कोझिकोड,31 जुलाई (युआईटीवी)- केरल के वायनाड में हुए भीषण भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर 153 तक पहुँच गई है। अभी भी 98 लोग लापता हैं। क्षतिग्रस्त हो चुके घरों तक बचाव दल पहुँच रहे हैं और जो लोग लापता हुए हैं,उनकी तलाश की जा रही है। भूस्खलन से चूरलमाला,वेल्लारीमाला,मुंडकाईल और पोथुकालू इलाके सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इस इलाकों में रहने वाले लोग जो किसी तरह से अपनी जान बचा कर निकलने में कामयाब रहे,तबाही की इस भयावहता से वे सभी लोग बुरी तरह टूट चुके हैं।
मंगलवार रात तक एनडीआरएफ,सेना,वायु सेना,नौसेना,पुलिस,फायर फोर्स और स्थानीय लोगों की बचाव टीमें बचाव अभियान में लगी रहीं और बुधवार सुबह फिर से राहत और बचाव काम में लग गईं। जो लोग इस भीषण त्रासदी में बच गए हैं,बचाव दल उनकी तलाश कर रहे हैं।
मुंडकाईल क्षेत्र में कुछ नष्ट हो चुके घरों के सामने चिंतित परिजन बचाव दल का इंतजार कर रहे हैं कि वे मलबे में दबे-फँसे कुछ को जीवित खोज निकालेंगे। अभी भी प्रभावित स्थानों पर बारिश जारी है,जो बचाव अभियान में अवरोध उत्पन्न कर रही है। पूरे इलाकों में कीचड़ तथा बड़े-छोटे पत्थर भर गया है।
इस बीच,लोगों को पुलिस ने वायनाड की बिना कारण बताए यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। जो सड़कें प्रभावित स्थानों की ओर जाती है,उनमें से अधिकांश सड़कों पर लोगों की भीड़ जमा हो रही है,जिसके वजह से बचाव वाहनों के आवाजाही में बाधा उत्पन्न हो रही है।
बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए बचाव दल को प्रशिक्षित लोगों को शामिल कर मजबूत किया जा रहा है। मंगलवार देर रात तक एनडीआरएफ और रक्षा बचाव दल ने प्रभावित क्षेत्रों में फँसे 500 से अधिक लोगों को निकालने में कामयाब रहे।
