अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (तस्वीर क्रेडिट@globalmarketss)

होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी दावे से बढ़ी हलचल,हेगसेथ बोले- व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा पर अमेरिका का प्रभावी नियंत्रण

वाशिंगटन,11 जून (युआईटीवी)- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान के साथ जारी टकराव के बीच अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा दावा किया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर लिया है और उसकी सुरक्षा व्यवस्था के कारण अब तक 10 करोड़ बैरल से अधिक तेल सुरक्षित रूप से इस मार्ग से गुजर चुका है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियाँ बढ़ी हुई हैं और अमेरिका तथा ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है।

फ्लोरिडा स्थित अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुख्यालय में बोलते हुए हेगसेथ ने एक ऐसे समुद्री अभियान के बारे में जानकारी दी,जिसके बारे में अब तक सार्वजनिक रूप से बहुत कम जानकारी सामने आई थी। उन्होंने कहा कि यह अभियान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक को खुला रखने और वैश्विक समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। साथ ही इसका मकसद ईरान पर रणनीतिक दबाव बनाए रखना भी है।

हेगसेथ ने कहा कि “प्रोजेक्ट फ्रीडम” नामक अभियान कभी रुका नहीं था,बल्कि केवल सार्वजनिक चर्चा से दूर हो गया था। उनके अनुसार अमेरिकी सेना लगातार होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा कर रही है और यह अभियान कई महीनों से बिना किसी रुकावट के जारी है। उन्होंने दावा किया कि इस मिशन की सफलता के कारण दुनिया के ऊर्जा बाजारों को स्थिर बनाए रखने में मदद मिली है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि अब तक 10 करोड़ बैरल से अधिक तेल अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था के तहत इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित रूप से गुजर चुका है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया केवल दिन में ही नहीं,बल्कि रात के समय भी लगातार जारी रहती है। उनके अनुसार अमेरिका ऐसी सुरक्षा प्रदान कर रहा है जिसे ईरान न तो रोक पा रहा है और न ही प्रभावी ढंग से चुनौती दे पा रहा है।

होर्मुज स्ट्रेट विश्व अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला यह संकरा जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है। दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। यही कारण है कि यहाँ किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव या अवरोध अंतर्राष्ट्रीय बाजारों और ऊर्जा कीमतों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।

हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी रणनीति केवल समुद्री सुरक्षा तक सीमित नहीं है,बल्कि इसका उद्देश्य ईरान के तेल निर्यात को सीमित करना और उन गतिविधियों को नियंत्रित करना भी है,जिन्हें अमेरिका क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा मानता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर रहा है कि वैश्विक व्यापार बिना किसी बाधा के चलता रहे और महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग खुले रहें।

इसी दौरान अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई की जानकारी दी। उसके अनुसार अमेरिकी बलों ने ईरानी तेल ले जाने की कोशिश कर रहे एक और टैंकर को निष्क्रिय कर दिया। यह टैंकर पलाऊ के झंडे के तहत संचालित हो रहा था और कथित तौर पर अमेरिकी नेतृत्व वाली नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि जहाज के चालक दल को कई बार निर्देश दिए गए थे,लेकिन उन्होंने उनका पालन नहीं किया।

सेंट्रल कमांड के अनुसार,ओमान की खाड़ी से गुजरते समय टैंकर को रोका गया। जब चालक दल ने निर्देशों की अनदेखी जारी रखी,तब अमेरिकी बलों ने कार्रवाई करते हुए उसे निष्क्रिय कर दिया। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि अमेरिका क्षेत्र में अपनी समुद्री रणनीति को और अधिक आक्रामक तरीके से लागू कर रहा है।

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार अप्रैल में शुरू की गई नाकेबंदी के बाद से अब तक आठ ऐसे जहाजों को निष्क्रिय किया जा चुका है,जिन्होंने अमेरिकी आदेशों का पालन नहीं किया। इसके अतिरिक्त 134 जहाजों का मार्ग बदला गया और 42 मानवीय सहायता जहाजों को विशेष अनुमति देकर आगे बढ़ने दिया गया। अमेरिका का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रतिबंधों को प्रभावी बनाना है।

हेगसेथ का दावा है कि इन अभियानों ने खाड़ी क्षेत्र में शक्ति संतुलन को बदल दिया है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका नाकेबंदी को प्रभावी ढंग से लागू कर सकता है और साथ ही व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट से आने-जाने की सुविधा प्रदान कर सकता है,तो यह स्पष्ट संकेत है कि इस समुद्री मार्ग पर वास्तविक प्रभाव किसका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में इस क्षेत्र पर अमेरिका का प्रभावी नियंत्रण है।

रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि समुद्री अभियानों के साथ-साथ अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को भी नुकसान पहुँचाया है। हालाँकि,उन्होंने इसके संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी,लेकिन संकेत दिया कि हाल के सैन्य अभियानों ने ईरान की कुछ रणनीतिक क्षमताओं को प्रभावित किया है। यह बयान ऐसे समय आया है,जब अमेरिका और ईरान के बीच कई मोर्चों पर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका का यह दावा केवल सैन्य बयान नहीं है,बल्कि इसका व्यापक भू-राजनीतिक महत्व भी है। अमेरिका दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि वह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम है और क्षेत्र में उसकी सैन्य उपस्थिति निर्णायक बनी हुई है। दूसरी ओर,यह बयान ईरान के लिए भी एक स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

हालाँकि,क्षेत्रीय विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट जैसी संवेदनशील जगह पर किसी भी प्रकार की सैन्य प्रतिस्पर्धा लंबे समय में जोखिम पैदा कर सकती है। यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है,तो इसका असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार,समुद्री व्यापार और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।

वर्तमान परिस्थितियों में अमेरिका अपने समुद्री अभियानों को अपनी रणनीतिक सफलता के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। वहीं दूसरी ओर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव का आगे क्या परिणाम निकलता है। होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और वहाँ से निर्बाध तेल आपूर्ति सुनिश्चित करना आज भी वैश्विक अर्थव्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक है।

ऐसे में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का यह दावा कि अमेरिका ने प्रभावी रूप से होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है,न केवल क्षेत्रीय राजनीति बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस बयान और क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियों के प्रभाव पर दुनिया भर की निगाहें बनी रहेंगी।