टोयोटा,19 अक्टूबर (युआईटीवी)- एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का पदक खाता खोल दिया है। सोमवार को जापान के आइची प्रांत स्थित जनरल शूटिंग गैलरी में भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किए। मोना ने एशियन पैरा गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता,जबकि अवनि ने दूसरे स्थान पर रहते हुए रजत पदक हासिल किया। दक्षिण कोरिया की युनरी ली ने कांस्य पदक जीतकर प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त किया।
मोना ने फाइनल में 250 अंक हासिल किए और एशियन पैरा गेम्स का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वहीं,अवनि ने 249.6 अंक के साथ रजत पदक जीता। दोनों भारतीय निशानेबाजों के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। मोना ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर अवनि के पिछले 249.6 अंकों के एशियाई पैरा गेम्स रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। हालाँकि, वह स्लोवाकिया की इरीना शचेतनिक के 252 अंकों के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गईं।
इस उपलब्धि के साथ भारतीय दल को प्रतियोगिता में शुरुआती सफलता मिली। दोनों खिलाड़ियों ने दिखाया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पैरा निशानेबाजी लगातार मजबूत हो रही है। खास बात यह रही कि क्वालीफिकेशन राउंड से लेकर फाइनल तक भारतीय निशानेबाजों का दबदबा देखने को मिला।
मोना अग्रवाल ने फाइनल में बेहतरीन एकाग्रता और सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने 250 अंकों के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता और प्रतियोगिता का नया रिकॉर्ड स्थापित किया। उनका यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा,क्योंकि उन्होंने इसी स्पर्धा में अपनी साथी खिलाड़ी अवनि लेखरा के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।
मोना की सफलता उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन का परिणाम है। इससे पहले उन्होंने पिछले महीने दक्षिण कोरिया के चांगवोन में आयोजित विश्व निशानेबाजी पैरा खेल चैंपियनशिप में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। उस प्रतियोगिता में उन्होंने भारत के लिए लॉस एंजिल्स पैरालंपिक 2028 का पहला कोटा हासिल किया था।
चांगवोन में महिलाओं की आर2 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में मोना 250 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही थीं। वहीं,पेरिस पैरालंपिक की स्वर्ण पदक विजेता अवनि लेखरा ने 229.4 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया था। विश्व चैंपियनशिप में मिली सफलता के बाद मोना ने एशियन पैरा गेम्स में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया।
अवनि लेखरा ने भी फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 249.6 अंक हासिल किए और रजत पदक अपने नाम किया। हालाँकि,वह स्वर्ण पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गईं,लेकिन उनका प्रदर्शन पूरे मुकाबले में प्रभावशाली रहा। अवनि ने क्वालीफिकेशन राउंड में भी अपनी क्षमता साबित की थी और दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई थी।
इस उपलब्धि के साथ अवनि ने लॉस एंजिल्स पैरालंपिक 2028 के लिए कोटा भी हासिल कर लिया है। इससे उनके लिए आगामी पैरालंपिक खेलों की तैयारी का रास्ता मजबूत हुआ है। दूसरी ओर,मोना पहले ही पिछले महीने विश्व चैंपियनशिप के दौरान भारत के लिए कोटा हासिल कर चुकी थीं।
अवनि भारतीय पैरा निशानेबाजी की सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने टोक्यो पैरालंपिक में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा,उन्होंने 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन एसएच1 स्पर्धा में कांस्य पदक भी हासिल किया था। पेरिस पैरालंपिक में भी अवनि ने 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक और बड़ी सफलता जोड़ी।
फाइनल से पहले हुए क्वालीफिकेशन राउंड में भी मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने शानदार प्रदर्शन किया था। मोना ने छह सीरीज के बाद कुल 629.1 अंक हासिल किए और पहला स्थान प्राप्त किया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने एशियन पैरा गेम्स का नया क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाया और चीन की झांग कुइपिंग के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
अवनि ने क्वालीफिकेशन राउंड में 626.4 अंक हासिल किए और दूसरे स्थान पर रहीं। दोनों भारतीय निशानेबाजों के पहले और दूसरे स्थान पर रहने से फाइनल में भारत के लिए स्वर्ण और रजत पदक जीतने की संभावनाएँ मजबूत हो गई थीं। आखिरकार दोनों ने अपने प्रदर्शन को पदकों में बदल दिया।
क्वालीफिकेशन में मोना की बढ़त ने उनके आत्मविश्वास को मजबूती दी,जबकि अवनि ने भी लगातार सटीक निशाने लगाकर अपनी दावेदारी कायम रखी। फाइनल में दोनों खिलाड़ियों ने अपने अनुभव और कौशल का परिचय दिया।
मोना अग्रवाल के पास पेरिस पैरालंपिक 2024 का कांस्य पदक है,जबकि अवनि लेखरा तीन पैरालंपिक पदक जीत चुकी हैं। दोनों खिलाड़ियों ने अलग-अलग अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन करके भारतीय पैरा खेलों को नई पहचान दिलाई है।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में स्वर्ण और रजत पदक जीतना भारतीय दल के लिए उत्साहजनक शुरुआत है। मोना का रिकॉर्ड स्कोर और अवनि का शानदार प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि भारतीय निशानेबाज बड़े मुकाबलों में दबाव के बीच भी बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम हैं।
दोनों खिलाड़ियों की यह सफलता न केवल भारत के पदक अभियान को मजबूती देती है, बल्कि लॉस एंजिल्स पैरालंपिक 2028 की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। अब भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें प्रतियोगिता के आगामी मुकाबलों पर रहेंगी,जहाँ देश के खिलाड़ी अन्य स्पर्धाओं में भी पदक जीतने के इरादे से उतरेंगे।
