ब्रिक्स सम्मेलन 2026 से पहले दिल्ली में कड़ी सुरक्षा (तस्वीर क्रेडिट@MEAIndia)

ब्रिक्स सम्मेलन 2026 से पहले दिल्ली में कड़ी सुरक्षा,3 दिन बंद रहेंगे राष्ट्रपति भवन और अमृत उद्यान

नई दिल्ली,11 सितंबर (युआईटीवी)- नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं। सम्मेलन में शामिल होने वाले विदेशी प्रतिनिधियों की आवाजाही को सुचारू रखने और कार्यक्रम स्थलों के आसपास भीड़ नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने कई विशेष कदम उठाए हैं। इसी के तहत राजधानी के कुछ प्रमुख पर्यटन और सार्वजनिक स्थलों को तीन दिनों के लिए बंद रखने का फैसला किया गया है। राष्ट्रपति भवन संग्रहालय और अमृत उद्यान शुक्रवार से रविवार तक आम आगंतुकों के लिए बंद रहेंगे। इसके साथ ही राष्ट्रपति भवन परिसर में शनिवार को होने वाला गार्ड परिवर्तन समारोह भी आयोजित नहीं किया जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक,इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के दौरान किसी तरह की असुविधा को कम करना और सम्मेलन से जुड़े इलाकों में आम लोगों की आवाजाही को सीमित करके सड़कों पर यातायात का दबाव घटाना है। दिल्ली में कई स्थानों पर सुरक्षा जाँच बढ़ाई गई है और महत्वपूर्ण मार्गों पर यातायात की स्थिति को देखते हुए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों की आवाजाही के लिए निर्धारित मार्गों पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

राष्ट्रपति भवन संग्रहालय और अमृत उद्यान को तीन दिनों के लिए बंद रखने के निर्णय से इन स्थानों पर आने वाले पर्यटकों की गतिविधियाँ भी प्रभावित होंगी। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार से रविवार तक आगंतुकों को इन दोनों स्थानों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा शनिवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में होने वाला पारंपरिक गार्ड परिवर्तन समारोह भी नहीं होगा। सामान्य दिनों में यह समारोह लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहता है,लेकिन सम्मेलन के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए इसे स्थगित किया गया है।

ब्रिक्स सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने भी अपने परिसर में स्थित एक संग्रहालय को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित मेट्रो संग्रहालय शुक्रवार से लगातार तीन दिनों तक आगंतुकों के लिए बंद रहेगा। राजधानी में सम्मेलन से जुड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच सार्वजनिक स्थलों और परिवहन केंद्रों पर गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए इस तरह के निर्णय लिए जा रहे हैं।

दिल्ली सरकार ने भी 11 सितंबर को अपने कार्यालयों में अवकाश घोषित किया है। केंद्र सरकार के स्तर पर भी इसी दिन छुट्टी का फैसला लिया गया है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की ओर से इस संबंध में आधिकारिक परिपत्र जारी किया गया है। इसका उद्देश्य राजधानी में सरकारी कार्यालयों से जुड़ी नियमित आवाजाही को कम करना और सम्मेलन के दौरान यातायात तथा सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाए रखना है।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण दिल्ली की सड़कों पर यातायात व्यवस्था में भी बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को विशेष यातायात परामर्श जारी करते हुए लोगों को संभावित डायवर्जन और आवाजाही पर नियंत्रण की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, सम्मेलन के चलते दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर दोपहर 2 बजे से रात 8:30 बजे तक यातायात को नियंत्रित और आवश्यकतानुसार डायवर्ट किया जाएगा। इस अवधि में कई मार्गों पर सामान्य दिनों की तुलना में यातायात व्यवस्था अलग रह सकती है।

दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी यात्रा की योजना बना लें और गंतव्य तक पहुँचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें। पुलिस ने विशेष रूप से सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इनमें दिल्ली मेट्रो को प्राथमिकता देने की अपील की गई है,क्योंकि सम्मेलन के दौरान सड़क मार्ग पर सुरक्षा जाँच और यातायात प्रतिबंधों के कारण कुछ इलाकों में सामान्य आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

पुलिस ने यात्रियों से यह भी कहा है कि वे निर्धारित डायवर्जन मार्गों का पालन करें और सड़क पर तैनात यातायात कर्मियों के निर्देशों को नजरअंदाज न करें। सुरक्षा व्यवस्था के कारण किसी मार्ग पर अचानक बदलाव किए जाने की स्थिति में वाहन चालकों से सहयोग करने की अपील की गई है। हालाँकि, आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को आवाजाही में प्राथमिकता दी जाएगी,ताकि किसी भी जरूरी सेवा पर सुरक्षा व्यवस्था का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

ब्रिक्स सम्मेलन के मद्देनजर अदालतों के कामकाज से जुड़े कार्यक्रमों में भी बदलाव किया गया है। दिल्ली यातायात पुलिस ने पहले ही लोगों को अदालतों में होने वाली सुनवाई और कानूनी मामलों की निर्धारित तारीखों में बदलाव के बारे में जानकारी दी थी। पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 12 सितंबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत अब 10 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। इस बदलाव का उद्देश्य सम्मेलन के दौरान राजधानी में यातायात और सुरक्षा से जुड़े विशेष प्रबंधों के बीच अदालतों से संबंधित आवाजाही को व्यवस्थित रखना है।

इसके अलावा निचली अदालतों में 11 और 12 सितंबर को अवकाश रहेगा। इन दोनों तारीखों के लिए निर्धारित मामलों की सुनवाई अब 14 सितंबर को की जाएगी। ऐसे में अदालतों से जुड़े लोगों,वकीलों और अन्य पक्षकारों को अपनी निर्धारित तारीखों में हुए बदलाव की जानकारी रखने की सलाह दी गई है। पुलिस ने आम नागरिकों और कैब चालकों से भी अपील की है कि वे सम्मेलन के दौरान प्रतिबंधित या परिवर्तित किए जाने वाले मार्गों की जानकारी पहले से हासिल कर लें।

यातायात व्यवस्था को सँभालने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई डायवर्जन प्वाइंट भी बनाए हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त यातायात दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि राजधानी में कुल 22 डायवर्जन प्वाइंट निर्धारित किए गए हैं। इन स्थानों से आवश्यकता के अनुसार यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर भेजा जाएगा। इसके लिए पुलिसकर्मियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं,ताकि वाहन चालकों और आम लोगों को रास्ते में किसी तरह की परेशानी न हो।

उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर यातायात को डायवर्ट किया जाएगा,वहाँ तैनात पुलिसकर्मी लोगों को वैकल्पिक रास्तों की जानकारी भी देंगे। सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण के दौरान लोगों को सही दिशा देने के लिए कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का प्रयास है कि सम्मेलन से जुड़े सुरक्षा प्रबंधों के कारण आम नागरिकों की दैनिक आवाजाही पर कम से कम असर पड़े।

दिल्ली पुलिस लगातार विभिन्न माध्यमों से यातायात संबंधी जानकारी लोगों तक पहुँचा रही है। इसके लिए पुलिस की वेबसाइट के साथ-साथ सामाजिक माध्यमों और मुद्रित माध्यमों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को पहले से जानकारी मिलने पर वे अपनी यात्रा का समय और मार्ग उसी के अनुसार तय कर सकेंगे। इससे अचानक लगने वाले जाम और अनावश्यक भीड़ को कम करने में भी मदद मिलेगी।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक असर केवल सम्मेलन स्थल तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि उससे जुड़े प्रमुख मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में भी दिखाई देगा। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा तथा यातायात दोनों स्तरों पर तैयारियां तेज कर दी हैं। आम लोगों से सहयोग की अपील करते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यातायात प्रतिबंधों और मार्ग परिवर्तनों का पालन करना सम्मेलन के दौरान राजधानी की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जरूरी है।

इस पूरे प्रबंध का मकसद एक ओर जहाँ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना है,वहीं दूसरी ओर दिल्ली की सामान्य व्यवस्था को भी यथासंभव व्यवस्थित रखना है। तीन दिनों तक प्रमुख स्थलों के बंद रहने, सरकारी कार्यालयों में अवकाश और कई मार्गों पर यातायात नियंत्रण के कारण राजधानी में लोगों को अपनी दिनचर्या और यात्रा की योजना पहले से बनानी होगी। पुलिस और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन कर लोग अनावश्यक परेशानी से बच सकते हैं।