अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@garrywalia_)

युद्धविराम के बाद ईरान पर अमेरिका की नई रणनीति,ट्रंप बोले- कृषि निर्यात के लिए बनेगा बड़ा बाजार,किसानों के लिए 11 अरब डॉलर राहत का ऐलान

वाशिंगटन,26 जून (युआईटीवी)- ईरान और अमेरिका के बीच हालिया तनाव, सैन्य कार्रवाई और उसके बाद बने युद्धविराम के माहौल के बीच अब दोनों देशों के संबंधों में एक नया आर्थिक पहलू सामने आता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि भविष्य में ईरान अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए एक बड़ा बाजार बन सकता है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ईरान के साथ बातचीत कर रही है और परिस्थितियाँ ऐसी बन रही हैं कि अमेरिका अपने किसानों के लिए एक नया निर्यात बाजार खोल सके। इसी के साथ उन्होंने अमेरिकी किसानों के लिए 11 अरब डॉलर की अतिरिक्त राहत राशि देने की घोषणा भी की,जिसे कांग्रेस की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।

व्हाइट हाउस में किसानों के सम्मान में आयोजित एक विशेष रात्रिभोज के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कृषि,व्यापार और विदेश नीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन का उद्देश्य केवल घरेलू कृषि क्षेत्र को मजबूत करना ही नहीं,बल्कि दुनिया भर में अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए नए बाजार भी तैयार करना है। इसी क्रम में उन्होंने ईरान का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल के घटनाक्रमों के बाद वहाँ अमेरिकी कृषि निर्यात की संभावनाएँ बन रही हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका ने इस दिशा में शुरुआती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि एक नया बाजार सामने आ रहा है और उसका नाम ईरान है। उनके अनुसार ईरान इस समय खाद्यान्न संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहा है और भविष्य में वह बड़ी मात्रा में गेंहूँ,मक्का और सोयाबीन जैसे कृषि उत्पादों की खरीद कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है,तो यह प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है और इसका लाभ सीधे अमेरिकी किसानों को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि ईरान को खाद्य जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर कृषि आयात करना पड़ सकता है। ट्रंप के अनुसार अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े कृषि उत्पादक देशों में शामिल है और वह ईरान की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। उन्होंने यह भी कहा कि इस व्यापारिक व्यवस्था के माध्यम से अमेरिका अपने कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाएगा तथा किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास करेगा।

राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है,जब हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण हालात के बाद युद्धविराम लागू हुआ है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद बातचीत की नई संभावनाएँ बनी हैं और अमेरिका इस अवसर का उपयोग आर्थिक और रणनीतिक दोनों दृष्टि से करना चाहता है। हालाँकि,ईरान की ओर से अब तक सार्वजनिक रूप से इस तरह की किसी संभावित कृषि व्यापार व्यवस्था की पुष्टि नहीं की गई है।

इससे पहले अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी संकेत दिया था कि ईरान को अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने के लिए उसकी फ्रीज की गई कुछ संपत्तियों का उपयोग करने की अनुमति दी जा सकती है। हालाँकि,इस संबंध में भी ईरानी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन इस संभावना को लेकर काफी आशावादी दिखाई दे रहा है।

अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी किसानों के लिए 11 अरब डॉलर की अतिरिक्त राहत राशि देने की घोषणा भी की। उन्होंने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह इस वित्तीय सहायता को जल्द मंजूरी दे,ताकि उन किसानों को राहत मिल सके,जिन्हें पिछली सरकार की नीतियों और नियमों के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था।

ट्रंप ने कहा कि विशेष फसलों की खेती करने वाले किसानों को इस राहत पैकेज से सबसे अधिक लाभ मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन की कई नीतियों ने कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुँचाया और अनेक उत्पादकों की आय प्रभावित हुई। उनका कहना था कि नई सहायता राशि किसानों को उस नुकसान से उबरने में मदद करेगी और उन्हें भविष्य के लिए अधिक मजबूत बनाएगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि कृषि मंत्री ब्रुक रोलिंस इस पूरी सहायता योजना के वितरण की निगरानी करेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राहत राशि पारदर्शी तरीके से योग्य किसानों तक पहुँचाई जाएगी। ट्रंप ने दोहराया कि सरकार किसानों को राहत के रूप में 11 अरब डॉलर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने अपनी सरकार की व्यापार नीति का भी उल्लेख किया और दावा किया कि उनके नेतृत्व में अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए दुनिया के कई नए बाजार खुले हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप में डेयरी उत्पादों के निर्यात के लिए पहले की तुलना में बेहतर अवसर मिले हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया ने 25 वर्षों से अधिक समय बाद अमेरिकी बीफ के आयात को मंजूरी दी है,जिसे उन्होंने अमेरिकी कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने भी अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद बढ़ाने का वादा किया है। ट्रंप के अनुसार उनकी सरकार लगातार ऐसे व्यापारिक समझौते कर रही है,जिनसे अमेरिकी किसानों को अधिक निर्यात के अवसर मिलें और वैश्विक बाजारों में उनकी हिस्सेदारी मजबूत हो।

राष्ट्रपति ने कृषि क्षेत्र के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाए गए घरेलू कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने एस्टेट टैक्स की सीमा बढ़ाई है,जिससे कृषि परिवारों को राहत मिली है। इसके अलावा खेती में उपयोग होने वाले उपकरणों पर प्रभाव डालने वाले इलेक्ट्रिक वाहन संबंधी संघीय नियमों को समाप्त किया गया है। उन्होंने पूरे वर्ष ई-15 ईंधन की बिक्री की अनुमति देने और पर्यावरण से जुड़े ‘वॉटर्स ऑफ द यूएस’ नियम को वापस लेने को भी किसानों के हित में उठाया गया कदम बताया।

अपने संबोधन में ट्रंप ने ईरान के खिलाफ हालिया सैन्य कार्रवाई का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई ने अमेरिका की बातचीत की स्थिति को मजबूत किया है। उनके अनुसार यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए जाते,तो ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकता था। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ा और अब वह ऐसी स्थिति में है,जहाँ बातचीत के माध्यम से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं है,बल्कि ऐसे हालात बनाना भी है,जिनसे आर्थिक सहयोग और व्यापार के नए अवसर पैदा हों। उनके अनुसार यदि ईरान के साथ कृषि व्यापार शुरू होता है,तो इसका लाभ दोनों देशों को मिल सकता है। एक ओर ईरान अपनी खाद्य जरूरतों को पूरा कर सकेगा,वहीं दूसरी ओर अमेरिकी किसानों को एक बड़ा निर्यात बाजार मिलेगा।

व्हाइट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री ब्रुक रोलिंस, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट, आंतरिक मंत्री डग बर्गम, स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर, सेंटर्स फॉर मेडिकेयर एंड मेडिकेड सर्विसेज के प्रशासक मेहमत ओज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा कृषि प्रधान राज्यों के गवर्नर,सीनेटर,प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान मेहमानों को अमेरिकी कृषि उत्पादों से तैयार विशेष व्यंजन परोसे गए। साथ ही उन्हें स्मृति-चिह्न के रूप में ऑर्गेनिक गार्डन के बीज और टमाटर का जैम भी भेंट किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य अमेरिकी कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का सम्मान करना और किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करना था।

अमेरिका लंबे समय से दुनिया के सबसे बड़े गेंहूँ,मक्का और सोयाबीन निर्यातकों में शामिल रहा है। अमेरिकी सरकारें समय-समय पर कृषि निर्यात को केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि विदेश नीति और रणनीतिक सहयोग के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में भी इस्तेमाल करती रही हैं। यही कारण है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ संभावित कृषि व्यापार को केवल व्यावसायिक अवसर नहीं,बल्कि व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा भी मान रहा है।

हालाँकि,इस पूरी योजना की सफलता काफी हद तक अमेरिका और ईरान के बीच भविष्य की बातचीत पर निर्भर करेगी। यदि दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली होती है और आर्थिक सहयोग का रास्ता खुलता है,तो अमेरिकी कृषि क्षेत्र को एक नया और बड़ा बाजार मिल सकता है। फिलहाल ट्रंप प्रशासन इस संभावना को लेकर उत्साहित है,जबकि दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या युद्धविराम के बाद शुरू हुई बातचीत वास्तव में व्यापारिक सहयोग में बदल पाएगी या नहीं।