डच रेफरी रॉब डाइपरिंक का 38 साल की उम्र में निधन (तस्वीर क्रेडिट@nsem360)

डच रेफरी रॉब डाइपरिंक का 38 साल की उम्र में निधन,अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल जगत में शोक की लहर

नई दिल्ली,14 जुलाई (युआईटीवी)- अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल जगत को एक बड़ा झटका उस समय लगा जब नीदरलैंड्स के प्रतिष्ठित फुटबॉल रेफरी रॉब डाइपरिंक के निधन की खबर सामने आई। उनके निधन से विश्व फुटबॉल समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। डच फुटबॉल संघ और अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें खेल जगत का सम्मानित और समर्पित अधिकारी बताया। रॉब डाइपरिंक कई वर्षों तक घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रेफरी की जिम्मेदारी निभाते रहे और अपने निष्पक्ष फैसलों तथा पेशेवर कार्यशैली के कारण खिलाड़ियों,कोचों और फुटबॉल प्रशंसकों के बीच विशेष पहचान रखते थे।

रॉब डाइपरिंक का नाम हाल के महीनों में उस समय भी चर्चा में आया था,जब ब्रिटेन में दर्ज एक पुलिस मामले के बाद उन्हें फीफा विश्व कप 2026 के लिए नियुक्त अधिकारियों की सूची से हटा दिया गया था। हालाँकि,बाद में जाँच एजेंसियों ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण मामला बंद कर दिया और उन पर लगे आरोपों को आगे नहीं बढ़ाया गया। इसके बावजूद विश्व कप में उनकी भूमिका बहाल नहीं हो सकी। अब उनके निधन की खबर ने पूरे फुटबॉल समुदाय को स्तब्ध कर दिया है। उनकी मृत्यु के कारणों का अभी तक आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है।

नीदरलैंड्स फुटबॉल संघ ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि रॉब डाइपरिंक का निधन पूरे फुटबॉल परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। संघ ने कहा कि उनके जाने से केवल एक अनुभवी और सम्मानित अंतर्राष्ट्रीय रेफरी ही नहीं खोया गया,बल्कि एक ऐसे साथी को भी खो दिया गया,जिसने वर्षों तक ईमानदारी और समर्पण के साथ खेल की सेवा की। संघ ने उनके परिवार,मित्रों और करीबी सहयोगियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में उन्हें धैर्य और शक्ति मिलने की कामना की।

अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ ने भी शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि पूरा वैश्विक फुटबॉल समुदाय रॉब डाइपरिंक के निधन से दुखी है। महासंघ ने उनके परिवार,मित्रों और डच फुटबॉल संघ के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि फुटबॉल जगत उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा। खेल प्रशासन में उनकी पेशेवर प्रतिबद्धता और निष्पक्ष निर्णयों ने उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई थी।

रॉब डाइपरिंक पिछले कुछ महीनों से विवादों के कारण भी सुर्खियों में रहे थे। अप्रैल में ब्रिटेन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने एक किशोर से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था। इस घटना के बाद फुटबॉल जगत में व्यापक चर्चा शुरू हो गई थी और फीफा ने एहतियात के तौर पर उन्हें विश्व कप 2026 के लिए नियुक्त अधिकारियों की सूची से हटा दिया था। हालाँकि,बाद में पुलिस जाँच में आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले और मामला बंद कर दिया गया।

मामला समाप्त होने के बाद रॉब डाइपरिंक ने एक डच समाचार पत्र को दिए साक्षात्कार में कहा था कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत थे। उन्होंने कहा था कि उन्हें बिना किसी ठोस आधार के विवादों में घसीटा गया,जिससे उनके पेशेवर जीवन और प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान पहुँचा। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई थी कि समय के साथ सच्चाई सामने आएगी और लोग उनके बारे में सही दृष्टिकोण अपनाएंगे।

रॉब डाइपरिंक ने अपने रेफरी करियर की शुरुआत पेशेवर फुटबॉल में 2011-12 सत्र से की थी। शुरुआती वर्षों में उन्होंने लगातार घरेलू प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया और अपने सटीक निर्णयों के कारण जल्द ही शीर्ष स्तर के मुकाबलों में नियुक्त होने लगे। वर्ष 2017 के अंत में उन्होंने पहली बार नीदरलैंड्स की शीर्ष फुटबॉल लीग एरेडिविसी के एक मुकाबले में मुख्य रेफरी की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद उन्होंने लगातार कई महत्वपूर्ण मैचों में अपनी सेवाएँ दीं और घरेलू फुटबॉल में भरोसेमंद अधिकारियों में गिने जाने लगे।

अपने करियर के दौरान रॉब डाइपरिंक ने पेशेवर फुटबॉल में कुल 284 मुकाबलों में रेफरी की भूमिका निभाई। मैदान पर उनका शांत स्वभाव,नियमों की गहरी समझ और दबाव की परिस्थितियों में संतुलित फैसले लेने की क्षमता उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग पहचान दिलाती थी। यही कारण था कि उन्हें लगातार बड़े घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों की जिम्मेदारी सौंपी जाती रही।

मुख्य रेफरी के अलावा रॉब डाइपरिंक वीडियो असिस्टेंट रेफरी प्रणाली के भी अनुभवी अधिकारी थे। आधुनिक फुटबॉल में इस तकनीक की बढ़ती भूमिका के साथ उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वीडियो असिस्टेंट रेफरी के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। वर्ष 2024 की यूरोपीय चैम्पियनशिप में भी वह रेफरी दल का हिस्सा थे और उसी वर्ष आयोजित ओलंपिक खेलों में भी उन्होंने वीडियो असिस्टेंट रेफरी के रूप में अपनी सेवाएं दीं।

यूरोपीय क्लब प्रतियोगिताओं में भी उनकी नियमित नियुक्ति होती रही। वर्ष 2024 के यूरोपा लीग फाइनल में,जिसमें अटलांटा बर्गामो और बायर लेवरकुसेन की टीमें आमने-सामने थीं,उन्होंने सहायक वीडियो असिस्टेंट रेफरी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस बड़े मुकाबले में उनकी जिम्मेदारी ने यह साबित किया कि यूरोपीय फुटबॉल प्रशासन उन्हें एक अनुभवी और विश्वसनीय अधिकारी मानता था।

दिसंबर 2024 में उन्हें कतर में आयोजित फीफा इंटरकॉन्टिनेंटल कप के लिए भी सहायक रेफरी नियुक्त किया गया था। यह नियुक्ति उनके बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय कद का प्रमाण थी। लगातार बड़े टूर्नामेंटों में उनकी मौजूदगी ने उन्हें दुनिया के प्रमुख रेफरी अधिकारियों की श्रेणी में ला खड़ा किया था।

फीफा विश्व कप 2026 के लिए वीडियो असिस्टेंट रेफरी अधिकारी के रूप में उनका चयन भी उनके अनुभव और योग्यता का परिणाम माना गया था। हालाँकि,बाद में कानूनी विवाद के कारण उन्हें सूची से हटा दिया गया। इसके बावजूद फुटबॉल जगत में उनके तकनीकी ज्ञान और निर्णय क्षमता को लेकर सम्मान बना रहा।

रॉब डाइपरिंक का निधन ऐसे समय हुआ है,जब वह अपने करियर के सबसे अनुभवी अधिकारियों में गिने जा रहे थे। उनकी अचानक मृत्यु ने न केवल डच फुटबॉल,बल्कि पूरे अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। उनके साथ काम कर चुके कई अधिकारियों,खिलाड़ियों और फुटबॉल संगठनों ने उन्हें एक विनम्र,अनुशासित और पेशेवर व्यक्तित्व के रूप में याद किया है।

रॉब डाइपरिंक का करियर इस बात का उदाहरण माना जाएगा कि एक रेफरी केवल नियम लागू करने वाला अधिकारी नहीं होता,बल्कि खेल की निष्पक्षता और गरिमा का संरक्षक भी होता है। मैदान पर उनके वर्षों के योगदान और अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल में निभाई गई जिम्मेदारियों को लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उनका निधन फुटबॉल जगत के लिए एक ऐसी क्षति है,जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं दिखाई देती।