लंदन,15 मई (युआईटीवी)- एंडी बर्नहैम की संभावित वापसी को लेकर लेबर पार्टी में सियासी हलचल तेज हो गई है। ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम के लिए पार्टी सांसद जोश सिमंस ने अपनी संसदीय सीट छोड़ दी है,जिसके बाद ब्रिटिश राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि एंडी बर्नहैम अब मेकरफील्ड निर्वाचन क्षेत्र से उपचुनाव लड़कर ब्रिटिश संसद में वापसी कर सकते हैं। इस घटनाक्रम ने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
ब्रिटिश मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार,एंडी बर्नहैम को लेबर पार्टी के भीतर कीर स्टार्मर के संभावित प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे समय में जब पार्टी स्थानीय चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद दबाव में है,बर्नहैम की संभावित वापसी को पार्टी नेतृत्व में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
जोश सिमंस ने अपने इस्तीफे की घोषणा सोशल मीडिया के जरिए की। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के लिए जरूरी बदलाव लाने में असफल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिस्थितियों का सामना करने के लिए ऐसे नेता की जरूरत है, जिसके पास नई सोच,ऊर्जा और साहस हो। सिमंस के बयान को सीधे तौर पर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाने के रूप में देखा जा रहा है।
इस्तीफे के बाद एंडी बर्नहैम ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए पुष्टि की कि वह मेकरफील्ड उपचुनाव लड़ने के लिए पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति यानी एनईसी से अनुमति मांगेंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएँ और तेज हो गईं। माना जा रहा है कि यदि उन्हें अनुमति मिलती है और वह सांसद बनते हैं,तो भविष्य में लेबर पार्टी के नेतृत्व के लिए चुनौती पेश कर सकते हैं।
एंडी बर्नहैम ब्रिटिश राजनीति का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। वह हाउस ऑफ कॉमन्स में 16 वर्षों तक सांसद रह चुके हैं और 2017 से ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर के रूप में कार्य कर रहे हैं। अपनी लोकप्रियता और जनसंपर्क शैली के कारण वह पार्टी के जमीनी नेताओं में गिने जाते हैं। हालाँकि,इस वर्ष की शुरुआत में वेस्टमिंस्टर लौटने की उनकी कोशिश को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति ने रोक दिया था।
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के अनुसार,लेबर पार्टी के भीतर बर्नहैम के समर्थन में मजबूत धड़ा मौजूद है। कई नेता मानते हैं कि वह पार्टी को नई दिशा देने और जनता के बीच भरोसा मजबूत करने में सक्षम हो सकते हैं। हालाँकि,ब्रिटेन में किसी भी नेता को पार्टी प्रमुख बनने के लिए सांसद होना जरूरी है। यही वजह है कि मेकरफील्ड उपचुनाव को बर्नहैम के राजनीतिक भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
उधर प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर लगातार बढ़ते दबाव का सामना कर रहे हैं। हाल ही में हुए स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी के खराब प्रदर्शन ने पार्टी के भीतर असंतोष को और बढ़ा दिया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक,90 से अधिक लेबर सांसदों ने स्टार्मर से पद छोड़ने की अपील की है। हालाँकि,पार्टी के कई वरिष्ठ मंत्री अभी भी उनके समर्थन में खड़े दिखाई दे रहे हैं।
राजनीतिक संकट उस समय और गहरा गया जब वेस स्ट्रीटिंग ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि अब उन्हें कीर स्टार्मर के नेतृत्व पर भरोसा नहीं रहा और वह सरकार में सिद्धांतों और सम्मान के साथ काम जारी नहीं रख सकते। स्ट्रीटिंग ने यह भी संकेत दिया कि अगले आम चुनाव में स्टार्मर शायद पार्टी का नेतृत्व नहीं करेंगे।
वेस स्ट्रीटिंग ने पार्टी के भीतर खुले तौर पर नेतृत्व पर बहस की माँग की। उनके बयान ने लेबर पार्टी में चल रहे अंदरूनी मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया। माना जा रहा है कि यह इस्तीफा पार्टी के भीतर बढ़ती असहमति का बड़ा संकेत है।
वहीं प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने स्ट्रीटिंग के इस्तीफे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी को इस समय एकजुट रहकर देश के लिए काम करना चाहिए। स्टार्मर ने अपने सहयोगियों से अपील की कि वे राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें और जनता से किए गए वादों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करें।
इससे पहले बुधवार को स्टार्मर ने चेतावनी दी थी कि यदि उनके खिलाफ नेतृत्व चुनौती खड़ी की गई,तो लेबर पार्टी अराजकता की स्थिति में पहुँच सकती है। उन्होंने कहा कि पार्टी को अंदरूनी संघर्ष से बचना चाहिए और विपक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहिए। हालाँकि,उनके इस बयान के बावजूद पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लगातार तेज होती जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लेबर पार्टी इस समय गंभीर राजनीतिक संकट से गुजर रही है। एक ओर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं,वहीं दूसरी ओर कई वरिष्ठ नेता बदलाव की माँग कर रहे हैं। ऐसे में एंडी बर्नहैम की संभावित संसदीय वापसी पार्टी की राजनीति में बड़ा मोड़ साबित हो सकती है।
ब्रिटेन की राजनीति पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का कहना है कि यदि बर्नहैम संसद में लौटते हैं,तो वह लेबर पार्टी के भीतर एक मजबूत वैकल्पिक नेतृत्व के रूप में उभर सकते हैं। उनकी लोकप्रियता और स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ उन्हें स्टार्मर के मुकाबले एक प्रभावशाली चेहरा बना सकती है।
फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर ब्रिटिश राजनीति की नजर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह साफ हो सकता है कि लेबर पार्टी अपने मौजूदा नेतृत्व के साथ आगे बढ़ेगी या फिर पार्टी में बड़े बदलाव की शुरुआत होने वाली है। एंडी बर्नहैम की संभावित वापसी ने ब्रिटेन की राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है और इससे पार्टी के भीतर सत्ता संघर्ष और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
