हिंदी दिवस पर इजरायली राजदूत ने हिंदी में दी शुभकामनाएँ (तस्वीर क्रेडिट@hindus47)

हिंदी दिवस पर इजरायली राजदूत ने हिंदी में दी शुभकामनाएँ,बोले- दो प्राचीन भाषाओं का जीवंत रिश्ता

नई दिल्ली,14 सितंबर (युआईटीवी)- हिंदी दिवस के अवसर पर भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने देशवासियों को खास अंदाज में शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अपना बधाई संदेश हिंदी में जारी किया और भारत की भाषा तथा संस्कृति के प्रति अपने जुड़ाव का परिचय दिया। राजदूत ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में हिंदी और हिब्रू को दो प्राचीन लेकिन आज भी जीवंत भाषाएं बताया। उनका हिंदी में शुभकामना संदेश लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

रूवेन अजार ने अपने संदेश में कहा कि हिंदी और हिब्रू दोनों ही प्राचीन भाषाएँ हैं,जो आज भी पूरी तरह जीवंत हैं। उन्होंने हिंदी दिवस के अवसर पर इजरायल की ओर से भारत के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। राजदूत का यह संदेश दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव और आपसी मित्रता को भी दर्शाता है।

अपने वीडियो संदेश में राजदूत रूवेन अजार ने हिंदी में अपना परिचय देते हुए बताया कि वह करीब दो वर्ष पहले भारत आए थे। भारत आने के बाद उन्होंने हिंदी सीखना शुरू किया। उन्होंने कहा कि दो वर्ष के बाद हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी में देशवासियों को शुभकामनाएँ देना उनके लिए खास अनुभव है। उन्होंने भारतीयों को इस विशेष अवसर पर हार्दिक बधाई दी।

राजदूत का हिंदी में संदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह भारत की भाषा और संस्कृति के प्रति उनके व्यक्तिगत जुड़ाव को सामने लाता है। विदेशी राजनयिकों का स्थानीय भाषा सीखना आम तौर पर लोगों के बीच संवाद को आसान बनाने के साथ उस देश की संस्कृति के प्रति सम्मान को भी दर्शाता है। रूवेन अजार ने भारत में अपने कार्यकाल के दौरान हिंदी सीखने की कोशिश की और हिंदी दिवस पर उसी भाषा में शुभकामनाएँ देकर अपने इस प्रयास को सार्वजनिक किया।

भारत और इजरायल के संबंधों में राजनीतिक और रणनीतिक सहयोग के साथ-साथ सांस्कृतिक जुड़ाव भी लगातार देखने को मिलता है। इजरायल की ओर से भारत के विभिन्न त्योहारों और महत्वपूर्ण अवसरों पर शुभकामनाएँ दी जाती रही हैं। दोनों देशों के बीच मजबूत होते संबंधों के बीच ऐसे सांस्कृतिक अवसर आपसी समझ और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

इजरायली दूतावास की ओर से भारतीय त्योहारों में भागीदारी के कई उदाहरण सामने आए हैं। इससे पहले रक्षाबंधन के अवसर पर भी इजरायली दूतावास में यह पर्व मनाया गया था। इस दौरान भारतीय महिलाओं ने इजरायली दूतावास के राजनीतिक सलाहकार और युवा राजनयिक नित्तई बेन-हाइम को राखी बाँधी थी। इस मौके पर दूतावास की ओर से भारत और इजरायल के संबंधों को मजबूत दोस्ती का प्रतीक बताया गया था।

रक्षाबंधन के अवसर पर दूतावास की ओर से साझा किए गए संदेश में भारत और इजरायल की दोस्ती को भाई-बहन के रिश्ते जैसी मजबूत और खूबसूरत दोस्ती के रूप में पेश किया गया था। इस पहल के जरिए दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर बढ़ती नजदीकी और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान को सामने रखा गया।

हिंदी दिवस भारत में हिंदी भाषा के महत्व को रेखांकित करने वाला विशेष अवसर है। यह दिन हिंदी के प्रति सम्मान और इसके व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित करने के साथ भारतीय भाषाई विरासत की याद दिलाता है। ऐसे अवसर पर किसी विदेशी राजनयिक का हिंदी में शुभकामना संदेश देना सांस्कृतिक दृष्टि से भी खास माना जाता है।

रूवेन अजार का हिंदी संदेश भारत और इजरायल के बीच संबंधों के एक अलग पहलू को सामने लाता है। आमतौर पर दोनों देशों के रिश्तों की चर्चा रक्षा, तकनीक, कृषि, व्यापार और रणनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में होती है,लेकिन भाषा और संस्कृति के स्तर पर होने वाली ऐसी पहल दोनों देशों के बीच लोगों के जुड़ाव को मजबूत करने में मदद करती है।

राजदूत ने हिंदी सीखने के अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए यह संदेश दिया कि भाषा केवल बातचीत का माध्यम नहीं,बल्कि किसी देश की संस्कृति और समाज को समझने का भी महत्वपूर्ण रास्ता है। हिंदी दिवस पर हिंदी में शुभकामनाएँ देकर उन्होंने भारत के लोगों के साथ अपने जुड़ाव को एक अलग अंदाज में व्यक्त किया। उनके संदेश में भारत की भाषा के प्रति सम्मान और दोनों देशों की मित्रता की भावना साफ दिखाई दी।

इस तरह हिंदी दिवस पर इजरायली राजदूत का हिंदी में दिया गया संदेश भारत-इजरायल संबंधों में सांस्कृतिक और मानवीय जुड़ाव की एक झलक पेश करता है। दो प्राचीन भाषाओं हिंदी और हिब्रू का उल्लेख करते हुए उन्होंने न केवल भारतवासियों को शुभकामनाएँ दीं,बल्कि भाषा के माध्यम से दोनों देशों के बीच बढ़ती दोस्ती और आपसी सम्मान का संदेश भी दिया।