वॉशिंगटन,10 सितंबर (युआईटीवी)- रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी युद्ध को खत्म कराने की कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर संभावित प्रगति के संकेत दिए हैं। ट्रंप ने कहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पुतिन के साथ उनकी एक और द्विपक्षीय बैठक हो सकती है। हालाँकि,ट्रंप ने संभावित बैठक की तारीख या स्थान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उनके इस बयान के बाद रूस-यूक्रेन युद्ध के समाधान को लेकर कूटनीतिक गतिविधियाँ तेज होने की उम्मीद बढ़ गई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने यह टिप्पणी बुधवार को डलास की यात्रा के लिए एयर फोर्स वन में सवार होने से पहले पत्रकारों से बातचीत के दौरान की। उनसे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई उनकी हालिया बातचीत को लेकर सवाल पूछा गया था। इसके जवाब में ट्रंप ने बातचीत को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पुतिन के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई और रूसी राष्ट्रपति समझौता करना चाहते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की भी समझौते के लिए तैयार हैं तो यह अच्छी बात होगी।
ट्रंप के बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म कराने के लिए बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रूस और यूक्रेन के बीच संभावित समझौते की शर्तों को लेकर कितनी सहमति बन पाई है। ट्रंप ने अपनी बातचीत के दौरान किसी विशेष प्रस्ताव या योजना का विवरण भी सार्वजनिक नहीं किया।
जब अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा गया कि आखिर समझौते की राह में सबसे बड़ी बाधा क्या है, तो उन्होंने रूस और यूक्रेन के शीर्ष नेताओं के बीच खराब व्यक्तिगत संबंधों को इसका प्रमुख कारण बताया। ट्रंप ने कहा कि उनके हिसाब से सबसे बड़ी वजह यही है कि दोनों ऐसे लोग हैं,जो एक-दूसरे से नफरत करते हैं। उनके इस बयान से साफ है कि वह युद्ध को केवल रणनीतिक या क्षेत्रीय विवाद के रूप में नहीं देखते,बल्कि दोनों देशों के नेतृत्व के बीच गहरे अविश्वास को भी शांति प्रक्रिया में बड़ी रुकावट मानते हैं।
हालाँकि,ट्रंप ने अपनी और पुतिन की हालिया बातचीत से जुड़े कई सवालों के जवाब नहीं दिए। उन्होंने यह नहीं बताया कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत वास्तव में कब हुई थी। इसके अलावा उन्होंने बातचीत की अवधि और उसमें किन प्रस्तावों या मुद्दों पर चर्चा हुई, इसका भी खुलासा नहीं किया। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों देशों के बीच संभावित समझौते को लेकर पर्दे के पीछे किस स्तर की बातचीत चल रही है।
ट्रंप से यह भी पूछा गया कि ऐसी कौन सी नई परिस्थिति बनी है,जिसके कारण उन्हें अब युद्ध के समाधान की दिशा में प्रगति की उम्मीद दिखाई दे रही है। इसके जवाब में उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन और लोगों के साथ बातचीत के अनुभव का हवाला दिया। ट्रंप ने कहा कि उन्हें ऐसा इसलिए लगता है क्योंकि वह लोगों से बात करते हैं और उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी यही किया है। उन्होंने कहा कि वह समझौतों को लेकर जानते हैं और उनके आकलन के अनुसार रूस और यूक्रेन दोनों ही लगातार लड़ते-लड़ते थक चुके हैं।
ट्रंप का यह आकलन युद्ध की मौजूदा स्थिति को लेकर उनकी सोच को दर्शाता है। रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष में भारी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है और दोनों देशों को बड़े पैमाने पर सैन्य तथा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में युद्ध को समाप्त करने के लिए किसी समझौते तक पहुँचने का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ट्रंप ने भी युद्ध में हो रही मौतों को शांति समझौते की जरूरत बढ़ने की प्रमुख वजहों में शामिल किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि युद्ध के कारण पिछले महीने 25,000 लोगों की मौत हुई। उन्होंने इस आँकड़े का विस्तृत आधार या यह स्पष्ट नहीं किया कि इसमें दोनों पक्षों के सैन्यकर्मी और नागरिक किस अनुपात में शामिल हैं। फिर भी,ट्रंप ने इस आँकड़े का उल्लेख करते हुए युद्ध को जल्द खत्म करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके मुताबिक,लगातार हो रही मौतें इस बात को और महत्वपूर्ण बनाती हैं कि दोनों पक्ष किसी समझौते के रास्ते पर आगे बढ़ें।
ट्रंप ने पुतिन के साथ एक और द्विपक्षीय बैठक की संभावना से भी इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच फिर मुलाकात हो सकती है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ऐसी बैठक कब होगी या इसे किस स्थान पर आयोजित किया जा सकता है। इससे पहले भी ट्रंप और पुतिन के बीच युद्ध को लेकर बातचीत होती रही है और दोनों देशों के बीच संभावित शांति प्रक्रिया में अमेरिकी भूमिका को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।
ट्रंप की ओर से पुतिन के समझौते के लिए तैयार होने का दावा ऐसे समय में आया है,जब रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बना हुआ है। युद्ध के दौरान दोनों पक्षों के बीच विश्वास की कमी और क्षेत्रीय मुद्दों पर गहरे मतभेद किसी भी संभावित समझौते को कठिन बनाते हैं। ऐसे में केवल शीर्ष नेताओं की बातचीत ही पर्याप्त नहीं होगी,बल्कि किसी भी समझौते के लिए कई जटिल मुद्दों पर सहमति बनाना जरूरी होगा।
ट्रंप ने हालाँकि अपने बयान में उम्मीद जताई कि युद्ध से थके दोनों देश समझौते की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। उनका मानना है कि नेताओं के बीच सीधी बातचीत के जरिए कई मुश्किल मुद्दों को सुलझाया जा सकता है। उन्होंने अपने बातचीत और समझौते कराने के अनुभव का उल्लेख करते हुए यह संकेत दिया कि वह रूस और यूक्रेन के बीच किसी संभावित समझौते के लिए अपनी भूमिका को लेकर आशावादी हैं।
वहीं,रूस और यूक्रेन की ओर से इस बातचीत को लेकर क्या रुख सामने आता है,यह भी महत्वपूर्ण होगा। ट्रंप ने जहाँ पुतिन के समझौते की इच्छा जताई है,वहीं यूक्रेन की ओर से किसी संभावित समझौते की शर्तों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। दोनों देशों के बीच वर्षों से चले आ रहे संघर्ष के कारण किसी भी समझौते तक पहुँचना आसान नहीं होगा।
फिलहाल ट्रंप के ताजा बयान ने रूस-यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की संभावनाओं को लेकर नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है। पुतिन के साथ संभावित दूसरी द्विपक्षीय बैठक इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। हालाँकि,बैठक की तारीख,स्थान और एजेंडा अभी तय नहीं हुआ है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि ट्रंप और पुतिन के बीच अगली बातचीत कब होती है और क्या उससे युद्ध समाप्त करने की दिशा में कोई ठोस रास्ता निकल पाता है।
