ग्लासगो ने अहमदाबाद को ज़िम्मेदारी सौंपकर कॉमनवेल्थ गेम्स को अलविदा कहा

ग्लासगो ने अहमदाबाद को ज़िम्मेदारी सौंपकर कॉमनवेल्थ गेम्स को अलविदा कहा

नई दिल्ली,4 अगस्त (युआईटीवी)- स्कॉटलैंड के ग्लासगो में एक शानदार क्लोजिंग सेरेमनी के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन हुआ। इस दौरान शहर ने आधिकारिक तौर पर कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा भारत के अहमदाबाद को सौंपा,जो 2030 के गेम्स का मेज़बान शहर है। इस प्रतीकात्मक हस्तांतरण के साथ ही भारत में चार साल बाद कॉमनवेल्थ देशों के एथलीटों और प्रशंसकों के स्वागत की तैयारियों की शुरुआत हो गई।

क्लोजिंग सेरेमनी में एकता,विविधता और खेल-कौशल की उस भावना का जश्न मनाया गया,जिसने इन गेम्स को खास बनाया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों,संगीत और एथलीटों की परेड के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में स्कॉटलैंड की समृद्ध विरासत को दिखाया गया और साथ ही गेम्स को यादगार और सफल बनाने के लिए वॉलंटियर्स,आयोजकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

शाम के सबसे बहुप्रतीक्षित पलों में से एक था अहमदाबाद के प्रतिनिधियों को कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा आधिकारिक तौर पर सौंपना। इस समारोह के दौरान भारत की परंपराओं, संगीत,नृत्य और आधुनिक आकांक्षाओं को दर्शाती एक जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई,जिससे दुनिया को 2030 में होने वाले आयोजन की एक झलक मिली।

ग्लासगो में भारत का अभियान सफल रहा,जहाँ उसके खिलाड़ियों ने वेटलिफ्टिंग, पैरा-एथलेटिक्स,जूडो,एथलेटिक्स और रेसलिंग जैसे कई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया। कई भारतीय खिलाड़ी मेडल जीतकर स्वदेश लौटे,जिससे अंतर्राष्ट्रीय खेल जगत में देश की बढ़ती ताकत और मज़बूती का पता चला।

अहमदाबाद के लिए 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी करना एक ऐतिहासिक पल होगा। उम्मीद है कि कॉमनवेल्थ के सबसे बड़े मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में से एक के आयोजन के लिए शहर वर्ल्ड-क्लास स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर, खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं,ट्रांसपोर्ट और मेहमाननवाज़ी पर भारी निवेश करेगा।

अधिकारियों ने भरोसा जताया कि ये गेम्स भारत की आयोजन क्षमता,खेल संस्कृति और शानदार मेहमाननवाज़ी को दुनिया के सामने पेश करेंगे और साथ ही भविष्य के खिलाड़ियों के लिए एक यादगार विरासत भी छोड़ेंगे।

अब जब कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा भारत की ओर बढ़ रहा है,तो ध्यान ग्लासगो के सफल आयोजन से हटकर अहमदाबाद के बड़े विज़न पर केंद्रित हो गया है। तैयारी के लिए चार साल का समय है और भारत एक ऐसे ग्लोबल स्पोर्ट्स इवेंट की मेज़बानी की अपनी यात्रा शुरू करने के लिए तैयार है,जो लाखों लोगों को प्रेरित करेगा और अंतर्राष्ट्रीय खेलों में देश की स्थिति को और मज़बूत करेगा।