बेंगलुरु के मशहूर सीटीआर के मसाला डोसा में कॉकरोच मिलने का आरोप (तस्वीर क्रेडिट@AsianetNewsSN)

बेंगलुरु के मशहूर सीटीआर के मसाला डोसा में कॉकरोच मिलने का आरोप,वायरल विवाद के बाद होटल प्रबंधन ने माँगी माफी

बेंगलुरु,29 अक्टूबर (युआईटीवी)- कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के मशहूर भोजनालय सेंट्रल टिफिन रूम (सीटीआर) के मल्लेश्वरम स्थित आउटलेट में परोसे गए मसाला डोसा में कॉकरोच मिलने का आरोप सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दक्षिण भारतीय व्यंजनों के लिए देशभर में पहचान रखने वाले इस प्रतिष्ठित भोजनालय से जुड़ा यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। आरोप सामने आने के बाद ग्राहकों के स्वास्थ्य,रसोई की स्वच्छता और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विवाद बढ़ने के बाद होटल प्रबंधन ने बयान जारी कर माफी माँगी और रसोई में जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने की जानकारी दी।

मिली जानकारी के अनुसार,यह मामला उस समय सामने आया जब एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि उसे सीटीआर के मल्लेश्वरम आउटलेट में परोसे गए मसाला डोसा के अंदर कॉकरोच मिला। उपयोगकर्ता के इस दावे के बाद इंटरनेट पर लोगों ने खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और प्रतिष्ठित भोजनालयों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता जताई। हालाँकि,सामने आए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए विवरण के अनुसार,ग्राहक ने डोसा में कॉकरोच मिलने की बात कहकर कर्मचारियों से शिकायत की थी। आरोप है कि शिकायत सुनने के बाद कर्मचारियों ने खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़ी चिंता को दूर करने के बजाय केवल डोसा बदलकर देने की पेशकश की।

इस कथित प्रतिक्रिया को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई। ग्राहकों का मानना है कि यदि किसी खाद्य पदार्थ में वास्तव में कीड़ा या कोई बाहरी वस्तु मिलती है,तो मामला केवल उस व्यंजन को बदलने तक सीमित नहीं होना चाहिए। ऐसी स्थिति में भोजन तैयार करने वाली रसोई की जाँच,खाद्य सामग्री के भंडारण,सफाई व्यवस्था और अन्य सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा करना भी जरूरी है।

हालाँकि,कर्मचारियों की ओर से कथित तौर पर दी गई प्रतिक्रिया और घटना से संबंधित सभी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस मामले में सोशल मीडिया पर किए गए दावों और आधिकारिक रूप से पुष्टि किए गए तथ्यों के बीच अंतर करना महत्वपूर्ण है।

वीडियो के सोशल मीडिया पर चर्चा में आने के बाद सेंट्रल टिफिन रूम के प्रबंधन ने बयान जारी किया। इसमें होटल ने अपने मल्लेश्वरम आउटलेट में स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों को लेकर सामने आए विवाद पर खेद जताया और प्रभावित लोगों से माफी माँगी।

प्रबंधन ने अपने बयान में कहा, “प्रिय बेंगलुरु,हमें हमारे मल्लेश्वरम आउटलेट में स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों को लेकर ऑनलाइन प्रसारित हो रहे वीडियो की जानकारी है। सबसे पहले,हम प्रभावित लोगों से दिल से माफी मांगना चाहते हैं।”

होटल ने अपने बयान में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इस मामले में कोई बहाना स्वीकार्य नहीं है। प्रबंधन के अनुसार,खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई उसके लिए ऐसे मानक हैं,जिनसे किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता।

सीटीआर ने यह भी बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद तत्काल कदम उठाए गए और रसोई का निरीक्षण किया गया। प्रबंधन ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कार्रवाई की गई है कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

हालाँकि,बयान में उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण,निरीक्षण के निष्कर्ष या किसी बाहरी खाद्य सुरक्षा एजेंसी की जाँच से संबंधित जानकारी सामने आने का उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति और सुधारात्मक उपायों की प्रभावशीलता को लेकर आगे की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

अपने माफीनामे में सीटीआर ने ग्राहकों के साथ अपने लंबे जुड़ाव का भी जिक्र किया। प्रबंधन ने कहा कि पीढ़ियों से यह भोजनालय केवल डोसा खाने की जगह नहीं रहा है, बल्कि लोगों की सुबह, मुलाकातों और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना हुआ है।

होटल ने कहा कि जिन लोगों ने उससे संपर्क किया, अपनी निराशा जाहिर की या उसका समर्थन किया,उनकी बात सुनी जा रही है। प्रबंधन ने ग्राहकों के भरोसे को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वह इसे हल्के में नहीं लेता और उन लोगों की देखभाल करना चाहता है जिन्होंने इतने लंबे समय तक सीटीआर को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाया है।

बयान में ग्राहकों के निरंतर सहयोग के लिए आभार भी जताया गया। प्रबंधन ने कहा कि वह अपने काम के उच्चतम मानकों को बनाए रखने और ग्राहकों के विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेगा।

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के आने के बाद भी चर्चा में रहा था भोजनालय
सेंट्रल टिफिन रूम बेंगलुरु के पुराने और लोकप्रिय भोजनालयों में गिना जाता है। वर्ष 1952 से संचालित इस प्रतिष्ठान की पहचान खास तौर पर अपने बेने मसाला डोसा के लिए है। यहाँ स्थानीय लोगों के साथ-साथ शहर घूमने आने वाले पर्यटक भी दक्षिण भारतीय नाश्ते का स्वाद लेने पहुँचते हैं।

वर्ष 2023 में भी यह भोजनालय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था,जब भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा यहाँ दोपहर के भोजन के लिए पहुँचे थे। इसके बाद इस प्रतिष्ठान की लोकप्रियता और इसके पारंपरिक व्यंजनों को लेकर लोगों की दिलचस्पी और बढ़ी थी।

लेकिन अब मसाला डोसा में कॉकरोच मिलने के आरोप ने इस प्रतिष्ठित भोजनालय के सामने एक अलग तरह की चुनौती खड़ी कर दी है। किसी भी लोकप्रिय खाद्य प्रतिष्ठान के लिए ग्राहकों का भरोसा उसकी पहचान का अहम हिस्सा होता है। ऐसे में केवल माफी जारी करना ही पर्याप्त नहीं माना जाएगा,बल्कि स्वच्छता व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों के प्रभावी पालन पर भी ध्यान देना होगा।

इस घटना ने एक बार फिर भोजनालयों में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा की अहमियत को रेखांकित किया है। ग्राहकों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए रसोई की नियमित सफाई, कीट नियंत्रण, खाद्य सामग्री का सुरक्षित भंडारण और कर्मचारियों की स्वच्छता संबंधी प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है।

यदि किसी प्रतिष्ठान में खाद्य पदार्थ के भीतर बाहरी वस्तु मिलने की शिकायत सामने आती है,तो उसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। साथ ही,शिकायत करने वाले ग्राहक को उचित जवाब देना और समस्या के समाधान के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देना भी भरोसा बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

फिलहाल,सीटीआर प्रबंधन ने माफी माँगते हुए रसोई के निरीक्षण और जरूरी कदम उठाने की बात कही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रबंधन अपने दावों को किस तरह व्यवहार में लागू करता है और ग्राहकों का विश्वास दोबारा मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाता है। इस पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए घटना की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जांच से मिलने वाली जानकारी महत्वपूर्ण होगी।