कैब ड्राइवर पर पत्नी समेत परिवार के 7 लोगों की हत्या का आरोप (तस्वीर क्रेडिट@sethyjaat77)

बंगलूरू में दिल दहला देने वाला सामूहिक हत्याकांड,कैब ड्राइवर पर पत्नी समेत सात लोगों की हत्या का आरोप, परिवार के मासूम बच्चे को भी नहीं छोड़ा

बंगलूरू,6 नवंबर (युआईटीवी)- कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू से एक बेहद सनसनीखेज सामूहिक हत्याकांड का मामला सामने आया है। यहाँ 45 वर्षीय एक कैब ड्राइवर पर अपनी पत्नी और उसके परिवार के छह अन्य सदस्यों की बेरहमी से हत्या करने का आरोप लगा है। मृतकों में चार महिलाएँ,दो पुरुष और एक सात वर्षीय मासूम बच्चा शामिल है। शुरुआती जाँच में पुलिस को इस सामूहिक हत्याकांड के पीछे पारिवारिक विवाद और पत्नी के मायके वालों की कथित दखलंदाजी का संदेह है। पुलिस ने आरोपी शेखर उर्फ इंदुशेखर को गिरफ्तार कर लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार,आरोपी ने कथित तौर पर दो दिनों के भीतर अलग-अलग समय पर परिवार के सात सदस्यों को अपने घर बुलाया और उनकी हत्या कर दी। इस मामले के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

पुलिस की शुरुआती जाँच में सामने आया है कि आरोपी ने बंगलूरू के राजाजीनगर स्थित अपने घर में इस वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि उसने एक-एक करके पत्नी के परिवार के सदस्यों को घर बुलाया था। इनमें उसकी पत्नी, सास, दो साले और परिवार की दो बहुएँ शामिल थीं। इसके अलावा सात वर्षीय एक बच्चे की भी हत्या किए जाने का आरोप है। पुलिस को आशंका है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने कुछ शवों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर ठिकाने लगाने की कोशिश की। जाँचकर्ताओं की टीम अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ने में जुटी हुई है।

इस हत्याकांड में जान गंवाने वालों की पहचान आरोपी की पत्नी सुनीता, सास रूपावती, सालों शिवकुमार और शंकर, परिवार की बहुओं दिव्या और नलिनी तथा सात वर्षीय पुनीत के रूप में हुई है। एक ही परिवार के सात सदस्यों की हत्या की खबर से आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई है। सबसे दुखद पहलू यह है कि इस वारदात में एक मासूम बच्चे की भी जान चली गई। पुलिस के अनुसार,सात वर्षीय पुनीत का शव चिक्कबल्लापुर जिले में नंदी हिल्स के पास बरामद किया गया है।

जाँच एजेंसियों को संदेह है कि आरोपी ने हत्या के बाद शवों को अलग-अलग जगहों पर पहुँचाने की योजना बनाई थी। कुछ शवों को ठिकाने लगाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर ले जाने की बात भी जाँच में सामने आई है। हालाँकि,सभी शवों को कहाँ ले जाया गया और किस परिस्थिति में उनकी हत्या हुई,इसकी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस की प्रारंभिक जाँच के मुताबिक,शेखर और सुनीता की शादी करीब 20 साल पहले हुई थी। शुरुआत में दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य बताया जा रहा है,लेकिन पिछले कुछ समय से उनके रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि जब भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा होता था,सुनीता के परिवार के सदस्य मामले में हस्तक्षेप करते थे और उसका पक्ष लेते थे।

पुलिस को संदेह है कि पत्नी के परिवार की लगातार दखलंदाजी से शेखर नाराज रहता था। उसे लगता था कि सुनीता के मायके वाले उसकी निजी जिंदगी और वैवाहिक रिश्ते में जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप कर रहे हैं। इसी बात को लेकर परिवार में तनाव बढ़ता गया। शुरुआती जाँच में इसी पारिवारिक विवाद को सामूहिक हत्याकांड की संभावित वजह माना जा रहा है।

हालाँकि,पुलिस ने अभी इस घटना के पीछे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जाँचकर्ताओं का कहना है कि आरोपी से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही हत्या के पीछे की पूरी कहानी सामने आ सकेगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस वारदात की योजना पहले से बनाई गई थी या फिर किसी विवाद के बाद आरोपी ने एक के बाद एक हत्याओं को अंजाम दिया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक,आरोपी ने अपने सालों शिवकुमार और शंकर को पार्टी करने के बहाने घर बुलाया था। दोनों जब उसके घर पहुँचे,तो कथित तौर पर आरोपी ने उनकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपनी सास और परिवार के अन्य सदस्यों को भी निशाना बनाया। जाँचकर्ताओं को आशंका है कि आरोपी ने सबसे पहले अपनी पत्नी सुनीता की हत्या की थी। हालांकि, पुलिस अभी इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि सातों हत्याएँ किस क्रम में हुईं और प्रत्येक घटना के समय क्या परिस्थितियाँ थीं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,आरोपी ने दो दिनों के भीतर परिवार के सदस्यों को अलग-अलग समय पर अपने घर बुलाया था। इस दौरान किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि घर बुलाने के पीछे इतनी गंभीर साजिश हो सकती है। पुलिस अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने सभी सदस्यों को बुलाने के लिए क्या बहाना बनाया था और क्या परिवार के किसी अन्य सदस्य को उसके इरादों के बारे में पहले से कोई जानकारी थी।

इस पूरे हत्याकांड का खुलासा तब हुआ,जब परिवार की सदस्य नलिनी लंबे समय तक लापता रही। उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने पर उसकी माँ ने श्रीरामपुरा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की और नलिनी के संपर्क में रहने वाले लोगों से पूछताछ की।

जाँच के दौरान पुलिस का संदेह शेखर पर गहराने लगा। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक,पूछताछ में कथित तौर पर कई हत्याओं में उसकी भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। इसके बाद मामला केवल गुमशुदगी तक सीमित नहीं रहा,बल्कि एक बड़े सामूहिक हत्याकांड के रूप में सामने आया।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नलिनी की गुमशुदगी की शिकायत से पहले परिवार के अन्य सदस्य कब और किन परिस्थितियों में लापता हुए थे। साथ ही यह भी जाँच की जा रही है कि आरोपी ने शवों को ठिकाने लगाने के लिए किन रास्तों और साधनों का इस्तेमाल किया।

जाँच के दौरान सात वर्षीय पुनीत का शव चिक्कबल्लापुर जिले में नंदी हिल्स के नजदीक बरामद किया गया। इस बरामदगी के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने सबूत मिटाने और वारदात को छिपाने के उद्देश्य से कुछ शवों को अलग-अलग स्थानों पर पहुँचाया था। फिलहाल पुलिस अन्य शवों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है और उन संभावित स्थानों की तलाश कर रही है,जहाँ शवों को ले जाने का संदेह है।

जाँच अधिकारी आरोपी से लगातार पूछताछ कर रहे हैं, ताकि घटनाओं का सही क्रम, हत्या का तरीका और वारदात में इस्तेमाल किए गए संभावित साधनों का पता लगाया जा सके। इसके अलावा पुलिस आरोपी के पारिवारिक संबंधों,पिछले विवादों और घटना से पहले की गतिविधियों की भी जाँच कर रही है।

सात लोगों की हत्या के इस मामले में आरोपी शेखर उर्फ इंदुशेखर पुलिस की गिरफ्त में है। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाना और सभी साक्ष्यों को एकत्र करना है। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने दो दिनों के भीतर इतनी बड़ी वारदात को कैसे अंजाम दिया और इसके बाद शवों को अलग-अलग स्थानों पर पहुँचाने की योजना कैसे बनाई।

इसके साथ ही पुलिस यह भी जानना चाहती है कि क्या हत्याकांड के पीछे केवल पारिवारिक विवाद ही वजह था या इसके अलावा भी कोई अन्य कारण मौजूद था। फिलहाल पत्नी के परिवार की कथित दखलंदाजी को हत्या की संभावित वजह माना जा रहा है,लेकिन अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जाँच के बाद ही सामने आएगा।

बंगलूरू में सामने आए इस सामूहिक हत्याकांड ने एक परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है। सात लोगों की मौत में एक मासूम बच्चे का शामिल होना इस घटना को और भी दुखद बना रहा है। पुलिस की जाँच जारी है और अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पूछताछ और अन्य साक्ष्यों से इस वारदात के पीछे की पूरी सच्चाई कब सामने आती है।