हॉलीवुड में होगा ‘रामायण: राइज ऑफ अ लीजेंड’ का भव्य वर्ल्ड प्रीमियर (तस्वीर क्रेडिट@bolly_talkies)

हॉलीवुड में होगा ‘रामायण: राइज ऑफ अ लीजेंड’ का भव्य वर्ल्ड प्रीमियर,27 अक्टूबर को 945 मेहमानों के बीच सजेगी भारतीय संस्कृति की झलक

मुंबई,19 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारतीय सिनेमा और संस्कृति के लिए एक खास उपलब्धि सामने आई है। निर्माता नमित मल्होत्रा की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण: राइज ऑफ अ लीजेंड’ का भव्य विश्व प्रीमियर 27 अक्टूबर को अमेरिका के लॉस एंजिलिस स्थित प्रतिष्ठित एकेडमी म्यूजियम ऑफ मोशन पिक्चर्स के डेविड गेफेन थिएटर में आयोजित किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में लगभग 945 मेहमान शामिल होंगे। फिल्म के जरिए भारतीय महाकाव्य,संस्कृति और दिवाली की परंपरा को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने की तैयारी है। कार्यक्रम में हॉलीवुड की प्रमुख हस्तियों,फिल्म निर्माताओं, अंतर्राष्ट्रीय मीडिया प्रतिनिधियों और मनोरंजन जगत से जुड़े कई जाने-माने लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

निर्माताओं के अनुसार, यह आयोजन केवल फिल्म की पहली स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक दर्शकों के सामने पेश करने का अवसर भी बनेगा। दिवाली के उत्सवी माहौल को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। रेड कार्पेट पर भी भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई देगी। मेहमानों से पारंपरिक भारतीय उत्सव के अनुरूप कपड़े पहनकर आने का अनुरोध किया गया है,ताकि हॉलीवुड में होने वाला यह आयोजन भारतीय त्योहार की रंगीन छटा से जुड़ सके।

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही यह फिल्म वर्ष 2026 की बहुप्रतीक्षित भारतीय फिल्मों में शामिल है। फिल्म के टीजर और ट्रेलर से दर्शकों के बीच पहले ही उत्सुकता पैदा हो चुकी है। इसके विशाल स्तर,कलाकारों और दृश्यात्मक प्रस्तुति के साथ-साथ इसकी कहानी के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को भी खास माना जा रहा है।

लॉस एंजिलिस स्थित एकेडमी म्यूजियम ऑफ मोशन पिक्चर्स विश्व सिनेमा के इतिहास, फिल्म निर्माण की कला और तकनीकी उपलब्धियों को समर्पित प्रमुख संस्थानों में शामिल है। यहाँ फिल्मों से संबंधित प्रदर्शनियों, विशेष स्क्रीनिंग और विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। ऐसे प्रतिष्ठित स्थान पर ‘रामायण: राइज ऑफ अ लीजेंड’ का विश्व प्रीमियर होना भारतीय फिल्म उद्योग के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी की इस परियोजना को भारतीय महाकाव्य की कहानी को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने की महत्वाकांक्षी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। फिल्म का उद्देश्य केवल एक प्रसिद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक कथा को दोबारा पेश करना नहीं,बल्कि उसकी भावनाओं, आदर्शों और परंपराओं को आधुनिक सिनेमाई तकनीक के माध्यम से दर्शकों तक पहुँचाना भी है।

फिल्म की टीम ने शुरुआत से ही इस परियोजना को एक बड़ी रचनात्मक जिम्मेदारी के रूप में पेश किया है। रामायण भारतीय समाज और संस्कृति में विशेष स्थान रखती है। इसके पात्र,घटनाएँ और उनसे जुड़ी मान्यताएँ पीढ़ियों से लोगों की सांस्कृतिक चेतना का हिस्सा रही हैं। ऐसे में इस कथा को अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने के लिए कहानी की भावनात्मक गहराई और उसके मूल संदेश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लॉस एंजिलिस में आयोजित होने वाला कार्यक्रम इसी सांस्कृतिक उद्देश्य को वैश्विक मंच देने का प्रयास है। दिवाली के आसपास होने वाला यह आयोजन भारतीय त्योहार की परंपराओं और फिल्म की विषयवस्तु को एक साथ सामने लाएगा। इससे भारतीय सिनेमा की अंतर्राष्ट्रीय पहुँच और सांस्कृतिक कहानियों में वैश्विक रुचि पर भी ध्यान केंद्रित होगा।

फिल्म के विश्व प्रीमियर में लगभग 945 मेहमानों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। इनमें हॉलीवुड की प्रमुख हस्तियाँ,अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माता,मीडिया प्रतिनिधि और मनोरंजन उद्योग से जुड़े कई लोग शामिल होंगे। कार्यक्रम को खास बनाने के लिए भारतीय उत्सव की परंपराओं को भी आयोजन का हिस्सा बनाया जा रहा है।

रेड कार्पेट पर पारंपरिक भारतीय परिधानों की झलक देखने को मिल सकती है। मेहमानों से उत्सवी भारतीय कपड़ों में आने का अनुरोध इस बात को दर्शाता है कि निर्माता फिल्म की स्क्रीनिंग के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता देना चाहते हैं। इस तरह दिवाली का माहौल और अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा का मंच एक साथ देखने को मिलेगा।

भारतीय फिल्मों के लिए विदेशों में प्रीमियर आयोजित करना नई बात नहीं है,लेकिन किसी प्रतिष्ठित फिल्म संग्रहालय में इस तरह का विशेष आयोजन भारतीय महाकाव्य पर आधारित परियोजना को अलग पहचान दे सकता है। फिल्म की टीम के लिए यह अपने काम को अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों और उद्योग के प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर भी होगा।

हालाँकि,कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी मेहमानों की अंतिम सूची और उनकी उपस्थिति का विवरण अलग से सामने आने पर ही स्पष्ट होगा। फिलहाल घोषित योजना के अनुसार,प्रीमियर को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है।

‘रामायण: राइज ऑफ अ लीजेंड’ के विश्व प्रीमियर की एक और प्रमुख विशेषता इसकी तीन-आयामी यानी थ्री-डी स्क्रीनिंग होगी। निर्माताओं का मानना है कि इस तकनीक के माध्यम से फिल्म के विशाल दृश्यों,वातावरण और दृश्यात्मक गहराई को अधिक प्रभावशाली तरीके से अनुभव किया जा सकेगा।

थ्री-डी तकनीक दर्शकों को पर्दे पर दिखाई जाने वाली दुनिया का अधिक गहरा दृश्य अनुभव देने के लिए इस्तेमाल की जाती है। भव्य दृश्य,विस्तृत पृष्ठभूमि और बड़े पैमाने पर तैयार किए गए दृश्य प्रभावों वाली फिल्मों में इसका उपयोग कहानी की प्रस्तुति को अलग आयाम दे सकता है।

निर्माताओं के मुताबिक,लॉस एंजिलिस में प्रीमियर के लिए आने वाले अधिकांश मेहमान फिल्म को थ्री-डी प्रारूप में देखने का विकल्प चुन रहे हैं। टीम भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों में मौजूद दर्शकों को भी फिल्म का अनुभव लेने के लिए इस प्रारूप पर विचार करने की सलाह दे रही है।

फिल्म में दृश्यात्मक प्रस्तुति को विशेष महत्व दिए जाने के कारण इसकी तकनीकी गुणवत्ता पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। बड़े पर्दे पर रामायण की कथा को भव्य रूप में पेश करने के लिए दृश्य प्रभावों और आधुनिक फिल्म निर्माण तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। हालाँकि,अंतिम अनुभव दर्शकों को सिनेमाघरों में फिल्म देखने के बाद ही मिल सकेगा।

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज ने डीएनईजी और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के साथ मिलकर किया है। डीएनईजी दृश्य प्रभावों के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी है,जिसे आठ ऑस्कर पुरस्कार मिल चुके हैं। फिल्म के निर्माण में इसकी भागीदारी के कारण दृश्य प्रभावों और तकनीकी प्रस्तुति को लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है।

निर्माण से जुड़ी कंपनियों का सहयोग इस परियोजना के व्यापक स्तर को दर्शाता है। फिल्म को दो भागों में रिलीज करने की योजना बनाई गई है,जिससे रामायण की विस्तृत कथा को बड़े पर्दे पर विस्तार से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

फिल्म का पहला भाग 5 नवंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाला है। इसके बाद दूसरा भाग दिवाली 2027 के अवसर पर रिलीज करने की योजना है। दो भागों में कहानी प्रस्तुत करने का उद्देश्य इसके विभिन्न प्रसंगों और पात्रों को पर्याप्त जगह देना है।

फिल्म की रिलीज की तारीखों को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है। विश्व प्रीमियर रिलीज से पहले आयोजित किया जाएगा,जिससे अंतर्राष्ट्रीय फिल्म जगत के प्रतिनिधियों को फिल्म देखने का अवसर मिलेगा।

भारत में ‘रामायण: राइज ऑफ अ लीजेंड’ को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज करने की योजना है। इससे फिल्म को देश के विभिन्न भाषाई क्षेत्रों के दर्शकों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा फिल्म को आईमैक्स प्रारूप में भी प्रदर्शित किया जाएगा,जिससे दर्शक बड़े पर्दे पर इसके दृश्यात्मक अनुभव का आनंद ले सकेंगे।

फिल्म के वितरण की जिम्मेदारी भी अलग-अलग बाजारों के लिए निर्धारित की गई है। भारत को छोड़कर दुनियाभर में इसका वितरण सोनी पिक्चर्स करेगी,जबकि हिंदी भाषी बाजार में धर्मा प्रोडक्शंस वितरण का काम सँभालेगी। अंतर्राष्ट्रीय वितरण व्यवस्था से फिल्म को विदेशों में व्यापक स्तर पर दर्शकों तक पहुँचाने का अवसर मिलेगा।

निर्माताओं के अनुसार,फिल्म की अग्रिम टिकट बुकिंग दुनियाभर में 20 अक्टूबर से शुरू होगी। दर्शक रिलीज से पहले टिकट बुक कर सकेंगे। फिल्म की रिलीज से पहले होने वाला लॉस एंजिलिस प्रीमियर इसके प्रचार अभियान का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा।

‘रामायण: राइज ऑफ अ लीजेंड’ का विश्व प्रीमियर भारतीय फिल्म उद्योग के लिए केवल एक प्रचार कार्यक्रम नहीं,बल्कि अपनी सांस्कृतिक कहानियों को अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों तक पहुँचाने का अवसर भी है। भारतीय महाकाव्यों पर आधारित कहानियों में पारिवारिक संबंधों, कर्तव्य, त्याग, संघर्ष और आदर्शों जैसे विषय शामिल हैं,जो अलग-अलग सांस्कृतिक पृष्ठभूमि वाले दर्शकों के लिए भी रुचिकर हो सकते हैं।

फिल्म की टीम के सामने चुनौती यह होगी कि वह रामायण की परिचित कथा को भव्य सिनेमाई रूप देने के साथ उसकी मूल भावनाओं और सांस्कृतिक महत्व को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करे। फिल्म के विशाल निर्माण स्तर,आधुनिक दृश्य प्रभावों और अंतर्राष्ट्रीय वितरण योजना ने इसे लेकर उम्मीदें बढ़ाई हैं।

27 अक्टूबर को लॉस एंजिलिस में होने वाला प्रीमियर इस परियोजना की अंतर्राष्ट्रीय यात्रा का महत्वपूर्ण चरण होगा। इसके बाद 5 नवंबर को पहले भाग की वैश्विक रिलीज प्रस्तावित है। दिवाली के अवसर पर भारतीय संस्कृति की झलक को हॉलीवुड तक पहुँचाने की यह पहल फिल्म के लिए एक खास पहचान बनाने का प्रयास है। अब दर्शकों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि बड़े पर्दे पर प्रस्तुत की जाने वाली यह महाकाव्यात्मक कहानी भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों के बीच कैसी प्रतिक्रिया हासिल करती है।