लंदन,14 सितंबर (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आयरलैंड और ब्रिटेन के उत्तरी आयरलैंड को एक होते देखने संबंधी बयान पर ब्रिटेन में राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। ट्रंप ने आयरलैंड की दो दिवसीय यात्रा के दौरान शनिवार को कहा था कि वह आयरलैंड और उत्तरी आयरलैंड को एक होते देखना पसंद करेंगे। उनके इस बयान के बाद ब्रिटेन के कई प्रमुख नेताओं ने स्पष्ट किया कि उत्तरी आयरलैंड यूनाइटेड किंगडम का अभिन्न हिस्सा है और उसकी संवैधानिक स्थिति को लेकर किसी बाहरी टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी की नेता केमी बैडेनोच ने ट्रंप के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति कई बार बिना पर्याप्त विचार किए ऐसी टिप्पणियाँ करते हैं। उन्होंने ट्रंप के उन पुराने बयानों का भी उल्लेख किया, जिनमें उन्होंने ग्रीनलैंड और कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बनाने की बात कही थी। बैडेनोच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तरी आयरलैंड यूनाइटेड किंगडम का हिस्सा है।
इसी दिन रिफॉर्म यूके पार्टी के नेता निगेल फराज ने भी ट्रंप की टिप्पणी से असहमति जताई। उन्होंने कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति की इस बात से सहमत नहीं हैं। फराज ने उत्तरी आयरलैंड को यूनाइटेड किंगडम का गर्वित और अभिन्न हिस्सा बताया। उनके बयान से साफ है कि ब्रिटेन के राजनीतिक वर्ग में ट्रंप की टिप्पणी को लेकर व्यापक सहमति नहीं है।
हालाँकि,ट्रंप के पूर्व प्रशासन से जुड़े एक प्रमुख अधिकारी ने इस बयान को अलग नजरिए से देखने की सलाह दी। अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी के पूर्व सांसद मिक मुलवेनी,जो ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान उत्तरी आयरलैंड के लिए उनके विशेष दूत रह चुके हैं, ने लोगों से राष्ट्रपति की टिप्पणी का जरूरत से ज्यादा अर्थ नहीं निकालने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रंप का यह बयान अमेरिकी विदेश नीति में किसी बदलाव का संकेत नहीं है।
ब्रिटेन की कम्युनिटीज सेक्रेटरी एंजेला रेनर ने भी ट्रंप के बयान को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप अपनी बातों को अपने नजरिए के अनुसार रखते हैं और जो उन्हें सही लगता है,वही कहते हैं। रेनर ने साथ ही यह स्पष्ट किया कि ब्रिटिश सरकार गुड फ्राइडे समझौते को लेकर पूरी तरह गंभीर है और आगे भी उसी दिशा में काम करती रहेगी।
गुड फ्राइडे समझौता उत्तरी आयरलैंड में लंबे समय तक चले राजनीतिक और सांप्रदायिक संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण समझौता माना जाता है। इस समझौते ने क्षेत्र में सत्ता साझेदारी और राजनीतिक स्थिरता का रास्ता तैयार किया था। ब्रिटिश सरकार की ओर से इस समझौते के प्रति प्रतिबद्धता दोहराया जाना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तरी आयरलैंड की संवैधानिक स्थिति का सवाल लंबे समय से संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा रहा है।
ट्रंप ने आयरलैंड की अपनी दो दिवसीय यात्रा रविवार को समाप्त की। यात्रा के अंतिम चरण में उन्होंने काउंटी क्लेयर स्थित अपने डूनबेग गोल्फ रिजॉर्ट का दौरा किया। इसी दौरान उन्होंने आयरिश ओपन के विजेता गोल्फ खिलाड़ी शेन लोरी को टूर्नामेंट की ट्रॉफी प्रदान की। ट्रंप की आयरलैंड यात्रा के दौरान राजनीतिक मुद्दों के साथ व्यापार और आर्थिक संबंधों से जुड़े विषय भी चर्चा में रहे।
यात्रा के समापन पर ट्रंप ने आयरिश व्हिस्की पर लगाए गए शुल्क को हटाने की घोषणा भी की। यह कदम आयरलैंड के साथ व्यापारिक संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे समय में जब ट्रंप के उत्तरी आयरलैंड संबंधी बयान पर ब्रिटेन में राजनीतिक बहस छिड़ी हुई थी,आयरलैंड के साथ व्यापार को लेकर उनकी घोषणा ने यात्रा के आर्थिक पक्ष को भी प्रमुखता दी।
ट्रंप के बयान ने एक बार फिर आयरलैंड और उत्तरी आयरलैंड के संबंधों तथा क्षेत्र की संवैधानिक स्थिति को अंतर्राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है। हालांकि ब्रिटेन के प्रमुख राजनीतिक नेताओं ने इसे लेकर अपनी असहमति जाहिर की है, वहीं ट्रंप के पूर्व अधिकारी ने इसे अमेरिकी नीति में बदलाव से जोड़ने से बचने की सलाह दी है। ब्रिटिश सरकार ने भी गुड फ्राइडे समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए संकेत दिया है कि उत्तरी आयरलैंड से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर उसका मौजूदा रुख कायम रहेगा।
