हैदराबाद,20 जून (युआईटीवी)- हैदराबाद के चर्चित संध्या थिएटर भगदड़ मामले में टॉलीवुड सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। नामपल्ली क्रिमिनल कोर्ट ने अभिनेता को समन जारी करते हुए 22 जून को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। यह मामला पिछले वर्ष दिसंबर में फिल्म ‘पुष्पा 2: द रूल’ के प्रीमियर शो के दौरान हुई उस दुखद घटना से जुड़ा है, जिसमें एक महिला की जान चली गई थी,जबकि उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस हादसे ने न केवल फिल्म उद्योग,बल्कि पूरे तेलंगाना में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
यह घटना 4 दिसंबर 2024 को उस समय हुई थी जब बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पुष्पा 2: द रूल’ के प्रीमियर शो के लिए बड़ी संख्या में दर्शक संध्या थिएटर पहुँचे थे। इसी दौरान अभिनेता अल्लू अर्जुन भी थिएटर में फिल्म देखने और प्रशंसकों से मिलने पहुँचे थे। अभिनेता की मौजूदगी की खबर फैलते ही थिएटर परिसर और उसके आसपास हजारों की संख्या में लोग जमा हो गए। प्रशंसकों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण स्थिति धीरे-धीरे अनियंत्रित हो गई और देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
इस अफरा-तफरी के दौरान एम. रेवती नामक महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया,लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। वहीं उनका बेटा भी गंभीर रूप से घायल हुआ,जिसका लंबे समय तक इलाज चला। घटना के बाद पूरे राज्य में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया था। लोगों ने सवाल उठाया कि इतने बड़े सितारे की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विस्तृत जाँच शुरू की। जाँच के दौरान थिएटर प्रबंधन,निजी सुरक्षा कर्मियों और आयोजन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की गई। पुलिस ने निष्कर्ष निकाला कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था में कई स्तरों पर लापरवाही बरती गई थी। इसी आधार पर कुल 23 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें थिएटर प्रबंधन से जुड़े 10 लोग,अभिनेता की सुरक्षा में तैनात 8 बाउंसर और अन्य संबंधित व्यक्ति शामिल हैं। अल्लू अर्जुन को इस मामले में आरोपी नंबर 11 के रूप में नामित किया गया है।
जाँच पूरी होने के बाद पुलिस ने सभी 23 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट में गैर इरादतन हत्या सहित कई गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं। पुलिस का मानना है कि यदि सुरक्षा प्रबंधन बेहतर होता और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाते,तो इस दुखद हादसे को रोका जा सकता था।
घटना के कुछ दिनों बाद 13 दिसंबर 2024 को पुलिस ने अल्लू अर्जुन को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें नामपल्ली कोर्ट में पेश किया गया,जहाँ अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। हालाँकि,अभिनेता के वकीलों ने उसी दिन उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई। अदालत के आदेश के बाद अगले ही दिन अभिनेता जेल से रिहा हो गए थे। बाद में उन्हें नियमित जमानत भी प्रदान कर दी गई,जिससे उन्हें राहत मिली।
मामले की जाँच के दौरान पुलिस ने 24 दिसंबर 2024 को अभिनेता से लगभग तीन घंटे तक पूछताछ भी की थी। पूछताछ के दौरान पुलिस ने उन्हें घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और विभिन्न वीडियो दिखाए थे। अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या जानकारी साझा की गई थी और भीड़ नियंत्रण के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए थे। अभिनेता ने जाँच में सहयोग करने की बात कही थी और घटना पर दुख भी व्यक्त किया था।
अब इस मामले में अदालत की कार्रवाई एक महत्वपूर्ण चरण में पहुँच गई है। नामपल्ली क्रिमिनल कोर्ट ने अब तक 19 आरोपियों को समन जारी कर अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित होने के बाद मामले का औपचारिक ट्रायल शुरू किया जाएगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस की सुनवाई तेज हो सकती है और अदालत विभिन्न पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगी।
संध्या थिएटर भगदड़ मामला केवल एक आपराधिक जाँच तक सीमित नहीं है,बल्कि यह बड़े सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधन की चुनौतियों को भी उजागर करता है। फिल्मी सितारों के कार्यक्रमों में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों और आयोजकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। इस हादसे के बाद तेलंगाना में कई सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की गई थी।
फिलहाल सभी की नजरें 22 जून पर टिकी हुई हैं,जब अल्लू अर्जुन को अदालत में पेश होना है। इस दिन की कार्यवाही मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। वहीं पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी। दूसरी ओर,अभिनेता और अन्य आरोपियों के लिए भी यह कानूनी लड़ाई का अहम पड़ाव माना जा रहा है,जिसका असर आने वाले समय में पूरे मामले की सुनवाई पर पड़ सकता है।
