मुंबई,21 अगस्त (युआईटीवी)- मुंबई के कुर्ला इलाके में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। एक पोकलेन मशीन को क्रेन की मदद से इमारत के ऊपरी हिस्से तक पहुँचाया जा रहा था,तभी अचानक क्रेन का संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन पर जा गिरी। हादसा इतना जोरदार था कि क्रेन का एक हिस्सा पास के दो मकानों पर जा गिरा और मुंबई लोकल रेलवे की ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर भी इसकी चपेट में आ गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में कई लोग घायल हुए हैं,जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक,अब तक 11 लोगों के घायल होने की खबर है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस,प्रशासन और राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुँच गए। अधिकारियों ने इलाके को सुरक्षित करने के साथ ही घायलों को अस्पताल पहुँचाने का काम शुरू किया। क्रेन को हटाने और घटनास्थल को सुरक्षित करने की कार्रवाई भी जारी है। पुलिस ने हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। फिलहाल घटना में किसी व्यक्ति की मौत की सूचना नहीं है।
सेंट्रल रेलवे की ओर से बताया गया कि मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण की एक क्रेन कुर्ला और ट्रॉम्बे के बीच रेलवे की ओवरहेड इक्विपमेंट व्यवस्था पर पास की एक निर्माणाधीन साइट से गिर गई। हादसे के बाद रेलवे की ओवरहेड बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। हालाँकि,रेलवे के अनुसार संबंधित लाइन मुख्य रूप से मालगाड़ियों के लिए इस्तेमाल होती है,इसलिए यात्री रेल सेवाओं की आवाजाही पर बड़ा असर नहीं पड़ा है।
हादसे के बाद आसपास के मकानों में रहने वाले लोगों में भी दहशत फैल गई। अचानक भारी भरकम क्रेन के गिरने से जोरदार आवाज हुई,जिसके बाद स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। क्रेन का हिस्सा दो मकानों और रेलवे की ओवरहेड वायर पर गिरने से स्थिति और गंभीर हो गई। प्रशासन ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की सलाह दी।
बताया जा रहा है कि क्रेन की मदद से पोकलेन मशीन को इमारत के ऊपरी हिस्से तक पहुँचाने का काम चल रहा था। इसी दौरान क्रेन का संतुलन बिगड़ गया। भारी मशीन का वजन संभालने में असंतुलन पैदा होने के बाद क्रेन नीचे आ गिरी। हालाँकि,हादसे की वास्तविक वजह क्या थी,इसका पता विस्तृत जाँच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस और संबंधित एजेंसियाँ घटनास्थल की परिस्थितियों,निर्माण कार्य और क्रेन के संचालन से जुड़े पहलुओं की जाँच कर रही हैं।
हादसे की जिम्मेदारी मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने ली है। घटना के बाद प्राधिकरण और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। क्रेन को हटाने के लिए आवश्यक मशीनरी और कर्मचारियों को लगाया गया है,ताकि रेलवे की ओवरहेड व्यवस्था और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया जा सके।
मुंबई पुलिस के पुलिस उपायुक्त गणेश शिंदे ने बताया कि उन्होंने हादसे में घायल लोगों से मुलाकात की है। उन्होंने अस्पताल जाकर नौ घायलों का हाल जाना। पुलिस के मुताबिक सभी नौ घायलों की हालत स्थिर है। वहीं,एक या दो अन्य घायलों के निजी अस्पतालों में भर्ती होने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार,फिलहाल किसी घायल की स्थिति गंभीर होने की सूचना नहीं है।
हादसे के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। क्रेन को हटाने की प्रक्रिया के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि क्षतिग्रस्त मकानों और रेलवे की ओवरहेड वायर के आसपास किसी तरह का अतिरिक्त खतरा न हो। राहत दल मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
यह हादसा मुंबई में निर्माण और भारी मशीनरी से जुड़े काम के दौरान सुरक्षा उपायों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। पोकलेन जैसी भारी मशीन को इमारत के ऊपरी हिस्से तक पहुँचाने के लिए क्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा था। ऐसे काम में मशीन के वजन, क्रेन की क्षमता,जमीन की मजबूती और आसपास मौजूद बिजली एवं रेलवे ढाँचे की सुरक्षा जैसे कई पहलुओं का ध्यान रखना जरूरी होता है। पुलिस जाँच में यह भी देखा जाएगा कि हादसे के समय सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
कुर्ला हादसे के बीच मुंबई में हाल ही में हुई एक अन्य गंभीर घटना भी याद आती है। इससे पहले घाटकोपर इलाके में जबरदस्त भूस्खलन हुआ था,जिसमें तीन बच्चों समेत कई लोगों की मौत हो गई थी और चार अन्य लोग घायल हुए थे। यह हादसा चिराग नगर के अशोक नगर इलाके में गौसिया चाल में हुआ था। उस समय लोग अपने घरों में सो रहे थे, तभी पास की पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक ढह गया था।
भूस्खलन के बाद पहाड़ी से मिट्टी,बड़े पत्थर और भारी मलबा नीचे आकर दो से तीन कतार में बने मकानों पर जा गिरा था। अचानक हुए इस हादसे में घरों में सो रहे लोग इसकी चपेट में आ गए थे। राहत एवं बचाव दल ने मलबे में दबे लोगों को निकालने का अभियान चलाया था। इस घटना ने भी मुंबई के संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और निर्माण गतिविधियों से जुड़े जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ाई थी।
कुर्ला में शुक्रवार को हुआ क्रेन हादसा हालाँकि अलग तरह की घटना है,लेकिन इससे एक बार फिर शहर में निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत सामने आई है। खासकर ऐसे इलाकों में जहां निर्माण स्थलों के आसपास रिहायशी मकान, रेलवे लाइन और बिजली की ओवरहेड वायर जैसी महत्वपूर्ण संरचनाएँ मौजूद हैं, वहाँ भारी मशीनों के संचालन में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
फिलहाल कुर्ला में राहत और बचाव कार्य जारी है। क्रेन को हटाने का काम किया जा रहा है और पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जाँच कर रही है। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता घटनास्थल को पूरी तरह सुरक्षित करना और प्रभावित मकानों तथा रेलवे की ओवरहेड व्यवस्था को सामान्य करना है। हादसे की विस्तृत जाँच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि क्रेन का संतुलन किस वजह से बिगड़ा और इस घटना के लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।
