लॉस एंजिल्स,8 सितंबर (युआईटीवी)- अमेरिका के हवाई द्वीप समूह पर एक बार फिर शक्तिशाली तूफान का खतरा मंडरा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रीय मौसम सेवा और राष्ट्रीय हरिकेन केंद्र की ताजा जानकारी के अनुसार,हरिकेन लोवेल पश्चिमी हवाई द्वीपों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए राज्य के कुछ हिस्सों के लिए हरिकेन चेतावनी जारी की गई है,जबकि ओआहू के लिए उष्णकटिबंधीय तूफान की चेतावनी लागू की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
राष्ट्रीय मौसम सेवा के होनोलूलू कार्यालय के अनुसार,काउई और नीहाऊ के साथ-साथ इनके आसपास उत्तर, दक्षिण और पश्चिम की समुद्री सीमाओं में हरिकेन चेतावनी प्रभावी कर दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि लोवेल का केंद्र सोमवार रात से मंगलवार सुबह के बीच नीहाऊ के पास या उसके पश्चिमी हिस्से से गुजर सकता है। तूफान के इस संभावित मार्ग को देखते हुए काउई काउंटी में सोमवार रात से हरिकेन जैसी परिस्थितियाँ बनने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक,सोमवार दोपहर से ही मौसम में बदलाव दिखाई देना शुरू हो सकता है। हवाओं की रफ्तार बढ़ने के साथ बारिश और समुद्री परिस्थितियाँ भी तेजी से खराब हो सकती हैं। खास तौर पर पहाड़ी इलाकों में तेज हवाओं के झोंके चलने की संभावना है। पहाड़ों की हवा वाली ढलानों के अलावा दूसरी ढलानों पर भी तेज झोंके लोगों और संपत्तियों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। अधिकारियों ने कमजोर संरचनाओं और खुले में मौजूद वस्तुओं को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है।
राष्ट्रीय हरिकेन केंद्र ने लोवेल के कारण भारी बारिश की आशंका जताई है। लगातार और तेज बारिश से अचानक बाढ़ आने तथा भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। काउई काउंटी और हवाई के बिग आइलैंड के कुछ हिस्सों में इसका असर विशेष रूप से गंभीर रहने की आशंका है। पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में भारी बारिश के कारण जमीन खिसकने और सड़कों पर मलबा जमा होने की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
तूफान का खतरा केवल जमीन तक सीमित नहीं है। राष्ट्रीय हरिकेन केंद्र ने चेतावनी दी है कि लोवेल से पैदा होने वाली ऊँची समुद्री लहरें आने वाले कई दिनों तक हवाई के विभिन्न द्वीपों के आसपास बेहद खतरनाक समुद्री हालात पैदा कर सकती हैं। तेज लहरों के साथ समुद्र में खतरनाक वापसी वाली धाराएँ बन सकती हैं,जिन्हें रिप करंट कहा जाता है। ये धाराएँ तैराकों और समुद्र के किनारे जाने वाले लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। अधिकारियों ने समुद्र में जाने और खतरनाक तटीय क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है।
हवाई प्रशासन ने तूफान के खतरे को देखते हुए पहले से ही तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। हवाई के गवर्नर जोश ग्रीन ने तीन सितंबर को पूरे राज्य के लिए आपातकालीन घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे। इस घोषणा का उद्देश्य हरिकेन लोवेल के अलावा हरिकेन करिना, उष्णकटिबंधीय तूफान मैरी और हवाई को प्रभावित करने वाले अन्य संभावित तूफानों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना है। आपातकालीन घोषणा के जरिए राज्य और स्थानीय प्रशासन की एजेंसियों को जरूरत पड़ने पर अपने कर्मचारियों,उपकरणों और अन्य संसाधनों को तेजी से तैनात करने में मदद मिलेगी।
प्रशासन के लिए मौजूदा स्थिति इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि हवाई अभी पिछले तूफान से हुए नुकसान से पूरी तरह उबर नहीं पाया है। राज्य में हाल ही में आए उष्णकटिबंधीय चक्रवात लाला ने व्यापक नुकसान पहुँचाया था। तूफान के बाद लगभग 17 हजार बिजली उपभोक्ताओं को कई दिनों तक बिजली की समस्या का सामना करना पड़ा था। बिजली आपूर्ति बाधित होने से प्रभावित इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था और लोगों को सामान्य स्थिति में लौटने में काफी समय लगा।
दक्षिणी काउ जिले में भी तूफान के बाद हालात मुश्किल बने रहे। कई इलाकों की सड़कों पर कीचड़,बड़े-बड़े पत्थर और गिरे हुए पेड़ जमा हो गए थे। इससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। राहत और बहाली के काम के बावजूद कई स्थानों पर तूफान के प्रभाव के निशान दिखाई देते रहे। ऐसे समय में नए तूफान लोवेल का खतरा स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों के लिए अतिरिक्त चुनौती बन गया है।
हवाई पुलिस के अनुसार,एक व्यक्ति की मौत का संबंध संभवतः हरिकेन लाला से था। इसके अलावा एक अन्य मौत के भी तूफान से जुड़े होने की आशंका जताई गई है। हालाँकि,इन घटनाओं को लेकर परिस्थितियों और कारणों की समीक्षा की जा रही है। पिछले तूफान से हुई क्षति और जनहानि ने प्रशासन को नए तूफान के खतरे को लेकर और अधिक सतर्क कर दिया है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच हवाई के निवासियों के लिए आने वाले घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अधिकारियों की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा,बिजली और संचार व्यवस्था को बनाए रखना तथा जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव संसाधनों को तुरंत पहुँचाना है। भारी बारिश,तेज हवाओं,बाढ़,भूस्खलन और ऊँची समुद्री लहरों का संयुक्त खतरा कई क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।
हरिकेन लोवेल की दिशा और तीव्रता पर मौसम विशेषज्ञ लगातार नजर बनाए हुए हैं। तूफान के करीब आने के साथ चेतावनियों में बदलाव भी हो सकता है। ऐसे में स्थानीय लोगों को मौसम विभाग और प्रशासन की ताजा सूचनाओं पर ध्यान देने तथा समुद्र, पहाड़ी इलाकों और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। हवाई के लिए यह तूफान ऐसे समय में आया है,जब राज्य पहले ही पिछले चक्रवात से हुए नुकसान की भरपाई में जुटा है। इसलिए प्रशासन के लिए लोवेल से निपटना न केवल तत्काल आपदा प्रबंधन की परीक्षा है,बल्कि आने वाले दिनों में राज्य की राहत और पुनर्बहाली व्यवस्था के लिए भी बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
