न्यूजीलैंड दौरे के लिए रवाना हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@ndtvindia)

मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड से मजबूत हुई भारत-ऑस्ट्रेलिया की खेल साझेदारी,न्यूजीलैंड दौरे के लिए रवाना हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

मेलबर्न,10 जुलाई (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी छह दिवसीय विदेश यात्रा के अंतिम चरण में ऑस्ट्रेलिया से न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पूरी करने के बाद वह 10 और 11 जुलाई को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इससे पहले मेलबर्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज के साथ विश्व प्रसिद्ध मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड का दौरा किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेल सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन रोडमैप का संयुक्त रूप से शुभारंभ किया। यह पहल दोनों देशों के बीच खेल,युवा सहभागिता,प्रतिभा विकास और खेल अवसंरचना के क्षेत्र में सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट मैदानों में शामिल इस ऐतिहासिक स्टेडियम में दोनों नेताओं ने खेल गतिविधियों का अवलोकन किया और खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस अवसर पर युवा खिलाड़ियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला। बच्चों और युवा खिलाड़ियों ने उनसे मुलाकात की,ऑटोग्राफ लिए और उनके साथ सामूहिक तस्वीरें भी खिंचवाईं। इस दौरान पूरे परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया की पुरुष क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एंथनी अल्बनीज से मुलाकात की तथा खेलों के माध्यम से दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग की सराहना की। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एंथनी अल्बनीज ने एक साथ सेल्फी भी ली,जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर भी होती रही।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि खेल भारत और ऑस्ट्रेलिया की रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि खेल दोनों देशों के लोगों को समान जुनून,आपसी सम्मान और मित्रता के सूत्र में बांधते हैं। उन्होंने लिखा कि एंथनी अल्बनीज के साथ प्रतिष्ठित मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड का दौरा करना उनके लिए अत्यंत सुखद अनुभव रहा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि खेलों के क्षेत्र में अधिक आदान-प्रदान, युवाओं की बढ़ती भागीदारी और आपसी सहयोग भारत तथा ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

प्रधानमंत्री ने युवा खिलाड़ियों के साथ अपनी मुलाकात का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में बच्चों और युवा खिलाड़ियों को क्रिकेट,कबड्डी तथा ऑस्ट्रेलियन रूल्स फुटबॉल खेलते हुए देखना बेहद प्रेरणादायक अनुभव रहा। उनके अनुसार खेलों में लोगों को जोड़ने और संस्कृतियों के बीच दूरी कम करने की अद्भुत क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेलों का रिश्ता लंबे समय से मजबूत रहा है और आने वाले वर्षों में यह साझेदारी और व्यापक रूप ले सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोनों देश आने वाले समय में कई बड़े वैश्विक खेल आयोजनों की मेजबानी करने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में खेल अवसंरचना,प्रतिभा विकास,कोचिंग,युवा सहभागिता और खेल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यदि दोनों देश मिलकर इन क्षेत्रों में कार्य करते हैं,तो न केवल खेलों का विकास होगा,बल्कि दोनों देशों के युवाओं के बीच भी मजबूत संबंध स्थापित होंगे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी इस दौरे की जानकारी साझा करते हुए कहा कि खेलों के माध्यम से संस्कृति,मित्रता और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने का यह महत्वपूर्ण अवसर रहा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एंथनी अल्बनीज ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड का दौरा किया और ऑस्ट्रेलिया के खेल समुदाय के प्रतिनिधियों से बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने स्थानीय बच्चों को प्रदर्शनी मुकाबलों में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए भी देखा।

रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों प्रधानमंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि खेल लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं। इसी सोच के साथ भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन रोडमैप की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य खिलाड़ियों,प्रशिक्षकों,खेल विशेषज्ञों और युवा प्रतिभाओं के बीच नियमित आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। इसके अलावा खेल विज्ञान,खेल तकनीक,प्रशिक्षण सुविधाओं और खेल प्रशासन के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर भविष्य की खेल संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 में भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है, जबकि वर्ष 2032 में ऑस्ट्रेलिया ओलंपिक खेलों की मेजबानी करेगा। ऐसे में अगले दशक में दोनों देशों के बीच खेल सहयोग स्वाभाविक रूप से और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि इन वैश्विक आयोजनों की तैयारियों के दौरान दोनों देश एक-दूसरे के अनुभवों से सीख सकते हैं और खेल प्रबंधन,आयोजन क्षमता तथा खिलाड़ियों के विकास के क्षेत्र में मिलकर काम कर सकते हैं।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट पहले से ही दोनों देशों को जोड़ने वाला सबसे मजबूत माध्यम रहा है। दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच लंबे समय से प्रतिस्पर्धात्मक और सम्मानजनक संबंध रहे हैं। अब यह साझेदारी केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रहकर कबड्डी,हॉकी,फुटबॉल,एथलेटिक्स और अन्य खेलों तक भी विस्तार लेने की दिशा में आगे बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि नया खेल सहयोग रोडमैप दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक खेल संबंधों को नई मजबूती देगा।

ऑस्ट्रेलिया की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। व्यापार,निवेश,शिक्षा,विज्ञान,प्रौद्योगिकी और ऊर्जा के साथ-साथ खेल को भी दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ माना गया। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम ने इस संदेश को और अधिक मजबूत किया कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं हैं,बल्कि वे संस्कृतियों को जोड़ने,युवाओं को प्रेरित करने और देशों के बीच विश्वास बढ़ाने का भी प्रभावी साधन हैं।

ऑस्ट्रेलिया दौरे के समापन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो चुके हैं। वह 10 और 11 जुलाई को ऑकलैंड में विभिन्न आधिकारिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने पर चर्चा करेंगे। इस प्रकार उनकी छह दिवसीय विदेश यात्रा का अंतिम चरण भी कूटनीतिक,आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन रोडमैप का शुभारंभ इस यात्रा की सबसे प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा। इससे यह स्पष्ट संकेत मिला है कि दोनों देश भविष्य में खेलों को केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित न रखकर मित्रता,युवा सशक्तीकरण और वैश्विक सहयोग के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।