कोलंबो,26 अगस्त (युआईटीवी)- कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे टेस्ट मैच में मेजबान टीम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चौथे दिन श्रीलंका की पहली पारी 290 रन पर सिमट गई। पहली पारी में भारत से 213 रन पीछे रहने के कारण श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा। भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी 9 विकेट पर 509 रन बनाकर घोषित की थी। इसके जवाब में श्रीलंका की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी और उसे दोबारा बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरना पड़ा।
श्रीलंका ने चौथे दिन का खेल 8 विकेट पर 265 रन से आगे शुरू किया था। टीम को उम्मीद थी कि उसके निचले क्रम के बल्लेबाज कुछ और रन जोड़कर भारत की बढ़त कम करने में मदद करेंगे,लेकिन दोनों बचे हुए विकेट केवल 25 रन जोड़ने के बाद गिर गए। श्रीलंका की पूरी पहली पारी 290 रन पर समाप्त हो गई। इसके साथ ही भारत को 219 रन की बढ़त मिल गई और श्रीलंका के सामने फॉलोऑन बचाने की चुनौती पूरी तरह खत्म हो गई।
श्रीलंका की पहली पारी में सोनल दिनुशा का प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक वह 85 रन बनाकर नाबाद थे। चौथे दिन उन्होंने अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए शानदार शतक पूरा किया। दिनुशा ने 162 गेंदों का सामना किया और 3 छक्कों तथा 8 चौकों की मदद से 103 रन बनाए। हालाँकि,शतक पूरा करने के बाद वह ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके और आउट हो गए। सीरीज में यह दिनुशा का दूसरा शतक है,जिससे उन्होंने श्रीलंकाई पारी को सँभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दिनुशा के अलावा पसिंदु सोरियाबंदरा ने भी श्रीलंका की पहली पारी में अहम योगदान दिया। उन्होंने तीसरे दिन 80 रन की अच्छी पारी खेली थी। दोनों बल्लेबाजों की पारियों की बदौलत श्रीलंका किसी तरह 290 रन तक पहुँच सका। हालाँकि,शीर्ष क्रम से अपेक्षित योगदान नहीं मिलने के कारण टीम भारत के विशाल स्कोर के करीब भी नहीं पहुँच सकी।
चौथे दिन श्रीलंका के दोनों विकेट भारत के लिए अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे सारांश जैन ने हासिल किए। सारांश ने पहले सोनल दिनुशा को आउट किया और इसके बाद लाहिरु कुमारा का विकेट लेकर श्रीलंका की पहली पारी समाप्त कर दी। डेब्यू टेस्ट में सारांश के लिए यह प्रदर्शन बेहद खास रहा। उन्होंने महत्वपूर्ण समय पर गेंदबाजी करते हुए श्रीलंकाई पारी के आखिरी दोनों विकेट हासिल किए।
भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने भी शानदार गेंदबाजी की। दोनों गेंदबाजों ने श्रीलंका की पहली पारी में 3-3 विकेट हासिल किए। वहीं,मोहम्मद सिराज और रवींद्र जडेजा को 1-1 सफलता मिली। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और श्रीलंका को बड़े स्कोर तक पहुँचने का मौका नहीं दिया। शुरुआती विकेटों से लेकर निचले क्रम तक भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालकर मेजबान टीम की पारी को समेट दिया।
फॉलोऑन खेलने उतरी श्रीलंका की दूसरी पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। दूसरी पारी में भी लाहिरु उदारा बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। वह महज 3 रन बनाकर मोहम्मद सिराज का शिकार बने। इसके बाद कामिल मिशारा और पसिंदु सोरियाबंदरा ने पारी को संभालने की कोशिश की। रिपोर्ट लिखे जाने तक श्रीलंका ने दूसरी पारी में 10.5 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 43 रन बना लिए थे। कामिल मिशारा 20 रन और पसिंदु सोरियाबंदरा 20 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।
श्रीलंका की स्थिति को देखते हुए अब उसकी सबसे बड़ी चुनौती पारी की हार से बचना है। भारत ने पहली पारी में 509 रन बनाकर मजबूत स्थिति तैयार की थी और श्रीलंका पहली पारी में केवल 290 रन बना सका। फॉलोऑन के दौरान श्रीलंका को न केवल विकेट बचाने होंगे,बल्कि भारत की पहली पारी की बढ़त को पार करने के लिए लंबी बल्लेबाजी भी करनी होगी। यदि श्रीलंका दूसरी पारी में बड़ा स्कोर बनाने में विफल रहता है तो भारत के पास मैच को पारी से जीतने का मजबूत मौका रहेगा।
इससे पहले भारतीय बल्लेबाजों ने पहली पारी में शानदार प्रदर्शन किया था। भारत ने 9 विकेट पर 509 रन बनाकर पारी घोषित की थी। टीम के लिए देवदत्त पडिक्कल ने सीरीज का दूसरा शतक लगाया और 117 रन की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने पारी के दौरान धैर्य और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। उनके शतक ने भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया और टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद की।
ध्रुव जुरेल ने भी शानदार शतक लगाया। उन्होंने 177 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 115 रन बनाए। जुरेल की पारी की खास बात यह रही कि उन्होंने पारी के अंत तक अपना विकेट नहीं गंवाया। उनके साथ भारतीय टीम ने श्रीलंका पर दबाव लगातार बढ़ाया। ऋषभ पंत ने भी 63 रन की उपयोगी पारी खेली,जबकि कप्तान शुभमन गिल ने 50 रन बनाए। यशस्वी जायसवाल ने 45 रन का योगदान दिया। इन सभी बल्लेबाजों के सामूहिक प्रदर्शन के कारण भारत 500 रन का आँकड़ा पार करने में सफल रहा।
भारत की पहली पारी और श्रीलंका की पहली पारी के बीच 213 रन का अंतर रहा। इसी अंतर ने श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने पर मजबूर किया। टेस्ट क्रिकेट में फॉलोऑन उस स्थिति में दिया जाता है जब पहली पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम को विपक्षी टीम के मुकाबले बड़ी बढ़त मिलती है और वह दूसरी टीम को तुरंत दोबारा बल्लेबाजी के लिए बुलाती है। भारत ने इसी रणनीति के तहत श्रीलंका को दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए भेजा है।
अब मैच का पूरा दबाव श्रीलंका की दूसरी पारी पर है। टीम को अपने बल्लेबाजों से लंबे समय तक क्रीज पर टिकने की उम्मीद होगी। दूसरी ओर,भारतीय गेंदबाज जल्द से जल्द विकेट निकालकर श्रीलंका को दोबारा बड़े संकट में डालना चाहेंगे। अगर भारत नियमित अंतराल पर विकेट लेने में सफल रहता है तो मैच का नतीजा जल्दी सामने आ सकता है।
चौथे दिन के खेल में सोनल दिनुशा का शतक श्रीलंका के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक बात रहा,लेकिन उनकी पारी टीम को भारत की बढ़त के करीब नहीं पहुँचा सकी। अब श्रीलंका को दूसरी पारी में सामूहिक बल्लेबाजी प्रदर्शन की जरूरत है। भारत के पास पहले से ही मजबूत बढ़त है और उसके गेंदबाज भी लय में नजर आ रहे हैं। ऐसे में कोलंबो टेस्ट में पाँचवें दिन से पहले ही मुकाबला निर्णायक स्थिति में पहुँचता दिखाई दे रहा है।
