प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

मोदी सरकार के 12 साल पूरे,नया रिकॉर्ड भी कायम: सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी,मंत्रियों ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियाँ

नई दिल्ली,9 जून (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल कर लिया है। 9 जून 2026 का दिन उनके राजनीतिक सफर के लिए ऐतिहासिक बन गया,क्योंकि उन्होंने स्वतंत्र भारत में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, जो दशकों से कायम था। यही नहीं,केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष भी पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए पिछले एक दशक से अधिक समय में सरकार की उपलब्धियों और विभिन्न क्षेत्रों में हुए बदलावों को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद वर्ष 2019 में उन्होंने लगातार दूसरी बार और 9 जून 2024 को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेतृत्व में तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रच दिया। 9 जून 2026 तक उनके कार्यकाल के 4,398 दिन पूरे हो चुके हैं। इसी के साथ वह स्वतंत्र भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों को भारतीय राजनीति और प्रशासन में व्यापक बदलावों के दौर के रूप में देखा जा रहा है। इस अवधि में केंद्र सरकार ने गरीब कल्याण, वित्तीय समावेशन,डिजिटल परिवर्तन,बुनियादी ढाँचे के विकास,महिला सशक्तिकरण,कृषि सुधार,स्टार्टअप संस्कृति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में कई योजनाएँ और पहल शुरू कीं। सरकार का दावा है कि इन प्रयासों ने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है और भारत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाई है।

इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुए बदलावों को रेखांकित करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने सेवा,सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण से लेकर महिला सशक्तिकरण तक,किसानों के हितों से लेकर युवाओं के लिए नए अवसरों के निर्माण तक,आधुनिक बुनियादी ढाँचे से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक,हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है। उनके अनुसार,यह अवधि केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की नहीं,बल्कि देश में आत्मविश्वास और विकास की नई सोच को स्थापित करने की भी रही है।

पीयूष गोयल ने विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों और उपलब्धियों से जुड़े आँकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि आज देश में हर महीने 81 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। यह दुनिया के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक माना जाता है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी जा चुकी है,जिससे लाखों परिवारों को पक्का आवास मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

महिला सशक्तिकरण को लेकर भी सरकार ने अपनी उपलब्धियों का उल्लेख किया। गोयल के अनुसार,महिलाओं के लिए 32 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले गए हैं,जिससे उन्हें औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है। इसके साथ ही 91 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया गया है। सरकार का मानना है कि वित्तीय स्वतंत्रता महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार है।

बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में भी सरकार ने अपनी उपलब्धियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। गोयल ने बताया कि देश के 26 शहरों में मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार 1,100 किलोमीटर से अधिक हो चुका है। इसके अलावा रेलवे क्षेत्र में आधुनिकता लाने के लिए वंदे भारत ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया,जिनकी संख्या बढ़कर 164 तक पहुँच चुकी है। हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए देश में हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 164 हो गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक,तेज और सुलभ बनाना रहा है।

स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में भी भारत ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार,देश में 2.2 लाख से अधिक स्टार्टअप स्थापित हुए हैं। सरकार का दावा है कि इन स्टार्टअप्स ने न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं,बल्कि भारत को नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी योगदान दिया है।

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में सरकार का मूल मंत्र “जन सेवा से जन शक्ति” रहा है। उनके अनुसार,सरकार की प्रत्येक पहल का उद्देश्य नागरिकों को अधिक अवसर,बेहतर सुविधाएँ और आर्थिक रूप से मजबूत भविष्य प्रदान करना रहा है।

निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री जन धन योजना को सरकार की सबसे महत्वपूर्ण पहलों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों में जमा राशि लगभग 3 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गई है। वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है,क्योंकि इससे करोड़ों लोगों को पहली बार बैंकिंग सेवाओं तक पहुँच मिली।

उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का भी उल्लेख किया,जिसे शहरी क्षेत्रों के रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए शुरू किया गया था। वित्त मंत्री के अनुसार,इस योजना के माध्यम से 1.15 करोड़ से अधिक सूक्ष्म ऋण वितरित किए गए हैं और इसके तहत 18,600 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। सरकार का दावा है कि इस पहल ने छोटे कारोबारियों को आर्थिक गतिविधियों को बनाए रखने और आगे बढ़ाने में मदद की है।

उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में जनकल्याण को शासन के केंद्र में रखा गया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का लक्ष्य केवल विकास दर बढ़ाना नहीं था,बल्कि विकास के लाभों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना भी था। उनके अनुसार,सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का काम किया है।

सिंधिया ने कहा कि बुनियादी ढाँचे के विकास,डिजिटल क्रांति,महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण और वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका जैसे क्षेत्रों में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि आज भारत अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। उनके अनुसार, 140 करोड़ भारतीयों का विश्वास और सहभागिता ही इस परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति है।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रधानमंत्री मोदी को ऐसा नेता बताया, जिन्होंने सत्ता को विशेषाधिकार नहीं बल्कि सेवा का माध्यम माना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का प्रत्येक निर्णय और प्रत्येक प्रयास देशहित को केंद्र में रखकर किया गया है। पुरी के अनुसार,प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली में अनुशासन,स्पष्ट दृष्टि और दीर्घकालिक सोच दिखाई देती है,जिसने भारत को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बड़े लक्ष्यों को केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने का प्रयास किया। यही कारण है कि देश के करोड़ों लोग उन्हें केवल एक राजनीतिक नेता के रूप में नहीं,बल्कि विकसित भारत के सपने को साकार करने वाली प्रेरक शक्ति के रूप में देखते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों के बीच भी व्यापक चर्चा हो रही है। समर्थकों का मानना है कि इस अवधि में भारत ने बुनियादी ढाँचे,डिजिटल तकनीक,वैश्विक कूटनीति और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। वहीं विपक्षी दल कई मुद्दों पर सरकार की नीतियों की आलोचना भी करते रहे हैं। हालाँकि,इसमें कोई संदेह नहीं कि नरेंद्र मोदी का राजनीतिक प्रभाव और जनाधार पिछले एक दशक से अधिक समय से भारतीय राजनीति की सबसे महत्वपूर्ण वास्तविकताओं में से एक बना हुआ है।

12 वर्षों का यह पड़ाव केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं,बल्कि भारतीय लोकतंत्र में एक नए अध्याय का प्रतीक भी माना जा रहा है। सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड हासिल करने के साथ नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित की है। अब देश की नजरें उनके तीसरे कार्यकाल की आगामी योजनाओं और विकसित भारत के उस विजन पर टिकी हैं,जिसे केंद्र सरकार आने वाले वर्षों में साकार करने का लक्ष्य बता रही है।