प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पहलगाम हमले की बरसी पर प्रधानमंत्री का संदेश,शहीदों को श्रद्धांजलि और आतंकवाद के खिलाफ अडिग संकल्प दोहराया

नई दिल्ली,22 अप्रैल (युआईटीवी)- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले को एक वर्ष पूरा होने पर पूरे देश ने शोक और संकल्प के साथ उस दर्दनाक घटना को याद किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत आतंकवाद के सामने कभी नहीं झुकेगा और देश की एकता और सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाते रहेंगे।

प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच के माध्यम से जारी संदेश में कहा कि पिछले वर्ष आज ही के दिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जिन निर्दोष नागरिकों ने अपनी जान गंवाई, उन्हें देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल पीड़ित परिवारों के लिए,बल्कि पूरे देश के लिए एक गहरा आघात थी। प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के साथ अपनी संवेदनाएँ साझा करते हुए कहा कि इस अपार दुख की घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है और उनकी पीड़ा को समझता है।

उन्होंने आगे कहा कि एक राष्ट्र के रूप में भारत इस तरह की घटनाओं से टूटने वाला नहीं है,बल्कि और अधिक मजबूती के साथ एकजुट होकर खड़ा होता है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि किसी भी रूप में आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आतंकियों के नापाक इरादे कभी सफल नहीं होने दिए जाएँगे। उनका यह संदेश देश के भीतर सुरक्षा के प्रति सरकार के सख्त रुख और दृढ़ निश्चय को दर्शाता है।

गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में उस समय यह भयावह हमला हुआ था,जब बड़ी संख्या में पर्यटक वहाँ घूमने के लिए पहुँचे थे। आतंकियों ने अचानक अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी,जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी,जिनमें कई पर्यटक भी शामिल थे। घटना की सबसे भयावह बात यह थी कि आतंकियों ने लोगों से उनका नाम और धर्म पूछकर उन्हें निशाना बनाया और महिलाओं तथा बच्चों के सामने ही गोली मार दी।

इस अमानवीय घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। देशभर में आक्रोश की लहर दौड़ गई और लोगों ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की। इसके बाद भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने सख्त कदम उठाते हुए आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू किया।

हमले के तुरंत बाद भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम से एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया। इस अभियान के तहत सीमा पार स्थित आतंकियों के कई ठिकानों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। बताया गया कि इस कार्रवाई में नौ प्रमुख आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया और सौ से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया। इस ऑपरेशन ने आतंकवादियों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया और भारत की सख्त प्रतिक्रिया का संदेश भी स्पष्ट रूप से सामने आया।

इसके बाद भी सुरक्षा बलों का अभियान जारी रहा और आतंकियों की तलाश में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। इस दिशा में सबसे बड़ी सफलता 28 जुलाई 2025 को मिली,जब ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत उन आतंकियों को ढूँढ़ निकाला गया,जो पहलगाम हमले के सीधे तौर पर जिम्मेदार थे। सेना ने उन्हें मुठभेड़ में मार गिराया,जिससे इस हमले के पीछे की साजिश को अंजाम देने वालों का अंत हुआ।

पहलगाम हमले की पहली बरसी पर देश ने न केवल पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी,बल्कि आतंकवाद के खिलाफ अपने संकल्प को भी दोहराया। इस मौके पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाएँ आयोजित की गईं और लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर शहीदों को याद किया। इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और इसके खिलाफ लगातार सतर्क और मजबूत रहने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है,जब देश सुरक्षा और शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रहा है। उनका यह बयान न केवल पीड़ित परिवारों के लिए सांत्वना का काम करता है,बल्कि पूरे देश को यह भरोसा भी दिलाता है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत पूरी ताकत के साथ डटा रहेगा।