नई दिल्ली,8 सितंबर (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने बड़ी संख्या में मौजूद लोगों को संबोधित किया और केंद्र तथा राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों को देश की प्रगति से जोड़ा। इस दौरान उन्होंने वडोदरा के लोगों की स्वच्छता पहल की भी जमकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन गुजरात और देश के लिए विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है,क्योंकि एक ही स्थान से हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत और लोकार्पण हो रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत गुजरात के लोगों का आभार जताते हुए की। उन्होंने कहा कि वह विकसित भारत की यात्रा को और गति देने के लिए लोगों के बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ी देर पहले देश के विकास से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के विभिन्न प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, इन परियोजनाओं का उद्देश्य देश में बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना,कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और विकास की गति को तेज करना है।
वडोदरा में आयोजित इस कार्यक्रम का एक खास पहलू शहर के लोगों की ओर से चलाया गया ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान रहा। प्रधानमंत्री ने इस अभियान की सराहना करते हुए वडोदरा के प्रत्येक नागरिक को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिस सेवाभाव के साथ पूरे शहर में स्वच्छता का अभियान चलाकर उनका स्वागत किया गया,वह प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए,बल्कि इसे हर परिवार और समाज की दैनिक आदत का हिस्सा बनना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वडोदरा में स्वच्छता को लेकर जिस तरह का वातावरण बनाया गया है,उससे यह स्पष्ट होता है कि स्वच्छता के प्रति लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब समाज खुद किसी अभियान से जुड़ता है तो उसका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक होता है। उन्होंने गणेश उत्सव का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस बार जब गणेश जी पधारेंगे तो सभी पर आशीर्वाद बरसेंगे। उनके इस संबोधन से कार्यक्रम में मौजूद लोगों में उत्साह देखने को मिला।
अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लाल किले से उन्होंने विकसित भारत के लिए ‘संकल्प की सप्तधारा’ का आह्वान किया है। इस सप्तधारा में गतिशक्ति को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। प्रधानमंत्री के मुताबिक,विकसित भारत के निर्माण के लिए ऐसी कनेक्टिविटी जरूरी है जो न केवल सुगम हो,बल्कि समय की जरूरत के अनुरूप तेज भी हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक भारत के विकास के लिए परिवहन और माल ढुलाई की व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है। सड़क, रेल, बंदरगाह और अन्य परिवहन माध्यमों को एक-दूसरे से जोड़कर देश की आर्थिक गतिविधियों को गति दी जा सकती है। इसी संदर्भ में उन्होंने वडोदरा को गतिशक्ति विश्वविद्यालय का शहर बताया और कहा कि यहां से देश में आधुनिक कनेक्टिविटी तथा लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में नई दिशा देने का काम हो रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की उपलब्धि को भी ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की आखिरी कड़ियाँ भी जुड़ गई हैं। इसके साथ ही 2800 किलोमीटर से अधिक लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट का काम पूरा हो गया है। उन्होंने इसे 21वीं सदी के भारत के लिए एक ऐतिहासिक कार्य बताया।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का उद्देश्य मालगाड़ियों के लिए अलग और अधिक प्रभावी रेल मार्ग उपलब्ध कराना है,जिससे माल परिवहन की गति बढ़ाई जा सके और यात्री रेल सेवाओं पर दबाव कम किया जा सके। प्रधानमंत्री ने इस परियोजना को भारत की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने वाली महत्वपूर्ण पहल के रूप में पेश किया। उनके अनुसार,बेहतर माल परिवहन व्यवस्था देश के उद्योग, व्यापार और विनिर्माण क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा करेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गतिशक्ति की अवधारणा का उद्देश्य देश के विभिन्न परिवहन माध्यमों को बेहतर तरीके से जोड़ना है। इससे सामान और लोगों की आवाजाही अधिक सुगम और तेज हो सकती है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए केवल बड़े शहरों में विकास पर्याप्त नहीं है,बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों को मजबूत कनेक्टिविटी से जोड़ना जरूरी है। आधुनिक बुनियादी ढाँचा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के साथ रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा करता है।
वडोदरा में हुए इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित कई सांसद, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में केंद्र और गुजरात सरकार की विभिन्न विकास परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया। प्रधानमंत्री ने इन परियोजनाओं को गुजरात के साथ-साथ देश के व्यापक विकास से जोड़ते हुए कहा कि आधुनिक बुनियादी ढाँचे के निर्माण से भारत को विकसित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री के संबोधन में विकास के साथ नागरिक भागीदारी पर भी विशेष जोर दिखाई दिया। उन्होंने वडोदरा के लोगों द्वारा स्वच्छता अभियान में दिखाई गई भागीदारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि विकास केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है। जब नागरिक भी विकास और स्वच्छता जैसे अभियानों में सक्रिय भागीदारी करते हैं,तब उसका प्रभाव व्यापक होता है। उन्होंने वडोदरा के नागरिकों को इस पहल के लिए धन्यवाद दिया और उनके सेवाभाव की सराहना की।
वडोदरा में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण ऐसे समय में हुआ है,जब केंद्र सरकार बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को देश की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख आधार बनाने पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि विकसित भारत के लक्ष्य के लिए परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और तेज बनाना आवश्यक है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने 2800 किलोमीटर से अधिक लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पूरा होने को देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उनके अनुसार,यह परियोजना भारत की माल परिवहन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लाने की क्षमता रखती है। इससे मालगाड़ियों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित करने और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने में मदद मिलेगी। साथ ही देश के औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स ढाँचे को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वडोदरा दौरा विकास,कनेक्टिविटी और नागरिक भागीदारी के संदेश पर केंद्रित रहा। एक ओर जहाँ 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ,वहीं दूसरी ओर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के 2800 किलोमीटर से अधिक हिस्से का काम पूरा होने को बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया। प्रधानमंत्री ने ‘संकल्प की सप्तधारा’ में गतिशक्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए तेज और सुगम कनेक्टिविटी जरूरी है। वडोदरा के लोगों के ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान की सराहना के साथ उन्होंने यह भी संदेश दिया कि देश के विकास में सरकार के साथ नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
