टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में तीन संदिग्ध हिरासत में (तस्वीर क्रेडिट@mrabhishe_k)

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में तीन संदिग्ध हिरासत में,हरियाणा और बिहार से जुड़े तार

मुंबई/कोटा,19 अक्टूबर (युआईटीवी)- बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जाँच एजेंसियों को अहम सुराग मिले हैं। राजस्थान के कोटा में पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें दो हरियाणा और एक बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस को संदेह है कि हिरासत में लिए गए तीन लोगों में से दो इस वारदात में सीधे तौर पर शामिल हो सकते हैं। वहीं,मुंबई क्राइम ब्रांच मामले की तह तक पहुँचने के लिए राजस्थान और गुजरात के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही है। जाँच एजेंसियाँ आरोपियों की पहचान,उनके आपसी संपर्क और फायरिंग के पीछे की साजिश का पता लगाने में जुटी हैं।

इस घटना के बाद मुंबई में फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने वारदात को किस तरह अंजाम दिया,घटनास्थल तक पहुँचने के लिए कौन-सा रास्ता चुना और फायरिंग के बाद वे किन लोगों के संपर्क में रहे। हालाँकि,हिरासत में लिए गए संदिग्धों की भूमिका और घटना के पीछे की वजह की आधिकारिक पुष्टि जाँच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस की शुरुआती जाँच के मुताबिक,वारदात को अंजाम देने के बाद संदिग्ध एसवी रोड से विले पार्ले और अंधेरी होते हुए फरार हुए थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने भागने के दौरान अपनी बाइक अँधेरी पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दी। इसके बाद वे बोरीवली की ओर जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए। पुलिस ने जाँच के दौरान घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद कर ली है।

बाइक की बरामदगी को जाँच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस इसके जरिए आरोपियों की आवाजाही, उनके भागने के रास्ते और वारदात से जुड़े अन्य सबूतों की पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में संदिग्धों की गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

मामले में तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मुंबई क्राइम ब्रांच राजस्थान और गुजरात में छापेमारी कर रही है,ताकि घटना में शामिल अन्य लोगों तक पहुँचा जा सके। जाँच एजेंसियाँ यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपियों को किसी ने मदद पहुँचाई थी या नहीं और उनके फरार होने की योजना पहले से तैयार थी या नहीं।

जाँच एजेंसियों को आशंका है कि फायरिंग की घटना अचानक नहीं हुई,बल्कि आरोपियों ने पहले से इसकी तैयारी की थी। पुलिस इस पहलू की जाँच कर रही है कि क्या संदिग्धों ने अभिनेता की गतिविधियों पर नजर रखी थी और उनके आने-जाने के समय की जानकारी जुटाई थी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,आरोपियों को पता था कि टाइगर श्रॉफ रविवार को जुहू स्थित फुटबॉल ग्राउंड आने वाले हैं। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्हें अभिनेता के कार्यक्रम के बारे में सूचना कहाँ से मिली थी। जाँच एजेंसियाँ यह भी जानना चाहती हैं कि वारदात से पहले संदिग्ध कितने समय तक इलाके में मौजूद रहे और क्या उन्होंने घटनास्थल की रेकी की थी।

यदि रेकी किए जाने की आशंका सही साबित होती है,तो इससे वारदात की पूर्व नियोजित प्रकृति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जाँच कर रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले सबूतों का सत्यापन किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक,घटना शाम करीब सात बजे हुई,जब तीन लोगों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियाँ चलाईं। इस हमले में अभिनेता को गोली नहीं लगी,लेकिन गोलीबारी के दौरान बारूद और काँच के टुकड़ों से उनके बाएँ हाथ में चोट आई। घटना के दौरान उनके ड्राइवर को भी चोटें आईं।

फायरिंग के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने जाँच शुरू की और आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें सक्रिय की गईं। अभिनेता की कार को निशाना बनाए जाने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया और संभावित साजिश के पहलुओं की जांच शुरू हुई।

इस मामले में लॉरेंस गिरोह की ओर से जिम्मेदारी लेने की बात भी सामने आई है। हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि और घटना में संबंधित लोगों की वास्तविक भूमिका का पता लगाना जाँच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण है। पुलिस यह स्थापित करने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग के पीछे कौन लोग थे,उनका उद्देश्य क्या था और क्या इस वारदात का किसी संगठित गिरोह से सीधा संबंध है।

टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग ने फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं। पिछले चार वर्षों में सलमान खान समेत आठ अभिनेता और गायक हमलों का सामना कर चुके हैं। ऐसे मामलों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ हमलावरों की पहचान, उनके नेटवर्क और संभावित साजिश का पता लगाना भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना है।

फिलहाल इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच और अन्य जाँच एजेंसियाँ संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं। राजस्थान और गुजरात में जारी छापेमारी का उद्देश्य फरार आरोपियों तक पहुँचना और वारदात से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट करना है। पुलिस बरामद बाइक और अन्य संभावित सबूतों के आधार पर जाँच को आगे बढ़ा रही है।

तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया जाना जाँच में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है,लेकिन मामले की पूरी तस्वीर सामने आना अभी बाकी है। अब जाँच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि फायरिंग की योजना किसने बनाई,आरोपियों को अभिनेता की गतिविधियों की जानकारी कैसे मिली और इस घटना के पीछे किसी गिरोह की भूमिका थी या नहीं। जाँच पूरी होने और ठोस सबूत सामने आने के बाद ही वारदात से जुड़े सभी सवालों के स्पष्ट जवाब मिल सकेंगे।