रूस ने यूक्रेन की हवाई क्षेत्र संबंधी चेतावनी खारिज की (तस्वीर क्रेडिट@NewsDeshbandhu)

रूस ने यूक्रेन की हवाई क्षेत्र संबंधी चेतावनी खारिज की,आईसीएओ से की शिकायत

मॉस्को,5 सितंबर (युआईटीवी)- रूस ने यूक्रेन की उस चेतावनी को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें रूसी हवाई क्षेत्र को नागरिक विमानों के लिए असुरक्षित बताया गया था। रूसी विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन के इस नोटिस को तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने वाला बताया और कहा कि इससे रूस के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने वाले लोगों को गुमराह किया जा रहा है। मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि यूक्रेन की ओर से जारी चेतावनी की कोई कानूनी वैधता नहीं है। रूस ने इस मामले को अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन के लिए गंभीर मुद्दा बताते हुए अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन यानी आईसीएओ के समक्ष भी मामला उठाया है।

रूसी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान में कहा कि रूस ने यूक्रेन की कथित लापरवाह आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मंत्रालय के अनुसार,यूक्रेन की ओर से की गई टिप्पणियाँ नागरिक उड्डयन के लिए सीधे तौर पर खतरा पैदा करती हैं। रूस का कहना है कि हवाई क्षेत्र की सुरक्षा से संबंधित किसी भी चेतावनी को तथ्यों और अंतर्राष्ट्रीय नियमों के आधार पर जारी किया जाना चाहिए, न कि राजनीतिक या सैन्य परिस्थितियों को आधार बनाकर दूसरे देश के नागरिक उड्डयन को प्रभावित करने के लिए।

रूसी अधिकारियों ने बताया कि इस मामले को लेकर संबंधित रूसी एजेंसियाँ अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के संपर्क में हैं। रूस की ओर से आईसीएओ के महासचिव को एक तत्काल अपील भी भेजी गई है। मॉस्को का कहना है कि नागरिक विमानों की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है और इस विषय में किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। रूसी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वह अपने हवाई क्षेत्र में नागरिक उड्डयन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

यह विवाद उस समय सामने आया है,जब रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में हवाई हमलों की तीव्रता लगातार बनी हुई है। यूक्रेन की ओर से रूस के विभिन्न क्षेत्रों को निशाना बनाकर ड्रोन हमले किए जाने की खबरें आती रही हैं,जबकि रूस भी यूक्रेन के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमलों का इस्तेमाल करता रहा है। इसी सैन्य तनाव के बीच यूक्रेन ने अंतर्राष्ट्रीय विमानन कंपनियों को रूसी हवाई क्षेत्र के संबंध में चेतावनी जारी की।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइंस को चेतावनी दी थी कि रूसी हवाई क्षेत्र पूरी तरह असुरक्षित होता जा रहा है। उन्होंने कहा था कि यूक्रेन रूस की ओर से किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों में कथित बढ़ोतरी का जवाब दे रहा है। यूक्रेनी पक्ष की इस चेतावनी का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय विमानन कंपनियों को रूस के हवाई क्षेत्र से गुजरने वाली उड़ानों के संभावित जोखिमों के प्रति आगाह करना था। हालाँकि,रूस ने इसे स्वीकार करने के बजाय इसे भ्रामक और कानूनी आधार से रहित करार दिया है।

रूसी अधिकारियों ने अपने दावे के समर्थन में देश के विभिन्न हिस्सों में हुए हालिया ड्रोन और तोपखाने के हमलों का भी उल्लेख किया है। रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेनी सेना ने बेलगोरोद और मॉस्को क्षेत्रों को निशाना बनाकर सैकड़ों ड्रोन हमले किए। इन हमलों में एक नागरिक की मौत हुई और 21 अन्य लोग घायल हुए। रूस का कहना है कि इन घटनाओं से उसके सीमावर्ती तथा राजधानी के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ बढ़ी हैं।

बेलगोरोद के कार्यवाहक गवर्नर अलेक्जेंडर शुवायेव ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान क्षेत्र पर 178 हमले हुए। इनमें तोपखाने की गोलाबारी के साथ-साथ ड्रोन हमले भी शामिल थे। उनके अनुसार,इन हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई। बेलगोरोद क्षेत्र लंबे समय से यूक्रेन के साथ जारी संघर्ष के दौरान ड्रोन और गोलाबारी की घटनाओं से प्रभावित रहा है। रूस का आरोप है कि सीमा के नजदीक स्थित होने के कारण इस क्षेत्र को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

मॉस्को क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर ड्रोन हमलों की सूचना दी गई। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने कहा कि रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने बुधवार सुबह से गुरुवार दोपहर के बीच मॉस्को क्षेत्र को निशाना बनाने वाले 548 ड्रोन मार गिराए। इतनी बड़ी संख्या में ड्रोन को रोकने का दावा रूस की वायु रक्षा व्यवस्था के सामने मौजूद चुनौती की गंभीरता को दर्शाता है। हालाँकि,रूसी अधिकारियों के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल उपलब्ध नहीं है।

मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने बताया कि बोगोरोद्स्की जिले में एक संयंत्र में ड्रोन हमले के कारण आग लग गई। उन्होंने कहा कि आग पर काबू पाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन दल मौके पर काम कर रहे थे। रूस के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे हमलों के कारण न केवल सैन्य प्रतिष्ठानों,बल्कि औद्योगिक ढाँचे और आम नागरिकों की सुरक्षा को भी चुनौती पैदा हो सकती है।

हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर बढ़ा यह विवाद रूस और यूक्रेन के बीच व्यापक सैन्य संघर्ष के बीच कूटनीतिक तनाव को भी सामने लाता है। नागरिक उड्डयन को लेकर जारी चेतावनियां अंतर्राष्ट्रीय विमानन कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण होती हैं,क्योंकि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों के ऊपर या उनके आसपास उड़ानों के संचालन में सुरक्षा जोखिमों का आकलन करना पड़ता है। किसी हवाई क्षेत्र को असुरक्षित बताए जाने से वहाँ से गुजरने वाली अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के मार्ग और संचालन पर भी असर पड़ सकता है।

इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस सप्ताह की शुरुआत में रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच बातचीत फिलहाल रुक गई है। हालाँकि,उन्होंने यह भी कहा कि रूस ठोस आधार वाली बातचीत का समर्थन करता है और संघर्ष को समाप्त करने में व्यावहारिक योगदान देने वाले किसी भी प्रयास का स्वागत करेगा। पुतिन ने उन खबरों को भी खारिज किया था, जिनमें दावा किया गया था कि रूस स्टेट ड्यूमा चुनाव के बाद लामबंदी का नया दौर शुरू करने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने ऐसी खबरों को बकवास बताया।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा था कि उनका देश यूक्रेन और पूरे यूरोप में स्थायी तथा व्यापक शांति स्थापित करने की उम्मीद करता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मॉस्को उन सभी पक्षों से बातचीत के लिए तैयार है,जो संघर्ष के समाधान में वास्तविक योगदान देना चाहते हैं। पुतिन के अनुसार,रूस उन देशों के रुख का सम्मान करता है,जो सैन्य टकराव के बजाय शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करते हैं।

हालाँकि,जमीनी स्तर पर सैन्य गतिविधियां जारी रहने के कारण शांति वार्ता की संभावनाओं को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। एक ओर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले तेज करने के आरोप लगा रहे हैं,वहीं दूसरी ओर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की ओर से संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास किए जाते रहे हैं। हवाई क्षेत्र को लेकर सामने आया ताजा विवाद भी इसी व्यापक तनाव का हिस्सा है।

रूस की ओर से आईसीएओ में शिकायत किए जाने के बाद अब यह मामला अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन के मंच पर पहुँच गया है। मॉस्को चाहता है कि नागरिक उड्डयन से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय नियमों और सुरक्षा मानकों के आधार पर देखा जाए। दूसरी ओर यूक्रेन अपने हवाई क्षेत्र से जुड़े सुरक्षा आकलन और रूस की सैन्य गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय विमानन कंपनियों को चेतावनी दे रहा है।

फिलहाल दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और संघर्ष के कारण हवाई सुरक्षा का मुद्दा लगातार संवेदनशील बना हुआ है। रूस का कहना है कि वह नागरिक उड्डयन की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है,जबकि यूक्रेन का दावा है कि रूस के खिलाफ उसके सैन्य जवाबी अभियानों के कारण वहाँ उड़ानों के लिए जोखिम बढ़ रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में आईसीएओ की भूमिका और इस विवाद पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली चर्चा महत्वपूर्ण हो सकती है।