भारतीय-कनाडियन गायक शुभ (तस्वीर क्रेडिट शुभवर्ल्डवाइड इंस्टाग्राम)

भारतीय मानचित्र विवाद पर शुभ ने दी प्रतिक्रिया,भारत दौरा रद्द होने पर जताया दुख

मुंबई,23 सितंबर (युआईटीवी)- कुछ दिन पूर्व भारतीय-कनाडियन गायक शुभ ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर भारत का गलत मानचित्र शेयर किया था,जिसके चलते लोगों ने उनका जमकर विरोध किया था। इसलिए उनका भारत दौरा भी रद्द कर दिया गया। अब भारत का दौरा रद्द होने पर उनका दर्द छलक पड़ा है।

अपने पर लग रहे आरोपों पर भारतीय-कनाडियन गायक शुभ ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय-कनाडियन गायक शुभ का इंडिया का दौरा रद्द कर दिया गया है। उनका जो म्यूजिक कॉन्सर्ट भारत में होने वाला था उसे रद्द कर दिया गया है। कुछ दिनों पहले शुभ ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर भारत का एक गलत मानचित्र शेयर किया था। जिसके कारण लोगों ने आपत्ति जताई थी। भारतीय-कनाडियन गायक शुभ का जमकर विरोध किया था। इसलिए उनका भारत में जो म्यूजिक कंसर्ट का दौरा था उसे रद्द कर दिया गया। जब उनका भारत का दौरा रद्द कर दिया गया,तो उसके बाद उनका दर्द छलक कर सामने आया है। इंस्टाग्राम पर उन्होंने एक लंबा चौड़ा पोस्ट शेयर करके उन्होंने सफाई दी है। उन्होंने अपने पोस्ट के माध्यम से कहा कि “पंजाब, भारत से आने वाले एक युवा रैपर गायक के रूप में, अपने संगीत को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर लाना मेरे जीवन का सपना था, लेकिन हाल की घटनाओं ने मेरी कड़ी मेहनत और प्रगति को प्रभावित किया है और मैं अपनी निराशा और दुख व्यक्त करने के लिए कुछ शब्द कहना चाहता था। मैं भारत में अपना दौरा रद्द होने से बेहद निराश हूं।’ मैं अपने देश में, अपने लोगों के सामने प्रदर्शन करने के लिए बहुत उत्साहित था। तैयारियाँ जोरों पर थीं और मैं पिछले दो महीनों से अपने दिल और आत्मा के साथ अभ्यास कर रहा था। मैं बहुत उत्साहित, खुश और प्रदर्शन करने के लिए तैयार था। लेकिन मुझे लगता है कि नियति की कुछ और ही योजना थी। ”

 

भारतीय-कनाडियन गायक शुभ (तस्वीर क्रेडिट शुभवर्ल्डवाइड इंस्टाग्राम)
भारतीय-कनाडियन गायक शुभ (तस्वीर क्रेडिट शुभवर्ल्डवाइड इंस्टाग्राम)

आगे उन्होंने कहा कि ‘भारत मेरा भी देश है। मेरा जन्म यहीं हुआ है। यह मेरे गुरुओं और मेरे पूर्वजों की भूमि है। जिन्होंने इस भूमि की आजादी, इसकी महिमा और परिवार के लिए बलिदान देने के लिए पलक भी नहीं झपकाई। पंजाब मेरी आत्मा है। पंजाब मेरे खून में है।आज मैं जो कुछ भी हूँ , पंजाबी होने के कारण हूँ। पंजाबी को देशभक्ति का सबूत देने की जरूरत नहीं है। इतिहास के हर मोड़ पर पंजाबियों ने इस देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। इसलिए मेरा विनम्र अनुरोध है कि हर पंजाबी को अलगाववादी या राष्ट्र-विरोधी के रूप में नामित करने से बचें। मेरी कहानी पर उस पोस्ट को पुनः साझा करने का मेरा इरादा केवल पंजाब के लिए प्रार्थना करना था क्योंकि पूरे राज्य में बिजली और इंटरनेट बंद होने की खबरें थीं। इसके पीछे कोई अन्य विचार नहीं था और मेरा इरादा निश्चित रूप से किसी की भावनाओं को ठेंस पहुँचाने का नहीं था। मेरे ऊपर लगे आरोपों ने मुझ पर गहरा असर डाला है। लेकिन जैसा कि मेरे गुरु ने मुझे सिखाया है, “मानस की जात सबै एकै पचनबो” (सभी मनुष्यों को एक समान माना जाता है) और मुझे सिखाया कि न डरो, न डरो, जो पंजाबियत का मूल है। मैं कड़ी मेहनत करना जारी रखूँगा। मैं और मेरी टीम जल्द ही बड़े और मजबूत होकर वापस आएँगे।”

 

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