मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को दी भावुक विदाई तस्वीर क्रेडिट@Vijay27Advocate)

मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को दी भावुक विदाई,बोले- भारत और फ्रांस की दोस्ती अमर रहे

पेरिस,19 जून (युआईटीवी)- फ्रांस की सफल यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदाई के दौरान भारत और फ्रांस के बीच गहरी मित्रता की एक भावुक तस्वीर दुनिया के सामने देखने को मिली। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को गर्मजोशी के साथ विदाई दी और दोनों नेताओं के बीच हुई आत्मीय बातचीत ने एक बार फिर दोनों देशों के मजबूत संबंधों को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री मोदी अब फ्रांस और स्लोवाकिया की अपनी महत्वपूर्ण यात्रा पूरी कर भारत लौट रहे हैं,लेकिन उनकी इस यात्रा का समापन जिस भावनात्मक माहौल में हुआ,उसने अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति में व्यक्तिगत संबंधों की अहमियत को भी उजागर कर दिया।

पेरिस में विदाई के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ बिताए गए समय को याद करते हुए कहा कि नीस,एवियन और पेरिस में उनके साथ बिताए गए दिन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहे। मैक्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने का अवसर प्रदान किया है। उनके शब्दों में न केवल एक सहयोगी राष्ट्र के नेता का सम्मान झलक रहा था,बल्कि एक घनिष्ठ मित्र की आत्मीयता भी साफ दिखाई दे रही थी।

राष्ट्रपति मैक्रों की बात का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भी उसी गर्मजोशी के साथ प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुस्कुराते हुए राष्ट्रपति मैक्रों को फरवरी में भारत आने का अपना वादा याद दिलाया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति अपना वादा पूरा करें और भारत की यात्रा पर आएँ। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार उन्हें भारत में अधिक समय बिताना चाहिए,ताकि दोनों देशों के बीच सहयोग के नए आयामों पर और विस्तार से चर्चा हो सके।

प्रधानमंत्री मोदी की इस बात पर राष्ट्रपति मैक्रों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने फरवरी में भारत आने का वादा किया है और वह इस वादे को निभाएँगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी अगली यात्रा विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी और भारत के लिए होगी। इसके बाद दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर विदाई दी। यह दृश्य वहाँ मौजूद लोगों के लिए भी खास रहा और इसने दोनों नेताओं के व्यक्तिगत संबंधों की गहराई को दर्शाया।

विदाई से पहले राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए एक विशेष वीडियो संदेश भी रिकॉर्ड किया था। इस संदेश की सबसे खास बात यह रही कि मैक्रों ने इसकी शुरुआत हिंदी भाषा में की। उन्होंने हिंदी में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने और भारत-फ्रांस मित्रता की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें बेहद खुशी है कि प्रधानमंत्री मोदी नीस,एवियन और पेरिस आए। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भारत और फ्रांस की दोस्ती हमेशा अमर रहे।

राष्ट्रपति मैक्रों द्वारा हिंदी में दिया गया यह संदेश सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी हिंदी सही रही होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपना सच्चा मित्र बताते हुए कहा कि फ्रांस उन्हें बहुत पसंद करता है और उनके साथ मित्रता को बेहद महत्व देता है। मैक्रों ने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपने सम्मान और स्नेह को शब्दों में पूरी तरह व्यक्त नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी कहा कि वह अगले वर्ष भारत आने के लिए उत्साहित हैं और एक बार फिर दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने की उम्मीद रखते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच मित्रता पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुई है। रक्षा,अंतरिक्ष,ऊर्जा,प्रौद्योगिकी,शिक्षा और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में भारत और फ्रांस के बीच सहयोग बढ़ा है। दोनों नेता विभिन्न वैश्विक मंचों पर भी एक-दूसरे के साथ लगातार संवाद करते रहे हैं। यही कारण है कि दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के सबसे सफल उदाहरणों में गिना जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। राष्ट्रपति मैक्रों के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री सबसे पहले नीस पहुँचे थे,जहाँ उन्होंने कई अहम बैठकों में भाग लिया। इसके बाद वह स्लोवाकिया की यात्रा पर गए,जहाँ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। स्लोवाकिया यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए एवियन पहुँचे।

जी-7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाकात की और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इसके बाद उन्होंने पेरिस में आयोजित वीवा टेक्नोलॉजी सम्मेलन में भी हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता,डिजिटल नवाचार,स्टार्टअप और उभरती तकनीकों पर व्यापक चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की तकनीकी प्रगति और डिजिटल परिवर्तन की उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया।

इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच प्रौद्योगिकी,निवेश और रक्षा सहयोग से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंधों का सकारात्मक प्रभाव दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों पर भी पड़ रहा है। यही कारण है कि भारत और फ्रांस के बीच सहयोग लगातार नए क्षेत्रों तक विस्तार कर रहा है।

राष्ट्रपति मैक्रों द्वारा साझा किया गया एक वीडियो भी हाल के दिनों में काफी चर्चा में रहा। इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के विभिन्न पलों को दिखाया गया था और इसमें एक लोकप्रिय बॉलीवुड गीत का इस्तेमाल किया गया था। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और दोनों देशों के नागरिकों ने इसे खूब पसंद किया। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि राजनीतिक और कूटनीतिक संबंधों के साथ-साथ सांस्कृतिक जुड़ाव भी भारत और फ्रांस की मित्रता को मजबूत बना रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा कई मायनों में महत्वपूर्ण रही। जहाँ एक ओर इसने भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा दी,वहीं दूसरी ओर दोनों नेताओं की व्यक्तिगत मित्रता ने दुनिया को यह संदेश भी दिया कि मजबूत अंतर्राष्ट्रीय संबंध केवल समझौतों और बैठकों से नहीं,बल्कि आपसी विश्वास,सम्मान और मित्रता से भी बनते हैं। पेरिस में हुई यह भावुक विदाई इसी गहरे संबंध का प्रतीक बनकर सामने आई है।