मॉस्को,15 मई (युआईटीवी)- व्लादिमीर पुतिन ने उत्तर प्रदेश में बुधवार शाम आए भीषण आँधी-तूफान,भारी बारिश,ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाओं में हुई भारी जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया है। रूस के राष्ट्रपति ने इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए द्रौपदी मुर्मू और नरेंद्र मोदी को शोक संदेश भेजा। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में खराब मौसम ने भारी तबाही मचाई है,जिसमें अब तक कम-से-कम 89 लोगों की मौत हो चुकी है,जबकि 53 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
राष्ट्रपति पुतिन ने अपने संदेश में लिखा कि उत्तर प्रदेश में भारी बारिश,ओलावृष्टि और बिजली गिरने से हुई व्यापक तबाही और बड़ी जनहानि से उन्हें गहरा दुख पहुँचा है। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएँ उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खो दिया। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। रूस की ओर से आया यह संदेश भारत और रूस के बीच मजबूत संबंधों और मानवीय सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में बुधवार शाम अचानक मौसम ने बेहद खतरनाक रूप ले लिया। तेज आँधी,मूसलाधार बारिश और कई इलाकों में ओलावृष्टि के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। कई जिलों में बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आईं,जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई। ग्रामीण इलाकों में सबसे अधिक नुकसान दर्ज किया गया,जहाँ खेतों में काम कर रहे लोग और खुले स्थानों पर मौजूद नागरिक मौसम की चपेट में आ गए।
राज्य सरकार के अनुसार,खराब मौसम की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में प्रयागराज शामिल है,जहाँ 21 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा संत रविदास नगर में 14 और फतेहपुर में 11 लोगों की जान गई। वहीं बाराबंकी,बहराइच,कानपुर देहात,बस्ती,संभल, हरदोई और उन्नाव समेत कई अन्य जिलों से भी मौतों की खबरें सामने आई हैं।
प्राकृतिक आपदा के बाद योगी आदित्यनाथ ने हालात का तुरंत संज्ञान लेते हुए राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए,ताकि संकट की इस घड़ी में उन्हें सहायता मिल सके।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण करें और जान-माल,पशुधन तथा फसलों को हुए नुकसान का आकलन जल्द-से-जल्द पूरा करें। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों तक सरकारी सहायता बिना किसी देरी के पहुँचनी चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों को हर तीन घंटे में स्थिति की रिपोर्ट भेजने के भी निर्देश दिए हैं ताकि राज्य स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि राहत और बचाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि मुआवजा वितरण और राहत कार्यों की जानकारी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों तक पहुँचाई जाए,जिससे प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता संबंधी जानकारी समय पर मिल सके।
राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार,खराब मौसम के कारण केवल मानव जीवन ही प्रभावित नहीं हुआ,बल्कि पशुधन और संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुँचा है। विभाग के आँकड़ों के मुताबिक,इस आपदा में 114 पशुओं की मौत हुई है और कम-से-कम 87 मकानों को नुकसान पहुँचा है। कई ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकान तेज हवाओं और बारिश की वजह से गिर गए।
राहत आयुक्त कार्यालय ने बताया कि राज्य सरकार लगातार जिला स्तर के अधिकारियों के संपर्क में है और हालात पर नजर रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार प्रभावित जिलों को अतिरिक्त फंड भी जारी किया जा रहा है,ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। प्रशासन ने कई इलाकों में अस्थायी राहत शिविर भी बनाए हैं,जहाँ प्रभावित लोगों को भोजन और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मौसम विभाग के अनुसार,पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में मौसम खराब रह सकता है,इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ग्रामीण इलाकों में फसलों को भी भारी नुकसान पहुँचा है। कई किसानों की खड़ी फसल तेज बारिश और ओलावृष्टि की वजह से बर्बाद हो गई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है,क्योंकि कई क्षेत्रों में कटाई का समय चल रहा था। प्रशासन को फसल नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं,ताकि प्रभावित किसानों को राहत दी जा सके।
स्थानीय प्रशासन और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली के खंभे टूटने से यातायात और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। बिजली विभाग की टीमें मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं,ताकि जल्द-से-जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव और चरम मौसमी घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति भविष्य के लिए चिंता का विषय है। ऐसे हालात में आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है,ताकि समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा सके और जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार राहत और बचाव कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा भेजा गया शोक संदेश इस त्रासदी के प्रति अंतर्राष्ट्रीय संवेदना और भारत के प्रति समर्थन का प्रतीक माना जा रहा है।
