नई दिल्ली,19 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में मेजबान देशों में शामिल मेक्सिको ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली है। ग्वाडलाहारा के एक्रोन स्टेडियम में खेले गए ग्रुप ए के अहम मुकाबले में मेक्सिको ने दक्षिण कोरिया को 1-0 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ मेक्सिको न केवल राउंड ऑफ 32 में पहुँचने वाली पहली टीम बन गई,बल्कि उसने अपने समूह में शीर्ष स्थान भी सुनिश्चित कर लिया।
घरेलू दर्शकों के जबरदस्त समर्थन के बीच मैदान पर उतरी मेक्सिको की टीम ने शुरुआत से ही मैच पर नियंत्रण बनाने की कोशिश की। गेंद पर कब्जे के मामले में मेक्सिको का दबदबा साफ दिखाई दे रहा था। मिडफील्ड में बेहतरीन तालमेल और तेज पासिंग के दम पर टीम ने दक्षिण कोरिया को शुरुआती मिनटों में रक्षात्मक खेल खेलने के लिए मजबूर कर दिया। हालाँकि,दक्षिण कोरिया ने भी धैर्य बनाए रखा और धीरे-धीरे मुकाबले में अपनी मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी।
पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। मेक्सिको ने कई बार आक्रमण किए,लेकिन दक्षिण कोरिया की रक्षापंक्ति ने मजबूती के साथ उनका सामना किया। दूसरी ओर कोरियाई टीम ने भी जवाबी हमलों के जरिए मेक्सिको के गोल क्षेत्र में खतरा पैदा करने की कोशिश की। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने आक्रामक फुटबॉल का प्रदर्शन किया,लेकिन गोल करने के मामले में कोई भी टीम सफल नहीं हो सकी।
मुकाबले का पहला हाफ गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ। दोनों टीमों के डिफेंडरों और गोलकीपरों ने शानदार प्रदर्शन किया,जिसके चलते दर्शकों को गोल देखने के लिए दूसरे हाफ का इंतजार करना पड़ा। हालाँकि,पहले हाफ के खेल से यह साफ हो गया था कि मैच का फैसला एक छोटे से मौके या व्यक्तिगत प्रतिभा के दम पर हो सकता है।
दूसरे हाफ की शुरुआत होते ही मेक्सिको ने अपने खेल की गति और तेज कर दी। टीम ने लगातार दबाव बनाना शुरू किया और इसका परिणाम 50वें मिनट में देखने को मिला। मेक्सिको के मिडफील्डर गुटिएरेज ने शानदार थ्रू बॉल देकर दक्षिण कोरिया की रक्षापंक्ति को चीर दिया। इस पास का पूरा फायदा उठाते हुए लुईस रोमो ने बेहतरीन नियंत्रण दिखाया और सटीक शॉट के साथ गेंद को गोलपोस्ट में पहुँचा दिया।
जैसे ही गेंद जाल में पहुँची,पूरे स्टेडियम में खुशी की लहर दौड़ गई। हजारों घरेलू समर्थक अपनी टीम की बढ़त का जश्न मनाने लगे। लुईस रोमो का यह गोल मैच का एकमात्र गोल साबित हुआ,लेकिन इसकी अहमियत बेहद बड़ी थी क्योंकि इसी गोल ने मेक्सिको को नॉकआउट चरण का टिकट दिलाया।
गोल खाने के बाद दक्षिण कोरिया ने मुकाबले में वापसी के लिए पूरा जोर लगा दिया। टीम ने लगातार हमले किए और मेक्सिको की रक्षा पंक्ति पर दबाव बढ़ाया। कई मौकों पर ऐसा लगा कि दक्षिण कोरिया बराबरी का गोल कर सकता है,लेकिन मेक्सिको के डिफेंडरों ने अनुशासित खेल दिखाते हुए सभी प्रयासों को विफल कर दिया।
मैच के अंतिम चरण में मुकाबला और रोमांचक हो गया। दक्षिण कोरिया ने अपने अधिक खिलाड़ियों को आक्रमण में भेजना शुरू कर दिया और लगातार गोल की तलाश में आगे बढ़ता रहा। इसी दौरान उसे कुछ बेहतरीन अवसर भी मिले,लेकिन मेक्सिको के गोलकीपर रेंगल ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम की बढ़त को सुरक्षित रखा।
विशेष रूप से अंतिम मिनटों में रेंगल ने जो बचाव किए,उन्होंने मैच का रुख तय कर दिया। एक मौके पर वह जमीन पर गिर चुके थे,लेकिन इसके बावजूद उन्होंने दक्षिण कोरिया के लगातार दो प्रयासों को विफल कर दिया। उनकी फुर्ती और शानदार प्रतिक्रिया ने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को रोमांचित कर दिया। यदि वह उन मौकों पर गोल बचाने में असफल रहते,तो मेक्सिको को जीत से संतोष नहीं मिल पाता।
अंतिम सीटी बजते ही मेक्सिको के खिलाड़ी और समर्थक खुशी से झूम उठे। यह जीत केवल तीन अंकों तक सीमित नहीं थी,बल्कि इससे टीम ने अगले दौर में अपनी जगह भी सुनिश्चित कर ली। विश्व कप जैसे बड़े मंच पर मेजबान टीम के लिए शुरुआती दो मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज करना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं माना जा रहा है।
इस जीत के साथ मेक्सिको ने ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। टीम ने अपने दोनों मुकाबले जीतकर छह अंक अर्जित किए हैं और अभी तक एक भी गोल नहीं खाया है। यह आँकड़ा मेक्सिको की मजबूत रक्षा पंक्ति और संतुलित टीम प्रदर्शन को दर्शाता है। आक्रमण और रक्षा दोनों विभागों में टीम ने अब तक शानदार तालमेल दिखाया है।
मेक्सिको ने एक और खास उपलब्धि भी अपने नाम कर ली है। वह विश्व कप इतिहास में अपनी घरेलू सरजमीं पर शुरुआती दो मुकाबले बिना कोई गोल खाए जीतने वाली केवल दूसरी टीम बन गई है। इससे पहले 1998 में फ्रांस ने अपनी मेजबानी में आयोजित विश्व कप में यह कारनामा किया था। अब मेक्सिको ने भी उस प्रतिष्ठित सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
दूसरी ओर दक्षिण कोरिया के लिए यह हार निराशाजनक रही। टीम ने पूरे मैच में संघर्ष किया और कई अच्छे अवसर भी बनाए,लेकिन फिनिशिंग की कमी और मेक्सिको के गोलकीपर के शानदार प्रदर्शन ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अब दक्षिण कोरिया को अगले दौर में पहुँचने की संभावना बनाए रखने के लिए अपने आगामी मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
फिलहाल मेक्सिको का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। घरेलू दर्शकों के समर्थन और लगातार दो जीतों ने टीम को विश्व कप के प्रमुख दावेदारों में शामिल कर दिया है। यदि टीम इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखती है,तो वह टूर्नामेंट में लंबा सफर तय कर सकती है। ग्वाडलाहारा में मिली यह जीत मेक्सिको के विश्व कप अभियान की अब तक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है और इसने पूरे देश में उत्साह का माहौल बना दिया है।
