कंगना रनौत और तापसी पन्नू के बीच फिर बढ़ी जुबानी जंग (तस्वीर क्रेडिट@ImGauravYadav9)

बेटी को बचाने के लिए अंधी बनकर लड़ेगी माँ,‘गांधारी’ में दिखेगा तापसी पन्नू का खतरनाक अवतार; कंगना विवाद पर भी बोलीं अभिनेत्री

मुंबई,26 अगस्त (युआईटीवी)- तापसी पन्नू की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘गांधारी’ रिलीज से पहले ही लगातार सुर्खियाँ बटोर रही है। फिल्म का ट्रेलर सामने आने के बाद दर्शकों के बीच इसे लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है। फिल्म में तापसी पन्नू एक ऐसी माँ की भूमिका निभा रही हैं,जिसकी बेटी अचानक किडनैप हो जाती है। बेटी को वापस लाने के लिए वह हर खतरे का सामना करने के लिए तैयार है। कहानी में भावनात्मक संघर्ष के साथ जबरदस्त एक्शन और रहस्य का भी तड़का देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि फिल्म में एक समय ऐसा आता है,जब तापसी के किरदार की आंखों की रोशनी चली जाती है। इसके बाद वह बिना देखे अपनी बेटी की तलाश करती हैं। ट्रेलर लॉन्च के दौरान तापसी ने फिल्म,अपने किरदार की तैयारी,एक्शन दृश्यों और कंगना रनौत के साथ लंबे समय से चले आ रहे विवाद को लेकर भी खुलकर बात की।

‘गांधारी’ के ट्रेलर की शुरुआत एक माँ और बेटी के खूबसूरत रिश्ते से होती है। तापसी पन्नू और उनकी बेटी मिष्टी के बीच बेहद भावनात्मक और प्यारा रिश्ता दिखाया गया है। शुरुआती दृश्यों में दोनों को साथ समय बिताते हुए देखा जा सकता है। एक दृश्य में तापसी की किरदार आँखों पर पट्टी बाँधकर अपनी बेटी के साथ छुपन-छुपाई खेलती नजर आती है। उस समय दोनों के बीच का रिश्ता बेहद सहज और खुशहाल दिखाई देता है,लेकिन कहानी कुछ ही देर में पूरी तरह बदल जाती है और माँ-बेटी के इस रिश्ते के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो जाता है।

ट्रेन से सफर के दौरान मिष्टी अचानक गायब हो जाती है। इसके बाद उसकी माँ के लिए पूरी दुनिया जैसे बदल जाती है। वह अपनी बेटी को हर जगह तलाश करती है,लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगता। बेटी के गायब होने का रहस्य जितना गहराता जाता है,कहानी उतनी ही खतरनाक होती जाती है। तलाश के दौरान तापसी के किरदार को पता चलता है कि केवल उसकी बेटी ही नहीं,बल्कि आसपास के इलाके से कई अन्य बच्चियाँ भी गायब हुई हैं। इसके बाद यह मामला सिर्फ एक परिवार की परेशानी नहीं रह जाता,बल्कि इसके पीछे छिपे बड़े और डरावने रहस्य को सामने लाने की कोशिश शुरू हो जाती है।

अपनी बेटी तक पहुँचने के लिए तापसी का किरदार किसी भी हद तक जाने को तैयार है। ट्रेलर में दिखाया गया है कि उसे छाया कदम का किरदार ट्रेनिंग देता है। इसके बाद वह अपने भीतर ऐसी क्षमता विकसित करती है,जिसके सहारे वह आँखों की रोशनी के बिना भी आगे बढ़ सके। कहानी का यह हिस्सा फिल्म को सामान्य एक्शन थ्रिलर से अलग बनाता है। यहाँ एक माँ की भावनाएँ,उसकी मजबूरी,डर और बेटी को वापस पाने की जिद एक साथ दिखाई देती है।

फिल्म में महाभारत की गांधारी का संदर्भ भी कहानी का अहम हिस्सा है। ट्रेलर में गांधारी और उसके पति के लिए आँखों पर पट्टी बाँधने की घटना को एक माँ की भावनाओं से जोड़ा गया है। जिस तरह गांधारी ने अपने पति के प्रति समर्पण जताते हुए अपनी आँखों पर पट्टी बाँधी थी,उसी तरह फिल्म में एक माँ अपनी बेटी की तलाश के लिए आँखों पर पट्टी बाँधने का फैसला करती है। यह संदर्भ फिल्म के नाम और कहानी के बीच एक भावनात्मक संबंध स्थापित करता है।

ट्रेलर आगे दर्शकों को जॉयपुरा की एक रहस्यमयी दुनिया में ले जाता है। यहाँ बहरूपियों और लगातार गायब होती बच्चियों से जुड़ा एक डरावना सच सामने आने की ओर इशारा किया गया है। कहानी में रहस्य लगातार बढ़ता जाता है और तापसी का किरदार अपनी बेटी तक पहुँचने के लिए एक के बाद एक मुश्किल का सामना करता दिखाई देता है। ट्रेलर में कई ऐसे दृश्य हैं,जिनसे अंदाजा लगाया जा सकता है कि फिल्म में एक्शन के साथ-साथ सस्पेंस और भावनात्मक ड्रामा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अपने किरदार की तैयारी के बारे में बात करते हुए तापसी ने कहा कि फिल्म की लेखिका कनिका ढिल्लों ने किरदार को बेहद बारीकी से लिखा है। उनके मुताबिक,किरदार की भावनाओं को समझने के लिए उन्हें बहुत ज्यादा चीजें खुद से गढ़ने की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि कहानी में उसकी भावनाएँ पहले से ही काफी स्पष्ट थीं। अभिनेत्री ने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनौती उस किरदार की भावनाओं को सही तरीके से पर्दे पर उतारना था।

फिल्म में आँखों की रोशनी चले जाने के बाद अपने किरदार को निभाना तापसी के लिए खास अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि उन्हें यह समझने के लिए विशेष प्रशिक्षण लेना पड़ा कि बिना देखे किस तरह चला जाता है,शरीर की गतिविधियाँ कैसी होनी चाहिए और किसी चीज को महसूस करते समय शरीर किस तरह प्रतिक्रिया करता है। अभिनेत्री के मुताबिक, ऐसे किरदार में केवल संवाद बोलना पर्याप्त नहीं था। उन्हें अपने शरीर की छोटी-छोटी हरकतों के जरिए दर्शकों को यह महसूस कराना था कि उनका किरदार वास्तव में देख नहीं सकता।

तापसी ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में कलाकार अपनी भावनाओं को संवाद,चेहरे के हाव-भाव और आँखों के जरिए व्यक्त करता है,लेकिन ‘गांधारी’ में उन्हें कई मौकों पर इसके विपरीत काम करना पड़ा। जब किरदार आँखों की रोशनी खो देता है,तब उसकी दुनिया को समझाने के लिए शरीर की गतिविधियों पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ता है। चलने का तरीका,किसी आवाज की दिशा में मुड़ना,किसी चीज को छूकर महसूस करना और सामने मौजूद व्यक्ति की स्थिति का अंदाजा लगाने की कोशिश जैसे पहलुओं पर उन्होंने विशेष ध्यान दिया।

एक्शन दृश्यों को लेकर भी तापसी ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वह इससे पहले भी एक्शन फिल्मों में काम कर चुकी हैं,इसलिए इस तरह की भूमिकाओं की तैयारी और चुनौतियों से वह परिचित हैं। उनके मुताबिक,एक्शन करते समय कलाकार को अपने शरीर और दिमाग दोनों को इस तरह तैयार करना पड़ता है कि चोट लगने का खतरा कम से कम हो। शारीरिक तैयारी के साथ मानसिक रूप से भी खुद को मजबूत रखना जरूरी होता है।

हालाँकि,तापसी ने साफ किया कि ‘गांधारी’ का एक्शन उनकी पिछली फिल्मों से अलग है। इसकी सबसे बड़ी वजह किरदार की भावनात्मक पृष्ठभूमि है। इस फिल्म में वह किसी बदले की भावना से लड़ती हुई महिला का किरदार नहीं निभा रही हैं। वह अपनी बेटी को बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। इसलिए जब उनका किरदार किसी से भिड़ता है, तो उसके पीछे केवल गुस्सा नहीं होता,बल्कि अपनी बच्ची को सुरक्षित वापस पाने की बेचैनी होती है।

तापसी ने कहा कि उनके किरदार के लिए बेटी तक पहुँचना सबसे बड़ा लक्ष्य है। अगर उसकी बेटी तक पहुँचने के रास्ते में कोई भी व्यक्ति आता है,तो वह उसे नहीं छोड़ेगी। इस तरह फिल्म में एक्शन को एक मां के भावनात्मक संघर्ष से जोड़ा गया है। यही पहलू ‘गांधारी’ के एक्शन दृश्यों को अधिक व्यक्तिगत और भावनात्मक बनाता है। दर्शकों को एक ऐसी महिला दिखाई देगी,जो परिस्थितियों के सामने कमजोर पड़ने के बजाय अपनी बेटी के लिए लगातार आगे बढ़ती है।

फिल्म के ट्रेलर में तापसी के किरदार का एक और पहलू भी सामने आता है। बेटी के गायब होने के बाद वह धीरे-धीरे एक साधारण माँ से ऐसी महिला में बदलती दिखाई देती है,जो खतरनाक परिस्थितियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार करती है। उसे कई मुश्किल रास्तों से गुजरना पड़ता है और कई ऐसे लोगों का सामना करना पड़ता है,जिनके इरादे साफ नहीं हैं। बेटी की तलाश उसे उस दुनिया में ले जाती है,जहाँ अपराध,रहस्य और डर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

इसी बीच ट्रेलर लॉन्च के दौरान तापसी से कंगना रनौत के साथ उनके लंबे समय से चले आ रहे विवाद को लेकर भी सवाल किया गया। इस सवाल पर अभिनेत्री ने नाराजगी जाहिर की। तापसी ने कहा कि मीडिया को यह सवाल पूछना कब बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में लोग चाहते हैं कि दोनों के बीच कोई विवाद न रहे,तो ऐसे सवाल पूछना बंद करना चाहिए। उनका कहना था कि शायद मीडिया को इस तरह के सवालों में काफी दिलचस्पी है,इसलिए उनसे बार-बार यही सवाल किया जाता है।

दरअसल,तापसी और कंगना के बीच सोशल मीडिया पर लंबे समय से बयानबाजी देखने को मिलती रही है। दोनों कई मौकों पर एक-दूसरे का नाम लिए बिना सोशल मीडिया पर टिप्पणी करती रही हैं। हाल ही में कंगना ने बिना तापसी का नाम लिए उन्हें ‘सस्ती कॉपी’ कहा था। इसके बाद तापसी ने भी बिना नाम लिए सोशल मीडिया पर जवाब दिया था। उन्होंने अपने पोस्ट में ‘हेंस प्रूव्ड’ लिखकर इस बयान पर प्रतिक्रिया दी थी। इसके बाद एक बार फिर दोनों अभिनेत्रियों के बीच कथित विवाद चर्चा में आ गया था।

हालाँकि, ‘गांधारी’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान तापसी ने इस मुद्दे पर ज्यादा विस्तार से बात करने से साफ तौर पर नाराजगी जाहिर की। उनके बयान से यह संकेत मिला कि वह अब इस विवाद को बार-बार चर्चा में नहीं लाना चाहतीं और चाहती हैं कि मीडिया उनसे उनके काम और फिल्मों से जुड़े सवाल पूछे।

‘गांधारी’ तापसी पन्नू के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण फिल्म मानी जा रही है क्योंकि इसमें उन्हें एक माँ के भावनात्मक किरदार के साथ एक्शन करते हुए देखा जाएगा। फिल्म में उनका किरदार एक साथ कई चुनौतियों से जूझता है। बेटी का अपहरण,उसकी तलाश, आँखों की रोशनी चले जाना और खतरनाक लोगों का सामना करना कहानी को लगातार आगे बढ़ाता है। इसके अलावा महाभारत की गांधारी का संदर्भ फिल्म को एक अलग भावनात्मक और प्रतीकात्मक आधार देता है।

ट्रेलर ने फिल्म की कहानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर मिष्टी को किसने और क्यों अगवा किया? इलाके से लगातार बच्चियों के गायब होने के पीछे कौन है? जॉयपुरा की रहस्यमयी दुनिया का इस पूरे मामले से क्या संबंध है और क्या तापसी का किरदार अपनी बेटी को सुरक्षित वापस ला पाएगा? इन सवालों के जवाब फिल्म की कहानी में मिलेंगे।

फिलहाल ‘गांधारी’ का ट्रेलर दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ाने में कामयाब रहा है। तापसी का नया अवतार,आँखों की रोशनी खोने के बाद उनका संघर्ष,माँ -बेटी के रिश्ते की भावनात्मक कहानी और रहस्य से भरी दुनिया फिल्म को खास बना रही है। अगर फिल्म ट्रेलर में दिखाई गई भावनाओं और रोमांच को पर्दे पर बरकरार रखने में सफल होती है,तो यह तापसी पन्नू के करियर की एक और यादगार भूमिका साबित हो सकती है। अब दर्शकों की नजर फिल्म की रिलीज पर है,जहाँ यह देखना दिलचस्प होगा कि बेटी को बचाने के लिए एक माँ की यह जंग उन्हें कितना प्रभावित करती है।