प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

राजस्थान से गुजरात तक विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे प्रधानमंत्री मोदी, 1.06 लाख करोड़ की योजनाओं के साथ जयपुर मेट्रो फेज-2 और सेमीकंडक्टर मिशन को मिलेगी रफ्तार

नई दिल्ली,4 जुलाई (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान और गुजरात के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे,जहाँ वे देश के बुनियादी ढाँचे,ऊर्जा,शहरी परिवहन, विमानन और सेमीकंडक्टर निर्माण क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस एक दिवसीय दौरे के दौरान प्रधानमंत्री राजस्थान में लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे,वहीं गुजरात में भारत के पहले सेमीकंडक्टर असेंबली एवं परीक्षण केंद्रों में से एक का उद्घाटन कर देश के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को नई दिशा देंगे। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे,बल्कि देश के औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी नई गति मिलेगी।

प्रधानमंत्री का कार्यक्रम सुबह राजस्थान के जोधपुर से शुरू होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह सुबह लगभग 10:45 बजे जोधपुर हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही संशोधित विमानन योजना की भी शुरुआत की जाएगी। नए टर्मिनल भवन के शुरू होने से जोधपुर आने-जाने वाले यात्रियों को आधुनिक सुविधाएँ मिलेंगी और क्षेत्र में हवाई संपर्क पहले की तुलना में अधिक सुगम होगा। पर्यटन,व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिहाज से भी इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि बेहतर विमानन सुविधाओं से पश्चिमी राजस्थान में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।

जोधपुर के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 12 बजे बालोतरा जिले के पचपदरा पहुँचेंगे,जहाँ वे लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण,उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर वह एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इन परियोजनाओं में ऊर्जा,बुनियादी ढाँचे, परिवहन और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं,जिनका उद्देश्य राजस्थान को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाना है।

प्रधानमंत्री पचपदरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की बहुप्रतीक्षित रिफाइनरी का उद्घाटन भी करेंगे। लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना को राजस्थान के औद्योगिक विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिफाइनरी के संचालन से पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन में वृद्धि होगी,परिवहन लागत कम होगी और राज्य में पेट्रोकेमिकल उद्योगों के विकास को भी नई गति मिलेगी। इसके साथ ही हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है,जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

इसी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण की आधारशिला भी रखेंगे। लगभग 13,037 करोड़ रुपये की लागत वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना राज्य की राजधानी जयपुर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। सरकार का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद शहर में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को सुरक्षित,तेज तथा सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।

जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण के तहत प्रहलादपुरा से तोड़ी मोड़ तक लगभग 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह कॉरिडोर शहर के प्रमुख औद्योगिक,व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा। इसके माध्यम से सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र,विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र,जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा,टोंक रोड,सवाई मानसिंह अस्पताल,सवाई मानसिंह स्टेडियम,कलेक्ट्रेट,जयपुर रेलवे स्टेशन, अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक निर्बाध मेट्रो कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। इससे लाखों यात्रियों को रोजाना बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी और शहर में निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने की संभावना है।

इस मेट्रो परियोजना में कुल 36 स्टेशन बनाए जाएँगे,जिससे जयपुर के तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों और घनी आबादी वाले इलाकों के बीच आवागमन अधिक आसान होगा। परियोजना का कार्यान्वयन राजस्थान मेट्रो रेल निगम लिमिटेड द्वारा किया जाएगा, जो केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार के बीच 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी वाला संयुक्त उपक्रम है। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद शहर की परिवहन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित,पर्यावरण के अनुकूल और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बन सकेगी।

राजस्थान के कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री गुजरात के अहमदाबाद जिले के साणंद पहुँचेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार वह शाम लगभग 4:30 बजे यहाँ पहुँचकर सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट केंद्र का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही इस अत्याधुनिक संयंत्र में व्यावसायिक उत्पादन की औपचारिक शुरुआत होगी। यह केंद्र भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है और इसे ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत विकसित देश के पहले सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण केंद्रों में शामिल किया गया है।

करीब 7,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से विकसित यह परियोजना भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वर्तमान समय में दुनिया भर में सेमीकंडक्टर चिप्स की माँग लगातार बढ़ रही है। मोबाइल फोन,कंप्यूटर,ऑटोमोबाइल,चिकित्सा उपकरण,रक्षा प्रणाली और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों सहित लगभग हर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण में सेमीकंडक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में भारत का इस क्षेत्र में उत्पादन क्षमता विकसित करना रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सीजी सेमी ओएसएटी केंद्र को सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण सेवाओं की पूरी श्रृंखला उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यहाँ वेफर सॉर्टिंग,चिप असेंबली,परीक्षण,पैकेज डिजाइन,विफलता विश्लेषण,परीक्षण कार्यक्रमों का विकास, उत्पाद की गुणवत्ता का मूल्यांकन और लॉजिस्टिक्स सहायता जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इससे देश में उच्च गुणवत्ता वाले सेमीकंडक्टर उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के सेमीकंडक्टर संयंत्र भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण उद्योग के विस्तार के लिए आधार तैयार करेंगे। इससे घरेलू उद्योगों को तकनीकी सहयोग मिलेगा,निवेश आकर्षित होगा और कुशल मानव संसाधन के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार लंबे समय से भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है और सेमीकंडक्टर मिशन को उसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री अपने गुजरात दौरे के दौरान उद्घाटन समारोह के बाद एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि अपने संबोधन में वह आत्मनिर्भर भारत,आधुनिक बुनियादी ढाँचे,तकनीकी नवाचार,औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है,जब केंद्र सरकार देशभर में बड़े पैमाने पर आधारभूत ढाँचे के विकास,आधुनिक परिवहन नेटवर्क,ऊर्जा सुरक्षा और उच्च तकनीक विनिर्माण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही है। राजस्थान में ऊर्जा,परिवहन और शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं तथा गुजरात में सेमीकंडक्टर उद्योग की नई शुरुआत को देश की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से संबंधित राज्यों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक विकास,निवेश,रोजगार और आधुनिक तकनीकी क्षमताओं को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।