वाशिंगटन,30 अक्टूबर (युआईटीवी)- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक सवाल पूछे जाने पर ट्रंप इस कदर नाराज हो गए कि उन्होंने सवाल का जवाब देने के बजाय पत्रकार पर ही निजी हमला शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने पत्रकार की शारीरिक बनावट का मजाक उड़ाते हुए उसे अपनी फिटनेस पर ध्यान देने की सलाह भी दे डाली। ट्रंप की इस टिप्पणी को लेकर आलोचकों ने उनकी निंदा की है। यह पूरा विवाद उस समय हुआ,जब पत्रकार ने राष्ट्रपति से उनकी सेहत और हाल ही में रद्द की गई चुनावी रैलियों को लेकर सवाल किया था।
दरअसल,अमेरिका में आगामी मध्यावधि चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। हालाँकि,हाल ही में उन्होंने कैंसस और आयोवा में प्रस्तावित अपनी दो चुनावी रैलियों में शामिल नहीं होने का फैसला किया। इसी फैसले को लेकर एक पत्रकार ने उनसे सवाल किया कि क्या कई हफ्तों तक लगातार चुनाव प्रचार करने के कारण उनकी तबीयत पर असर पड़ा है? क्या स्वास्थ्य संबंधी किसी परेशानी की वजह से उन्होंने इन दोनों राज्यों की रैलियों में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है?
पत्रकार का यह सवाल सुनते ही ट्रंप नाराज हो गए। उन्होंने पत्रकार को जवाब देते हुए कहा, ”ओह, तुम यह सवाल पूछकर बीमार हो। तुम बीमार हो।” जब पत्रकार ने स्पष्ट किया कि वह केवल राष्ट्रपति की सेहत के बारे में जानना चाहता है और उसका सवाल किसी अन्य उद्देश्य से नहीं था,तब भी ट्रंप शांत नहीं हुए। उन्होंने सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय पत्रकार की शारीरिक बनावट पर टिप्पणी करना शुरू कर दिया।
ट्रंप ने पत्रकार की तरफ इशारा करते हुए उसकी नकल उतारी और कहा, ”इस आदमी को देखो। वह बहुत खराब हालत में है।” इसके बाद उन्होंने पत्रकार को अपमानित करते हुए कहा कि वह घिनौना दिखता है और उसे खुद को ठीक करना चाहिए। इस तरह ट्रंप ने स्वास्थ्य से जुड़े सवाल को व्यक्तिगत टिप्पणी में बदल दिया। उनके इस व्यवहार को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में आलोचना शुरू हो गई है।
President Trump lashes out on a Reuters journalist:
You are sick. You are a sick guy. Reuters is terrible.
Look at this guy. He is out of shape.
You are disgusting! Put yourself in shape. You look like hell.
https://t.co/dmEX8VVtp2
— Tabz (@TabzLIVE) October 29, 2026
हालाँकि,पत्रकार पर टिप्पणी करने के बाद ट्रंप ने अपनी सेहत को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने दावा किया कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं है। राष्ट्रपति ने कहा कि वह पिछले दो सप्ताह से अपनी सेहत पर लगातार नजर रख रहे हैं और बिल्कुल अच्छा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि चुनावी रैलियों में शामिल नहीं होने के उनके फैसले को स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
ट्रंप और पत्रकार के बीच यह विवाद ऐसे समय में हुआ है,जब राष्ट्रपति ने कैंसस और आयोवा में होने वाली दो महत्वपूर्ण चुनावी रैलियों को रद्द करने का फैसला किया है। इन दोनों राज्यों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए मुकाबला चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में ट्रंप की ओर से रैलियों में शामिल नहीं होने के फैसले ने राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
कार्यक्रम के अनुसार,कैंसस के सलीना में शनिवार को और आयोवा के डब्यूक में रविवार को चुनावी रैलियां आयोजित की जानी थीं। इन कार्यक्रमों में ट्रंप को रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करना था। हालाँकि,राष्ट्रपति ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कैंसस जाने की जरूरत से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि वहां जाने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने राज्य में रिपब्लिकन सीनेटर रोजर मार्शल की जीत की संभावनाओं पर भरोसा जताया।
इसके बाद रिपब्लिकन नेशनल कमेटी ने आयोवा में प्रस्तावित रैली रद्द होने की भी पुष्टि कर दी। दोनों कार्यक्रमों के रद्द होने के बाद यह सवाल उठने लगा कि आखिर ट्रंप ने इन राज्यों में व्यक्तिगत रूप से जाकर प्रचार करने से दूरी क्यों बनाई है। इसी संदर्भ में पत्रकार ने उनकी सेहत को लेकर सवाल पूछा था,जिस पर राष्ट्रपति भड़क गए।
दोनों राज्यों में व्यक्तिगत रूप से चुनावी कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने के बावजूद ट्रंप ने प्रचार अभियान से पीछे हटने का फैसला नहीं किया है। राष्ट्रपति के चुनाव प्रचार से जुड़े फंडिंग समूह मैगा इंक ने जानकारी दी है कि ट्रंप इन राज्यों में खुद जाने के बजाय टेली-रैलियों के माध्यम से रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे।
इस योजना के तहत चुनाव से पहले कैंसस और आयोवा सहित कम से कम 19 राज्यों में टेली-रैलियाँ आयोजित की जाएँगी। इन कार्यक्रमों के जरिए ट्रंप दूर रहकर भी मतदाताओं को संबोधित कर सकेंगे और रिपब्लिकन उम्मीदवारों के पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे।
आँकड़ों के मुताबिक, 1 अक्टूबर से अब तक ट्रंप रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में 19 राज्यों में कुल 25 चुनावी रैलियाँ कर चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि मध्यावधि चुनावों को लेकर वह लगातार सक्रिय हैं। हालाँकि,अब कुछ कार्यक्रमों में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के बजाय डिजिटल माध्यम का सहारा लेने की रणनीति अपनाई जा रही है।
अमेरिका में होने वाले आगामी मध्यावधि चुनावों को राष्ट्रपति ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन चुनावों के परिणाम से यह तय होगा कि रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी सीनेट और प्रतिनिधि सभा में अपना बहुमत बरकरार रख पाती है या नहीं।
अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था में मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच आयोजित होते हैं। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा की सभी सीटों और सीनेट की कुछ सीटों पर मतदान होता है। इसके नतीजे राष्ट्रपति की राजनीतिक स्थिति और उनके प्रशासन के लिए काफी अहम होते हैं। यदि सत्तारूढ़ पार्टी अपना बहुमत बरकरार रखने में सफल रहती है,तो उसे संसद में अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। वहीं, बहुमत खोने की स्थिति में राष्ट्रपति को कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
यही वजह है कि ट्रंप रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में लगातार प्रचार कर रहे हैं। कैंसस और आयोवा जैसे राज्यों में पार्टी के उम्मीदवारों की स्थिति को देखते हुए इन क्षेत्रों में चुनाव प्रचार को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दो चुनावी रैलियां रद्द करने के बावजूद ट्रंप शुक्रवार को एक अन्य चुनावी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए फ्लोरिडा जा सकते हैं। इससे संकेत मिलता है कि राष्ट्रपति का चुनाव प्रचार अभियान जारी रहेगा। हालाँकि,हाल के दिनों में उन्होंने लगातार रैलियाँ करने से होने वाली शारीरिक थकान का भी जिक्र किया है।
इससे पहले सोमवार को मिसिसिपी में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने लगातार भाषण देने की चुनौतियों पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि भगवान ने इंसान को हर दिन चुनावी रैली करने के लिए वोकल कॉर्ड नहीं दिए हैं। उनके इस बयान को लगातार भाषण देने और चुनाव प्रचार के व्यस्त कार्यक्रम से जुड़ी थकान के संदर्भ में देखा गया।
गुरुवार को पत्रकार के सवाल पर उनकी नाराजगी और निजी टिप्पणी ने एक बार फिर उनके सार्वजनिक व्यवहार को चर्चा में ला दिया है। खास तौर पर किसी पत्रकार के सवाल का जवाब देने के बजाय उसकी शारीरिक बनावट पर टिप्पणी करने को लेकर आलोचना हो रही है। वहीं,ट्रंप ने अपनी सेहत को लेकर किसी भी तरह की चिंता से इनकार किया है।
फिलहाल कैंसस और आयोवा में रैलियां रद्द होने के बाद टेली-रैलियों के जरिए प्रचार जारी रखने की योजना बनाई गई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ट्रंप अपने चुनावी कार्यक्रमों में कितना बदलाव करते हैं और रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में उनका प्रचार अभियान किस दिशा में आगे बढ़ता है।
