नई दिल्ली,23 जुलाई (युआईटीवी)- भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु का चीन ओपन सुपर 1000 टूर्नामेंट में सफर दूसरे दौर में समाप्त हो गया। हालाँकि,हार के बावजूद सिंधु ने अपने शानदार प्रदर्शन और जुझारू खेल से सभी का दिल जीत लिया। दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी और घरेलू पसंदीदा चेन यूफेई के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी ने अंत तक कड़ा संघर्ष किया,लेकिन निर्णायक क्षणों में चीनी खिलाड़ी ने धैर्य और अनुभव का बेहतरीन परिचय देते हुए जीत अपने नाम कर ली। करीब एक घंटे 29 मिनट तक चले इस रोमांचक मुकाबले में चेन यूफेई ने 16-21, 22-20 और 21-18 से जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बना ली।
चीन के चांगझोउ में खेले गए इस मुकाबले को टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मैचों में से एक माना जा रहा है। दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही तेज गति और आक्रामक अंदाज में खेल दिखाया। हर अंक के लिए लंबी रैलियाँ देखने को मिलीं,जिससे दर्शकों को उच्च स्तरीय बैडमिंटन का शानदार नजारा देखने का अवसर मिला। मुकाबले के दौरान कई ऐसे मौके आए जब लगा कि पीवी सिंधु जीत के बेहद करीब हैं,लेकिन चेन यूफेई ने हर बार दबाव की स्थिति में खुद को सँभालते हुए वापसी की और अंत में मैच अपने पक्ष में कर लिया।
यह मुकाबला जापान ओपन के सेमीफाइनल की दोबारा भिड़ंत भी था। पिछले सप्ताह जापान ओपन में दोनों खिलाड़ियों का आमना-सामना हुआ था,जहाँ चेन यूफेई चोट के कारण मुकाबला पूरा नहीं कर सकी थीं और सिंधु को जीत मिली थी। इस बार घरेलू कोर्ट पर उतरने वाली चेन यूफेई पूरी तरह फिट नजर आईं और उन्होंने शुरुआत से ही सिंधु को कड़ी चुनौती दी। वहीं,सिंधु भी पूरे आत्मविश्वास के साथ कोर्ट पर उतरीं और पहले गेम में अपने अनुभव का शानदार प्रदर्शन किया।
पहले गेम की शुरुआत में चेन यूफेई ने तेज खेल दिखाते हुए शुरुआती बढ़त बना ली। ब्रेक तक उन्होंने 11-6 की बढ़त हासिल कर ली थी और ऐसा लग रहा था कि वह आसानी से पहला गेम जीत जाएँगी,लेकिन पीवी सिंधु ने शानदार वापसी करते हुए लगातार सात अंक अपने नाम किए और मैच का पूरा रुख बदल दिया। सिंधु ने अपने स्मैश,ड्रॉप शॉट और सटीक नेट प्ले से चीनी खिलाड़ी पर दबाव बनाया। इसके बाद उन्होंने बढ़त कायम रखते हुए पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया। पहले गेम में सिंधु का आत्मविश्वास और आक्रामक रवैया साफ दिखाई दिया,जिसने दर्शकों को प्रभावित किया।
दूसरे गेम में भी भारतीय खिलाड़ी ने शानदार शुरुआत की। सिंधु ने लगातार अंक हासिल करते हुए 7-3 की बढ़त बना ली। इसके बाद भी उन्होंने अपना दबदबा बनाए रखा और चेन यूफेई को लगातार मुश्किल में डालती रहीं। एक समय स्कोर 20-16 था और सिंधु मैच जीतने से केवल एक अंक दूर थीं। ऐसा लग रहा था कि मुकाबला सीधे दो गेम में समाप्त हो जाएगा,लेकिन यहीं से चेन यूफेई ने अपने अनुभव का परिचय दिया। उन्होंने लगातार अंक जीतते हुए पहले स्कोर बराबर किया और फिर लगातार छह अंक हासिल कर दूसरा गेम 22-20 से जीत लिया। इस दौरान घरेलू दर्शकों का समर्थन भी उन्हें लगातार मिलता रहा, जिससे उनका आत्मविश्वास और मजबूत हुआ।
दूसरे गेम की हार के बावजूद सिंधु ने अपना मनोबल नहीं खोया। निर्णायक तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। शुरुआत से ही मुकाबला बेहद संतुलित रहा और कोई भी खिलाड़ी ज्यादा देर तक बढ़त नहीं बना सकी। ब्रेक तक सिंधु ने 11-8 की बढ़त हासिल कर ली थी और वह जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही थीं,लेकिन चेन यूफेई ने एक बार फिर शानदार वापसी की। उन्होंने रैलियों में धैर्य बनाए रखा और सिंधु की गलतियों का पूरा फायदा उठाया।
तीसरे गेम के अंतिम चरण में दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबे और रोमांचक रैली पॉइंट देखने को मिले। सिंधु ने लगातार आक्रामक शॉट लगाए,जबकि चेन यूफेई ने मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाते हुए हर चुनौती का जवाब दिया। अंत में अनुभव और संयम का फायदा चीनी खिलाड़ी को मिला और उन्होंने तीसरा गेम 21-18 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ ही पीवी सिंधु का चीन ओपन अभियान समाप्त हो गया,लेकिन उनके प्रदर्शन ने यह संकेत जरूर दिया कि वह अपनी पुरानी लय में लौट रही हैं।
इस मुकाबले में एक खास बात यह रही कि पीवी सिंधु चार अलग-अलग मौकों पर जीत से केवल एक अंक दूर पहुँचीं,लेकिन वह उन महत्वपूर्ण क्षणों का फायदा नहीं उठा सकीं। दूसरी ओर,चेन यूफेई ने हर बार दबाव की स्थिति में बेहतरीन संयम दिखाया और मैच को अपने पक्ष में मोड़ दिया। यही अनुभव अंततः जीत और हार के बीच सबसे बड़ा अंतर साबित हुआ।
भारतीय कोच विमल कुमार ने मुकाबले के बाद दोनों खिलाड़ियों के खेल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मैच आधुनिक बैडमिंटन का शानदार उदाहरण था,जिसमें आक्रामक और रक्षात्मक खेल का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला। उनके अनुसार,दोनों खिलाड़ियों ने उच्च स्तर का प्रदर्शन किया और इस तरह के मुकाबले खेल की गुणवत्ता को नई ऊँचाई देते हैं। उन्होंने यह भी माना कि सिंधु ने पूरे मैच में सकारात्मक सोच के साथ खेला और भविष्य के लिए कई अच्छे संकेत दिए हैं।
पीवी सिंधु ने भी मैच के बाद चेन यूफेई के प्रदर्शन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि चीनी खिलाड़ी ने महत्वपूर्ण मौकों पर शानदार धैर्य और निरंतरता दिखाई। सिंधु ने स्वीकार किया कि ऐसे मुकाबलों में छोटे-छोटे अंतर ही परिणाम तय करते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि वह अपनी गलतियों से सीख लेकर आने वाले टूर्नामेंटों में और बेहतर प्रदर्शन करेंगी।
हाल के सप्ताहों में पीवी सिंधु के खेल में लगातार सुधार देखने को मिला है। उनकी फिटनेस,कोर्ट कवरेज और आक्रामक अंदाज पहले की तुलना में अधिक प्रभावी नजर आया है। जापान ओपन में फाइनल तक पहुँचने के बाद चीन ओपन में भी उन्होंने दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया। भले ही इस बार उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन जिस तरह उन्होंने अंत तक मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा,उससे भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।
चीन ओपन से बाहर होने के बावजूद पीवी सिंधु के लिए यह प्रदर्शन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला माना जा रहा है। उन्होंने यह साबित किया कि वह अभी भी दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती देने की क्षमता रखती हैं। यदि वह निर्णायक क्षणों में अपने खेल को और बेहतर बना सकीं,तो आने वाले बड़े अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में उनसे शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। यही कारण है कि इस हार को केवल एक परिणाम के रूप में देखा जा रहा है,जबकि उनके संघर्ष,आत्मविश्वास और उच्च स्तरीय खेल ने भविष्य के लिए कई सकारात्मक संकेत दिए हैं।
