मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले में भारत ने जीता सिल्वर (तस्वीर क्रेडिट@airnews_gkp)

एशियन गेम्स 2026: मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले में भारत ने जीता सिल्वर,बहरीन ने गेम्स रिकॉर्ड के साथ हासिल किया गोल्ड

नागोया,25 सितंबर (युआईटीवी)- एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारतीय मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले टीम ने गुरुवार को बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। नागोया सिटी मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में भारतीय चौकड़ी ने 3:14.46 सेकंड का समय दर्ज किया। भारतीय टीम में मचेत्तिरा पूवम्मा, विशाल थेन्नारासु, रामराज विथ्या और थेक्किनालिल मनु शामिल रहे। टीम ने रोमांचक मुकाबले में वियतनाम को मामूली अंतर से पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल किया।

इस स्पर्धा में बहरीन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3:12.87 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ गोल्ड मेडल जीता। भारत ने 3:14.46 सेकंड का समय निकालकर सिल्वर पर कब्जा जमाया, जबकि वियतनाम की टीम 3:14.54 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रही। जापान ने 3:15.52 सेकंड का समय दर्ज करते हुए चौथा स्थान हासिल किया।

मुकाबले की शुरुआत से ही भारत और वियतनाम के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। भारतीय टीम ने शुरुआत में वियतनाम पर 0.08 सेकंड की बढ़त बनाई थी। अंतिम चरणों में दोनों टीमों के बीच पोडियम की दौड़ बेहद रोमांचक रही,लेकिन भारतीय धावकों ने दबाव के बीच अपना संयम बनाए रखा। अंत में भारत ने वियतनाम से महज 0.08 सेकंड के अंतर से आगे रहते हुए सिल्वर मेडल सुनिश्चित किया।

इस मेडल के साथ एशियाई खेलों में मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले में भारत का शानदार प्रदर्शन लगातार तीसरे संस्करण तक पहुँच गया है। भारत ने जकार्ता में 2018 में इस स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद हांग्जो में 2023 में भारतीय टीम ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। अब नागोया में भी भारतीय टीम ने पोडियम पर जगह बनाकर इस स्पर्धा में लगातार तीसरा पदक हासिल किया है। यह भारतीय रिले कार्यक्रम की निरंतरता और मजबूत तैयारी को दर्शाता है।

भारतीय टीम के सदस्य विशाल थेन्नारासु का प्रदर्शन भी खास तौर पर उल्लेखनीय रहा है। तमिलनाडु के इस धावक ने हाल ही में पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में 45 सेकंड से कम समय दर्ज करने वाले पहले भारतीय एथलीट बनकर इतिहास रचा था। उन्होंने राँची में आयोजित 2026 राष्ट्रीय फेडरेशन वरिष्ठ एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 44.98 सेकंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय 400 मीटर दौड़ में एक नया मानक स्थापित किया।

विशाल इससे पहले भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। दक्षिण कोरिया के गुमी में आयोजित 2025 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले में गोल्ड मेडल जीता था। इसके अलावा वह पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम के साथ सिल्वर मेडल भी हासिल कर चुके हैं। व्यक्तिगत 400 मीटर स्पर्धा में भी उन्होंने मजबूत प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान प्राप्त किया था।

भारतीय रिले टीम की सदस्य रामराज विथ्या का भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लंबा अनुभव है। वह ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और पेरिस 2024 में 4×400 मीटर रिले टीम का हिस्सा रही थीं। एशियाई खेलों में भी उन्होंने भारत के लिए पदक जीते हैं। एशियाई खेल 2022 में उन्होंने मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले में सिल्वर मेडल हासिल किया था। इसके बाद एशियाई खेल 2023 में 400 मीटर बाधा दौड़ में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता।

मचेत्तिरा पूवम्मा भारतीय रिले टीम की अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित पूवम्मा एक दशक से अधिक समय से भारतीय एथलेटिक्स की रिले टीमों का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। उन्होंने इंचियोन 2014 और जकार्ता 2018 एशियाई खेलों में महिलाओं की 4×400 मीटर रिले में गोल्ड मेडल जीता था। जकार्ता 2018 में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले टीम में भी वह शामिल थीं। उनके अनुभव का फायदा भारतीय टीम को नागोया में भी मिला।

टीम की युवा सदस्य थेक्किनालिल मनु साजी भारतीय एथलेटिक्स में उभरती हुई 400 मीटर धाविका हैं। उन्होंने कम उम्र में ही मिक्स्ड रिले में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। मनु साजी ने 2022 एशियाई अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था। नागोया में सीनियर स्तर पर हासिल किया गया यह सिल्वर मेडल उनके अंतर्राष्ट्रीय करियर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा सकता है।

भारतीय टीम का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले में पुरुष और महिला धावकों के बीच तालमेल, गति और रणनीति का विशेष महत्व होता है। मामूली अंतर से तय होने वाली इस स्पर्धा में प्रत्येक धावक का प्रदर्शन टीम के अंतिम परिणाम पर सीधा असर डालता है। भारत ने दबाव के बीच अपनी स्थिति बनाए रखी और वियतनाम को पीछे छोड़कर सिल्वर मेडल हासिल किया।

बहरीन ने जहाँ गेम्स रिकॉर्ड के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, वहीं भारत ने एक बार फिर इस स्पर्धा में अपनी निरंतरता साबित की। लगातार तीन एशियाई खेलों में मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले का पदक जीतना भारतीय एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नागोया में मिला सिल्वर मेडल यह भी दिखाता है कि भारतीय रिले टीम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत प्रदर्शन करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।