न्यूयॉर्क,21 अप्रैल (युआईटीवी)- अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है,क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान उनकी कैबिनेट में लगातार हो रहे बदलावों के बीच श्रम सचिव लोरी चावेज़-डेरेमर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। व्हाइट हाउस के संचार प्रमुख स्टीवन च्यांग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि डेरेमर अब निजी क्षेत्र में काम करने के लिए जा रही हैं। इस घटनाक्रम ने न केवल ट्रंप प्रशासन की स्थिरता पर सवाल खड़े किए हैं,बल्कि कैबिनेट के भीतर बढ़ते विवादों को भी उजागर कर दिया है।
लोरी चावेज़-डेरेमर का इस्तीफा ऐसे समय में आया है,जब उन पर कई गंभीर आरोप लगे हुए थे। इन आरोपों में उनके निजी और पेशेवर आचरण को लेकर सवाल उठाए गए थे। उन पर यह आरोप लगाया गया था कि उनका अपने सुरक्षा दल के एक सदस्य के साथ व्यक्तिगत संबंध था,जो उनके पद की गरिमा के खिलाफ माना गया। इसके अलावा यह भी कहा गया कि उन्होंने अपनी निजी यात्राओं को आधिकारिक दौरे के रूप में प्रस्तुत किया और सरकारी संसाधनों का अनुचित उपयोग किया।
विवाद यहीं तक सीमित नहीं रहे। रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि उन्होंने अपने कार्यालय में शराब का सेवन किया और कार्यस्थल पर अव्यवस्था फैलाई। इन आरोपों ने उनके नेतृत्व और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए,जिसके बाद उनके खिलाफ जाँच शुरू की गई। विभाग के इंस्पेक्टर जनरल द्वारा पेशेवर कदाचार और उनके परिवार के हस्तक्षेप से जुड़े मामलों की जाँच जारी थी,जिसने उनके पद पर बने रहना मुश्किल बना दिया।
बताया जाता है कि उनके चीफ ऑफ स्टाफ और उस सुरक्षा कर्मी,जिसके साथ उनके संबंध होने के आरोप थे,को पहले ही पद से हटा दिया गया था। इसके अलावा उनके पति के खिलाफ भी शिकायतें सामने आई थीं। कुछ महिला कर्मचारियों ने उनके पति पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे,जिसके बाद उन्हें श्रम विभाग के कार्यालय में आने से प्रतिबंधित कर दिया गया। इन मामलों में से एक पर पुलिस जाँच भी शुरू की गई थी,जिसने पूरे विवाद को और गंभीर बना दिया।
इस घटनाक्रम ने अमेरिकी राजनीति में यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि ट्रंप प्रशासन के भीतर आंतरिक अनुशासन और जवाबदेही का स्तर क्या है। पिछले दो महीनों में यह तीसरा मौका है,जब किसी कैबिनेट सदस्य को पद छोड़ना पड़ा है और खास बात यह है कि तीनों ही मामलों में महिला अधिकारी शामिल रही हैं। इससे पहले अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को इस महीने हटाया गया था,जबकि होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम को पिछले महीने बर्खास्त कर दिया गया था। नोएम पर भी एक सलाहकार के साथ संबंध होने के आरोप लगे थे,हालाँकि,उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया था।
लोरी चावेज़-डेरेमर के कार्यकाल को लेकर भी मिश्रित प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। एक ओर व्हाइट हाउस ने उनके काम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिकी कामगारों की सुरक्षा और निष्पक्ष श्रम प्रथाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्टीवन च्यांग ने अपने बयान में कहा कि डेरेमर ने लोगों को नए कौशल हासिल करने में मदद करने और उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
हालाँकि,दूसरी ओर,उनके कुछ फैसलों की आलोचना भी हुई। श्रम सचिव के रूप में उन्होंने विभाग के ब्यूरो ऑफ इंटरनेशनल लेबर अफेयर्स द्वारा विदेशों में गैर-सरकारी संगठनों को दिए जाने वाले अनुदानों को रद्द कर दिया था। ये अनुदान दासता और बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे कार्यक्रमों के लिए दिए जाते थे। इस फैसले को लेकर मानवाधिकार संगठनों और श्रमिक संघों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
इसके अलावा,उनके कार्यकाल के दौरान कई श्रम सुरक्षा नियमों को कमजोर करने के आरोप भी लगे। कार्यस्थल सुरक्षा और न्यूनतम वेतन से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किए गए, जिससे कई श्रमिक संगठनों ने विरोध जताया। खासकर शक्तिशाली ट्रेड यूनियनों के साथ उनके संबंध समय के साथ तनावपूर्ण हो गए,जबकि शुरुआत में उन्हें कुछ यूनियनों का समर्थन प्राप्त था।
लोरी चावेज़-डेरेमर का राजनीतिक करियर भी दिलचस्प रहा है। वह ओरेगन से प्रतिनिधि सभा की पूर्व सदस्य रह चुकी हैं,लेकिन हाल ही में हुए चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद ट्रंप ने उन्हें श्रम सचिव के पद के लिए चुना था,क्योंकि उन्हें एक प्रमुख ट्रेड यूनियन का समर्थन हासिल था। हालाँकि,उनके कार्यकाल के दौरान नीतिगत फैसलों ने उसी समर्थन को कमजोर कर दिया।
उनके इस्तीफे के बाद अब उनके डिप्टी कीथ सोंडरलिंग को कार्यवाहक श्रम सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि नए नेतृत्व में श्रम विभाग किस दिशा में आगे बढ़ता है और क्या विवादों से घिरे इस विभाग में स्थिरता लौट पाती है या नहीं।
लोरी चावेज़-डेरेमर का इस्तीफा ट्रंप प्रशासन के लिए एक और झटका माना जा रहा है। यह घटनाक्रम न केवल कैबिनेट में हो रहे लगातार बदलावों को दर्शाता है,बल्कि यह भी दिखाता है कि व्यक्तिगत और पेशेवर विवाद किस तरह उच्च पदों पर बैठे नेताओं के करियर को प्रभावित कर सकते हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ट्रंप प्रशासन इन चुनौतियों से कैसे निपटता है और क्या वह अपनी टीम को स्थिरता प्रदान कर पाता है या नहीं।
