अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

जयपुर पहुँचेंगे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो,आमेर किले में होगा भव्य स्वागत,प्रशासन ने चौकसी बढ़ाई

वाशिंगटन,25 मई (युआईटीवी)- अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे को लेकर देशभर में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। चार दिवसीय भारत यात्रा पर आए रुबियो सोमवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर पहुँच रहे हैं। उनकी इस यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है,क्योंकि यह न केवल भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते रणनीतिक संबंधों का प्रतीक है,बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का भी एक बड़ा अवसर माना जा रहा है। रुबियो की जयपुर यात्रा को लेकर प्रशासन,पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह सतर्क हो गई हैं और शहर में व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं।

मार्को रुबियो पहली बार जयपुर का दौरा कर रहे हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार वह सोमवार दोपहर करीब दो बजे जयपुर पहुँचेंगे और मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे यहां से रवाना होंगे। उनके दौरे को देखते हुए शहर में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। एयरपोर्ट से लेकर होटल और पर्यटन स्थलों तक हर जगह सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर बनी हुई है। जयपुर पुलिस,जिला प्रशासन और खुफिया एजेंसियाँ लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं,ताकि दौरे के दौरान किसी भी तरह की असुविधा या सुरक्षा संबंधी समस्या सामने न आए।

रुबियो के कार्यक्रम का सबसे खास हिस्सा आमेर किले का दौरा माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि वह दोपहर करीब तीन बजे आमेर फोर्ट पहुँच सकते हैं। यहाँ राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमार उनका स्वागत करेंगी। आमेर किले के ऐतिहासिक जलेब चौक में उनके स्वागत के लिए विशेष तैयारियाँ की जा रही हैं। पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में मेहमाननवाजी की योजना बनाई गई है,ताकि अमेरिकी विदेश मंत्री को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई जा सके।

आमेर फोर्ट में लोक कलाकारों और सांस्कृतिक दलों को भी बुलाया गया है। स्वागत समारोह के दौरान पारंपरिक लोक संगीत और लोक नृत्य की प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। राजस्थान की रंग-बिरंगी संस्कृति,पारंपरिक वेशभूषा और लोक कलाओं के माध्यम से मेहमानों को राज्य की सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराया जाएगा। प्रशासन चाहता है कि रुबियो अपने साथ जयपुर और राजस्थान की एक सकारात्मक और यादगार छवि लेकर जाएं।

इस हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए शहर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। पुलिस अधिकारियों ने यात्रा मार्गों,कार्यक्रम स्थलों और होटल परिसरों का निरीक्षण किया है। सुरक्षा एजेंसियां उन सभी इलाकों पर खास निगरानी रख रही हैं,जहाँ वीवीआईपी मूवमेंट होना है। आमेर फोर्ट,एयरपोर्ट और प्रमुख होटलों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी बढ़ाई गई है।

प्रशासन की ओर से ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी विशेष योजना तैयार की गई है। अधिकारियों का कहना है कि कोशिश की जा रही है कि आम लोगों को कम-से-कम परेशानी हो और शहर में यातायात सुचारू बना रहे। इसके लिए कई रूटों पर ट्रैफिक डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जा सकती है। ट्रैफिक पुलिस लगातार रिहर्सल कर रही है,ताकि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

जयपुर शहर को इस अवसर के लिए खास तौर पर सजाया भी जा रहा है। शहर की सफाई, सड़कों की मरम्मत,लाइटिंग और सौंदर्यीकरण का काम तेज कर दिया गया है। खासकर आमेर पैलेस और उसके आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई और सजावट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन चाहता है कि विदेशी मेहमानों के सामने जयपुर की छवि एक व्यवस्थित,स्वच्छ और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर के रूप में सामने आए।

मार्को रुबियो का यह भारत दौरा 23 मई से 26 मई तक निर्धारित है। इस दौरान वह नई दिल्ली,कोलकाता,आगरा और जयपुर समेत कई प्रमुख शहरों का दौरा कर रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच व्यापार,रक्षा,ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना बताया जा रहा है। दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में संबंध लगातार मजबूत हुए हैं और अमेरिका भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है।

सूत्रों के अनुसार,रुबियो अपने दौरे के दौरान कई उच्च स्तरीय बैठकों में हिस्सा ले सकते हैं। नई दिल्ली में होने वाली क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि भारत,अमेरिका,जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा,समुद्री सहयोग और चीन के बढ़ते प्रभाव जैसे विषयों पर भी बातचीत हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रुबियो की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है,जब भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी,तकनीकी सहयोग और वैश्विक रणनीतिक मुद्दों पर समन्वय तेजी से बढ़ रहा है। दोनों देश ऊर्जा,सेमीकंडक्टर,रक्षा उत्पादन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। ऐसे में यह दौरा भविष्य की साझेदारी को और नई दिशा दे सकता है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रशासनिक विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा के दौरान कोई भी कमी न रहे। स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर आपातकालीन व्यवस्थाओं तक हर पहलू की निगरानी की जा रही है। होटल स्टाफ,पर्यटन विभाग और सुरक्षा कर्मियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं,ताकि दौरे के दौरान सभी कार्यक्रम तय समय पर और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष अप्रैल में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी अपने परिवार के साथ जयपुर आए थे। उस दौरान उन्होंने आमेर फोर्ट समेत कई ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया था और राजस्थान की संस्कृति की जमकर सराहना की थी। अब मार्को रुबियो की यात्रा को भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है,जो यह दर्शाता है कि अमेरिकी नेतृत्व भारत के सांस्कृतिक और रणनीतिक महत्व को लगातार प्राथमिकता दे रहा है।

जयपुर में रुबियो के आगमन को लेकर लोगों में भी उत्सुकता बनी हुई है। पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि इस दौरे से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जयपुर और राजस्थान की पहचान को और मजबूती मिलेगी। वहीं प्रशासन इस दौरे को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारियों में जुटा हुआ है।