खिलाड़ी टीम को अतिरिक्त संतुलन देते हैं,क्योंकि वे केवल एक विभाग पर निर्भर नहीं रहते। यदि बल्लेबाजी के दौरान टीम मुश्किल स्थिति में पहुँचती है,तो वे रन बनाने में मदद कर सकते हैं। वहीं,गेंदबाजी के समय कप्तान को अतिरिक्त विकल्प मिल जाता है।

गावस्कर ने यह भी कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में भारतीय टीम को अपनी बेंच स्ट्रेंथ परखने का अवसर मिला। इस दौरान मयंक यादव और प्रिंस यादव ने अच्छी गेंदबाजी की, जबकि नमन धीर ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। खासतौर पर नमन की ऑफ स्पिन गेंदबाजी और अंतिम मुकाबले में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें चर्चा में ला दिया।

भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांचवां टी20 मुकाबला बेंगलुरु में खेला जाना था। लगातार बारिश के कारण मैच में बाधा आई और मुकाबले को घटाकर नौ-नौ ओवर का निर्धारित किया गया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7.4 ओवर में पाँच विकेट के नुकसान पर 118 रन बना लिए थे। इस दौरान नमन धीर शानदार अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे।

नमन ने केवल छह गेंदों पर तीन छक्कों और एक चौके की मदद से नाबाद 24 रन बनाए थे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने कम ओवरों के मुकाबले में भारतीय टीम को मजबूत स्कोर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। हालाँकि,इसी दौरान एक बार फिर बारिश शुरू हो गई। काफी इंतजार के बाद मुकाबले को रद्द करना पड़ा। इस तरह पाँच मैचों की टी20 सीरीज 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुई।

मैच रद्द होने के कारण भारतीय टीम की गेंदबाजी का परीक्षण नहीं हो सका। गावस्कर ने भी इस बात पर अफसोस जताया कि दर्शकों को यह देखने का अवसर नहीं मिला कि नौ ओवर के मुकाबले में भारतीय गेंदबाज किस तरह प्रदर्शन करते। उनके अनुसार,ऐसे छोटे मुकाबलों में गेंदबाजों की रणनीति,दबाव में प्रदर्शन और कप्तान के पास उपलब्ध विकल्पों का आकलन करना दिलचस्प होता।

कुल मिलाकर,गावस्कर की सलाह भारतीय टीम के लिए एक अहम संदेश है। टी20 क्रिकेट में केवल बड़े हिटर और आक्रामक बल्लेबाज होना पर्याप्त नहीं है,बल्कि टीम का संतुलन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ी की उपयोगिता को स्वीकार करते हुए भारत को अपने दूसरे खिलाड़ियों की अलग-अलग क्षमताओं पर भरोसा करना होगा। यदि टीम चार नियमित गेंदबाजों के साथ दो उपयोगी ऑलराउंडर विकल्प तैयार करती है,तो इससे गेंदबाजी की मजबूती और बल्लेबाजी की गहराई के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सकता है।